bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Braj
/
Braj (बृज भासा)
/
Romans 1
Romans 1
Braj (बृज भासा)
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 2 →
1
मैं,पौलुस जि चिठ्ठी, रोम की कलिसिया काजै लिख रयौऊं। मैं ईसू मसीह कौ सेबक, परमेस्वर के द्वारा भेजौ भयौ चेला चुनों गयौऊं, और सुभ समाचार पिरचार काजै बुलायौ गयौऊं।
2
जा सुभ समाचार के बारे में परमेस्वर की ओर ते बात बताबे बारेन नें पबित्र सास्त्र में पैहलेई घोसना कर दयी हती।
3
जि सुभ समाचार परमेस्वर के बेटा हमारे पिरभू ईसू मसीह के बारे में है।
4
बू आदमी के रूप में दाऊद के वंस में पैदा भयौ और पबित्र आतमा के द्वारा मरे भयेन में ते जिलाये जाबे की बजह ते सामर्थ के संग अपने कूं परमेस्वर कौ बेटा साबित करौ है। जेई ईसू मसीह हमारौ पिरभू है।
5
जाई के द्वारा हमें किरपा और भेजे भये चेला बनवे कौ अधिकार मिलौ है, जाते मैं ईसू मसीह के नाम में सब गैर यहुदियन में पिरचार करूं और बे सब लोग भरोसौ करके वाकी मानें।
6
बिनमें तुम लोगऊ हतो जो परमेस्वर के द्वारा ईसू मसीह के हैबे काजै बुलाए गयेऔ।
7
इन सब में तुम लोगऊ परमेस्वर के प्यारे और परमेस्वर के पबित्र लोग हैबे काजै बुलाए गये हैं। हमारे पिता परमेस्वर और पिरभू ईसू मसीह की ओर ते तुमें किरपा और सान्ती मिलती रैहबै।
8
तुम लोगन के भरोसे की चरचा सबरी दुनियां में है रयी है। जामारै सबनते पैहले मैं तुम सबन के काजै ईसू मसीह द्वारा अपने परमेस्वर कूं धन्यबाद देतूं।
9
परमेस्वर, जाकी सेबा में अपनी आतमा ते, वाके बेटा ईसू के सुभ समाचार के बारे में करतूं, बेई मेरौ गबाह है कै, मैं अपनी पिराथनान में तुम लोगन कूं लगातार याद करतौ रैहतूं।
10
मैं अपनी पिराथनान में सदाई बिनती करतूं कै, परमेस्वर की इच्छा ते तुमारे जौरे आबे की मेरी यात्रा काऊ ना काऊ तरैह ते पूरी होबे।
11
चौंकि मोय आप ते मिलबे की बड़ी इच्छा है, मैं आप कूं बिस्बास में सुदृढ़ बनाबे के काजै तुमकूं अऊं एक आतमिक वरदान दैबो चाहतूं,
12
मतलब कै, मैं चाहतूं कै तुम लोगन के य्हांपै रैहके तुमारे भरोसे ते उत्साहित होऊं और तुम मेरे भरोसे ते।
13
हे भईया बहनों, मैं तुम लोगन कूं बताबौ चाहतूं कै मैंनें बार बार तुमारे य्हां आबे की योजना बनाई, पर अब तक जामें कोई ना कोई बाधा आती रयी। मेरे आबे की बजैह जि हती कै जा तरैह ते मोय दूसरे गैर यहुदिन में मेरी सेबकाई कौ फल मिल रयौ है, बैसौई तुमारे बीच मेंऊ मिले।
14
मैं यूनानिन और गैर यूनानिन, बुद्धिमानन और बुद्धहीन सबन कूं सुभ समाचार सुनाबे काजै खुद कूं जिम्मेदार समझतूं।
15
जामारै मैं तुम रोम बासीन कूंअऊं सुभ समाचार सुनाबे काजै बेसबरी ते इन्तजार कर रयौऊं।
16
चौंकि मैं सुभ समाचार ते लज्जित नांय होत जि हर एक भरोसौ करबे बारे के काजै पहले यहुदी और फिर गैर यहुदिन के काजै उद्धार के काजै परमेस्वर की सामर्थ है।
17
चौंकि सुभ समाचार परमेस्वर की धारमिकता कूं बनातै। जि धारमिकता सुरुआत ते आखरी तक भरोसे पै टिकी भयी है। जैसौ कै पबित्र सास्त्र में लिखौ भयौ है कै, “भरोसे ते धरमी जन जीबित रैहबेगौ।”
18
परमेस्वर कौ कोप सुरग ते बिन लोगन के सब तरैह के पाप और अधर्म पै पिरकट होतै, जो बुराई के द्वारा सच्चाई कूं दबाये रखतै।
19
परमेस्वर के बारे में जो कछू जानों जा सकतै, बू बिनके बीच में साफ-साफ दिखतै, चौंकि परमेस्वर नें खुद उनें जि बातें दिखाई हैं।
20
चौंकि जा संसार की सुरूआत तेई वाके अनदेखे गुन साफ-साफ दिखाई देतैं। वाकी सदा काल की सक्ती और वाकौ परमेस्वरीय स्वभाव प्रकृति में वाके कामन के द्वारा देखौ जा सकतै। जामारै लोग काऊ तरैह कौ बहानों नांय बना सकत।
21
चौंकि बे लोग परमेस्वर कूं जानतै, पर बे बाय परमेस्वर के रूप में आदर और धन्यबाद नांय देत। जाके बदले बे बेकार की बातन नें सोचबे में लग गये और बिनकौ मूर्खतापूर्न मन अंधेरे ते भर गयौ।
22
बे खुद कूं बुद्धिमान समझतैं, पर बे मूर्ख हैं।
23
बिन्नें अबिनासी परमेस्वर की महिमा कूं नांसबान लोगन, चिरईयन, पसुअन, और रेंगबे बारे जन्तुअन की मूरत की समानता में बदर डारौ है।
24
जामारै परमेस्वर ने बिन्नें मन की बुरी इच्छान के हातन में सौंप दयौ है। ताकि बे एक दूसरेन के संग कुकर्म करके सरीरन कौ अनादर करबे लगें।
25
उन्होंने परमेस्वर के सच की जगैह पै झूंठ कूं अपनांयौ और सृस्टी की चीजन की उपासना और अराधना करी पर बा सृस्टिकर्ता की नांय, जो युगानुयुग तक धन्य है।
26
जामारै परमेस्वर नें बिनें नीच बासनाओं के हातन में सौंप दयौ है। य्हां तक कै बिनकी औरतें बिनते सम्बन्ध ना बनांयकै, औरतन के संग सम्बन्ध बनाबे लग गयीं।
27
बैसेई आदमी औरत के संग सम्बन्ध बनाबौ छोड़कै एक दूसरे के संग सम्बन्ध बनाबे की कामना करबे लग गये। आदमी नें आदमी के संग व्यभिचार करौ और जा तरैह ते बे अपने भ्रस्ट हैबे कौ ठीक फल भोग रये हैं।
28
चौंकि बिन्नें अपने जीबन में परमेस्वर कूं पहचानबे की कीमत नांय जानीं, जामारै परमेस्वर नेंऊ बिनें गलत काम करबे काजै, बिनके भ्रस्ट मन के हबाले कर दयौ।
29
बे हर तरैह के अधर्म, दुस्टता, लोभ और बुराई ते भर गये। बे ईरसा, हत्या, बैर, छल-कपट और जलन ते परिपूर्न हैं। बे चुगलखोर,
30
निन्दा करबे बारे, परमेस्वर के बैरी, हिसंक, घमन्डी और डींग मारने बारे लोग हैं। बे बुराई करबे में चतुर हैं, अपने माता-पिता की आग्या नांय मानते
31
और बिबेकहीन तथा बिसबास घाती हैं। उनमें पिरेम और दया का अभाव है।
32
बे जानतै कै, परमेस्वर न्याय करबे बारौ है, और ऐसे कामन की सजा मौत है, फिरऊ ना केवल खुद ऐसे कामन कूं करतै पर ऐसौ करबे बारेन कौ समर्थनऊ करतै।
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 2 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16