bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali GBM (Garhwali)
/
2 Corinthians 4
2 Corinthians 4
Garhwali GBM (Garhwali)
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 5 →
1
इलै जब परमेस्वर न हम पर अपणी दया कैरी अर हमतै ये लैख बणै कि हम वेकी महान सेवा कैरी सैका, त हम पिछनै किलै हटा।
2
अर हमुन इन ठाणियालि कि हम इन्द्रयो कुछ भि नि करुला ज्यां से कि हमतै सरम अऽ। अर हमुन कभि भि चालाकी चलि के तुमतै धोखा देण की कोसिस नि कैरी, जन कि कुछ लोग करदिन। अर ना ही हम परमेस्वर का वचन मा मिलावट करद्यां, बल्किन मा हम त सच्चै से सिखौन्द्यां अर उ भि इन जाणि के कि परमेस्वर हमतै दिखणु च। अर यू सब हम इलै करद्यां, ताकि हम सब लोगु खुणि एक उदारण बणि जां।
3
अर जु लोग ये शुभ समाचार तैं स्वीकार नि करदिन वु विणास का बाटा पर चलणा छिन, किलैकि ऊ लोग इन नि मणदिन कि जै शुभ समाचार को परचार हम करद्यां वेमा ऊंकी ही भलै च।
4
अर इन वु इलै बुल्दिन किलैकि ईं दुनियां मा शैतान न बिस्वास नि करण वळा लोगु का दिमाग तैं बन्द कैरियाली। अर वु ऊंतैं शुभ समाचार की महानता तैं स्वीकार करण से रुकदु, किलैकि उ नि चान्दु कि लोग इन जाणा कि यीशु मसीह कथगा महान च अर पिता परमेस्वर को ही रुप च।
5
अर हम लोग अपणु परचार नि कना छां, बल्किन मा हम त यू परचार कना छां कि यीशु मसीह ही प्रभु च। अर हम भि वेकी आज्ञा को पालन कैरिके दीन बणयां, ताकि हम तुमरि सेवा कैरी सैका।
6
इलै पिता परमेस्वर ही च जैन इन बोलि कि, “ये अन्धेरा मा उज्याळु हो।” अर उई च जैन हमरा अन्धेरा मनों मा जीवन को उज्याळा तैं चमकै, ताकि जु लोग अन्धेरा मा छिन हम ऊंतैं वे जीवन का उज्याळा का बारा मा बतै सैका। अर परमेस्वर का ज्ञान को यू उज्याळु यीशु मसीह का द्वारा चमकदु।
7
हे मेरा भै-बैंणो, हम लोग माटा का भाँडो की तरौं छां, जौं मा यू उज्याळु एक खजाना की तरौं च। अर यां से इन पता चलदु कि या ताकत मनखियों कि ना, बल्किन मा परमेस्वर की तरफा बटि च जु कि हमरु अपणु नि च।
8
अर हम हरेक किसम का दुखों तैं सौन्द्यां, मगर फिर भि हम यीशु मसीह का शुभ समाचार तैं सुनौण मा कभि भि पिछनै नि हटयां। अर जब हमतै कुछ भि पता नि होन्दु कि क्या करण चयेणु, तब भि हम पिछनै नि हटद्यां।
9
अर हमतै सतयै जान्दु, मगर पिता परमेस्वर हमतै नि छुड़दु। अर कभि-कभि हम भौत घैल ह्वेके पोड़यां रौन्द्यां, मगर फिर भि हम नि मुरयां।
10
अर हम जख भि जन्द्यां हमतै इन पता रौन्दु कि जन यीशु मसीह तैं मरे गै, ठिक उन्नि हमरि जान भि लिये जै सकदी च। मगर हम इन्द्रयो जीवन जीणु खुणि भि तयार छां, ताकि लोगु तैं इन पता चलि जौ कि यीशु मसीह उ च जु कि मनखियों तैं सच्चै का बाटा पर चलौन्दु।
11
अर अभि त हम ज्यून्दा छां मगर हमतै इन पता च कि हम कभि भि मरे सकद्यां, किलैकि हम प्रभु यीशु मसीह का पिछनै चलद्यां। मगर हमरा मुरण से पैलि पिता परमेस्वर हमरा कामों का द्वारा यीशु मसीह का चाल-चलन तैं दुनियां का लोग पर परगट करदु।
12
अर ईं बात से साफ पता चलदु कि हमरा चौतरफि मौत रिंगणी च, पर हमतै खुशी ईं बात की च कि तुम लोगु खुणि यां को नतीजा सदनि को जीवन च।
13
अर जन कि पवित्रशास्त्र मा भि लिख्यूं च कि, “मितैं परमेस्वर पर बिस्वास च, इलै वेका वचन को परचार करलु।” अर ये ही वचन का मुताबिक मि अर मेरा दगड़्या वेका वचन को परचार करद्यां।
14
अर हमतै यू भि यकीन च कि जै पिता परमेस्वर न प्रभु यीशु तैं ज्यून्दु कैरी, उ हमतै भि वेका दगड़ा मा ज्यून्दु करलु, अर उ हम सभ्यों तैं यीशु का दगड़ा मा रौण खुणि अपणा समणि खड़ु भि करलु।
15
अर यू सब कुछ तुम खुणि ही होणु च ताकि जै तरीके से पिता परमेस्वर कि किरपा जादा से जादा लोगु पर होणी च, ठिक उन्नि पिता परमेस्वर की तारीफ अर धन्यवाद खुणि लोगु की गिनती और भि बढदी जौ।
16
इलै ही हम भि अपणी हिम्मत तैं नि छुड़द्यां अर ना ही हमुन वचन सुनौण बन्द कैरी, अर भले ही हमरा सरील कमजोर छिन, पर फिर भि पिता परमेस्वर हमतै हरेक दिन हिम्मत देन्दु अर हमतै मजबूत कनु रौन्दु।
17
अर हमतै पूरु यकीन च कि जु आदर-सम्मान हमतै स्वर्ग मा मिलण वळु च वेन सदनि तक रौण। अर जु दुख-तकलीफ अभि हम ईं दुनियां मा झिलणा छां ऊ कुछ भि नि छिन।
18
इलै हमरि नजर दिखैण वळी चीजों पर नि लगि छिन, बल्किन मा हमरि नजर त ऊं चीजों पर लगीं छिन जु कि दिखैणी नि छिन, किलैकि जु चीज दिखेन्दी छिन वु कुछ देर खुणि ही छिन, मगर जु चीज दिखेन्दी नि छिन ऊ सदनि खुणि बणि रौनदिन।
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 5 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13