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Hebrews 6
Hebrews 6
Garhwali GBM (Garhwali)
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1
इलै हे मेरा दगड़्यों, आ, अर जु कुछ भि हमतै यीशु मसीह का बारा मा पैलि सिखये गै हम वीं ही शिक्षा मा नि बणयां रा, बल्किन मा बड़ा होण का नाता और भि जादा अगनै बढा अर मजबूत होन्दी जा। अर अब तुमतै यू सब बात बतौण की जरुरत नि छिन कि आखिर हमतै वु सब काम किलै छुड़ण चयेणा जु कि मौत कि तरफा लेके जनदिन, अर हमतै पिता परमेस्वर पर किलै भरोसा रखण चयेणु।
2
अर ना ही अब तुमतै ईं बात का बारा मा शिक्षा देण कि जरुरत च। जन कि, पाणि मा डुबकी लेके बपतिस्मा लेण का बारा मा, हाथ रखी के प्रार्थना करण का बारा मा या मुरदो मा बटि ज्यून्द होण का बारा मा, या फिर औण वळा बगत मा न्याय का बारा मा।
3
इलै अब जब पिता परमेस्वर की मनसा च त तुमतै भि बच्चा नि रौण चयेणु, बल्किन मा बड़ु ह्वे जाण चयेणु।
4
अर जथगा भि लोग एक बार पिता परमेस्वर का उज्याळा मा ऐ गैनी, वेन ऊंतैं बयना का रुप मा पवित्र आत्मा अर वेका दगड़ा-दगड़ि दान-बरदान भि दिनी, अर जु लोग शुभ समाचार अर औण वळा बगत मा नई दुनियां का बारा मा जणदिन, अगर इन्द्रया लोग बिस्वास करण से दूर ह्वे जा, त इन्द्रया लोगु तैं फिर से बिस्वास मा वापस लौण बड़ु कठिन च। अर तुम ईं बात तैं भि जाणि ल्या कि इन्द्रया लोग परमेस्वर का पुत्र यीशु तैं फिर से क्रूस पर चडौन्दिन, अर सभ्यों का समणि वे पर कलंक लगौन्दिन।
7
हे मेरा भै-बैंणो, अब मि तुमतै दुई किसम का पुंगड़ों का बारा मा बतौन्दु, एक किसम को वु च जु कि बरखा होण का बगत मा खूब पाणि पी जान्दु, अर औण वळा बगत मा वेमा खूब फसल लगदी ज्यां से कि पुंगड़ा का मालिक तैं खूब फैदा होन्दु। अर ठिक उन्नि पिता परमेस्वर भि इन्द्रया लोगु से खुश होन्दु, जु की इन्द्रया पुंगड़ा का जन छिन उ इन्द्रया लोगु को भलु ही करदु।
8
अर कुछ वे पुंगड़ा का जन होनदिन जु कि बरखा होण का बगत मा पाणि त खूब पी जनदिन, मगर जब बगत औन्दु त वेमा केवल झाड़-झंकाड़ ही पैदा होनदिन। अर अगर जु मनखि को जीवन भि इन्नि होलु फिर त पिता परमेस्वर जल्द ही दण्ड द्यालु अर फूकी के नास कैरी द्यालु।
9
अर मि तुम से प्यार करदु इलै मि कड़क ह्वेके तुमरा दगड़ा मा बात कनु छौं, अर मितैं पूरु यकीन च कि तुम इन्द्रया नि छां, किलैकि तुम लोग ऊं बातों को पालन करद्यां जौं की वजै से बचयै जान्दु।
10
अर जै तरीके से तुमुन परमेस्वर का लोगु की सेवा कैरी अर अभि भि कना छाँ, वां से इन साबित होन्दु कि तुम पिता परमेस्वर से कथगा प्यार करद्यां, अर उ यों बातों तैं नि बिसरलु, किलैकि उ कै का दगड़ा मा अन्यो नि करदु।
11
पर हमरि या ही मनसा च कि तुम मा बटि हरेक मनखि आखिरी तक पूरि कोसिस कनु रौ, ताकि जौं बातों की तुमुन आस रखी ऊ पूरि ह्वे जौ।
12
इलै अळकसि नि बणा, बल्किन मा ऊं लोगु की तरौं बणा जु कि बिस्वास अर सबर रखण मा मजबूत छिन। अर इन्द्रया लोग ऊं चीजों तैं पौनदिन, जौं को करार पिता परमेस्वर न कैरी।
13
हे मेरा दगड़्यों, जब पिता परमेस्वर न पितर अब्राहम बटि करार कैरी त वे बगत मा वेन खुद की ही कसम खै, किलैकि वेन देखि कि मिसे बड़ु त कुई छैई नि च। अर वेन पितर अब्राहम कू बोलि कि,
14
“अब्राहम, मि त्वेतै सच्चि मा भौत आसीस द्यूलु, अर तेरा वंश मा भौत जादा औलाद पैदा होलि।”
15
अर भौत इंतजार करण का बाद पितर अब्राहम तैं वु मिली जैको करार वेका दगड़ा मा परमेस्वर न कैरी छौ।
16
अर लोग ईं बात तैं भौत अच्छे से जणदिन कि करार करण का बगत मा अफ से बड़े की कसम खनदिन, ताकि बात पक्की ह्वे जौ।
17
अर वंश का लोगु खुणि जु-जु करार कियां छिन क्या पिता परमेस्वर ऊं लोगु का खातिर अपणी इच्छा तैं बदलि द्यालु, नऽ रे ना इन कभि नि ह्वे सकदु। पिता परमेस्वर अपणी मनसा तैं ऊं पर परगट करणु खुणि जरुर पूरि करलु, इलै वेन अपणा करार का बगत मा अपणी ही कसम खै दिनी।
18
अर करार अर कसम की दुई बातों तैं कभि बदलै नि जै सकदु, किलैकि पिता परमेस्वर कभि भि झूठ्ठ नि बुल्दु। इलै हम बिस्वासी लोग जु कि वेकी हिफाजत मा रौणा छां, हम सभ्यों तैं बड़ी हिम्मत रखी के अपणी-अपणी आस वे पर बणै के रखण चयेणी।
19
अर जन पाणि का जाज तैं एक जगा मा टिकाणु खुणि समुन्दर मा लंगर डळै जान्दु, ठिक उन्नि पिता परमेस्वर का द्वारा दिईं आस हमतै मजबूत अर वेकी हिफाजत मा रखदी। अर यां से इन पता चलदु की हम खुद वे परदा तैं पार कैरिके परमेस्वर का समणि खड़ा ह्वे ग्यां।
20
अर हमरु यीशु मसीह उख पैलि ही पौंछी गै, अर पिता परमेस्वर न वेतैं मलिकिसिदक की तरौं सदनि खुणि महा पुरोहित ठैरैयालि।
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