bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali GBM (Garhwali)
/
Romans 15
Romans 15
Garhwali GBM (Garhwali)
← Chapter 14
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 16 →
1
हे मेरा दगड़्यों, हम जु अपणा बिस्वास मा मजबूत छां, हमतै ऊं लोगु की कमजोरियों तैं सै लेण चयेणु जु कि बिस्वास मा मजबूत नि छिन। अर हरेक जगा मा हमतै अपणी ही खुशी नि दिखण चयेणी।
2
हरेक मनखि अपणा-अपणा बिस्वासी लोगु तैं ऊं बातों मा खुश रखो, ज्यां से ऊंकी भलै होणी हो, ताकि वु लोग बिस्वास मा और भि जादा मजबूत होन्दी जा।
3
किलैकि यीशु मसीह न जु कुछ भि कैरी, वु सब कुछ खुद तैं खुश करणु खुणि नि कैरी बल्किन मा परमेस्वर की मनसा तैं पूरु करणु खुणि सबर रखी के सब कुछ सै, जन कि भजन संहिता मा लिख्यूं च कि, “हे परमेस्वर, लोगु न तुमरो अपमान कैरी मगर ऊंन तुमरो ना, बल्किन मा मेरु अपमान कैरी।”
4
अर जु कुछ भि पुरणा जमना मा पवित्रशास्त्र मा लिखे गै, उ सब हमतै सिखौणु खुणि ही लिखे गै। अर पवित्रशास्त्र हमतै सबर रखण अर अपणु हौसला बणै के रखण का बारा मा ही बतौन्दु, ताकि हमरि आस बणि रौ।
5
अर कै मनखि को सबर रखण अर वेतैं हौसला मिलण यू सब पिता परमेस्वर की तरफा बटि ही औन्दु। अर मि इन प्रार्थना करदु, कि तुम सभ्या का सभि यीशु मसीह का मुताबिक अपणा आपस मा एक मन ह्वेके रा, अर या ही वेकी इच्छा च।
6
ताकि तुम सब एक ह्वे जा, अर हमरा प्रभु यीशु मसीह का द्वारा पिता परमेस्वर की बडै कैरी सैका।
7
अर जन यीशु मसीह न तुमतै स्वीकार कैरी, ठिक उन्नि तुम भि एक-दुसरा तैं स्वीकार कैरा, ताकि इन कैरिके पिता परमेस्वर की तारीफ हो।
8
इलै मि तुमतै बतै देन्दु, कि तुमतै याद रखण चयेणु कि यीशु मसीह यहूदी लोगु को सेवक बणि, ताकि वेका द्वारा इन साबित ह्वे जौ कि जु करार पिता परमेस्वर न ऊंका पितरों का दगड़ा मा कैरी छौ उ सच्चु छौ।
9
अर वेन यू काम इलै भि कैरी, ताकि जु लोग यहूदी जाति का नि छिन, ऊ भि पिता परमेस्वर की बडै कैरी सैका, किलैकि वु सब लोगु पर अपणी दया करदु। अर पवित्रशास्त्र मा भि इन्नि लिख्यूं च कि, “मि जाति-जाति का लोगु का बीच मा तुमरो धन्यवाद करलु, अर तुमरा नौ का भजन गौलु।”
10
अर पवित्रशास्त्र मा इन भि लिख्यूं च कि, “हे जाति-जाति का सब लोगु, वेकी अपणी परजा का दगड़ा मा आनन्द मणा।”
11
अर फिर इन भि लिख्यूं च कि, “हे जाति-जाति का सब लोगु, प्रभु की भक्ति कैरा, अर हे राज्य-राज्य का सब लोगु वेकी बडै कैरा।”
12
अर फिर परमेस्वर का रैबर्या यशायाह न भि यीशु मसीह का बारा मा कुछ इन बोलि कि, “यिशै का वंश मदि एक नयू राजा आलु, जु कि जाति-जाति का लोग पर राज करलु, अर लोग वे पर अपणी आस बणै के रखला।”
13
अर मेरी प्रार्थना च कि परमेस्वर जु की आसा देण वळु च, तुमरा बिस्वास करण की वजै से तुमतै पूरि खुशी अर शान्ति से भरपूर कैरी द्यो, ताकि पवित्र आत्मा की ताकत से तुमरि आस वे पर बणि रौ।
14
हे मेरा प्यारा भै-बैंणो, मितैं पूरु यकीन च कि तुम लोग दुसरो की भलै करण जणदा छाँ, इख तक कि तुमतै पूरु ज्ञान च अर यू सब कनकै किये जाण यू भि तुम जणदा ही छाँ। इलै तुम दुसरा लोगु तैं शिक्षा दे सकद्यां।
15
मगर मि इन चान्दु, कि तुम लोग ऊं सब बातों तैं याद रखा, इलै ही मि तुम खुणि खुलि के लिखदु। अर यू मिन इलै कैरी, किलैकि पिता परमेस्वर न अपणी किरपा से मितैं यू खास दान दियूं च।
16
अर या किरपा मि पर इलै ह्वे, ताकि मि ऊं लोगु का बीच मा काम कैरी सैको जु कि यहूदी जाति का नि छिन। अर ये काम खुणि ही मि यीशु मसीह का सेवक का रुप मा चुणै ग्यों, अर मिन पिता परमेस्वर का शुभ समाचार की शिक्षा तैं लोगु का बीच मा पौछाण को काम कैरी। अर यू सब त इलै ह्वे, ताकि जु लोग यहूदी जाति का नि छिन ऊं लोगु तैं पिता परमेस्वर स्वीकार कैरो। अर सब पवित्र आत्मा का द्वारा एक भेंट का रुप मा वेतैं चड़ये जा।
17
इलै जब परमेस्वर की सेवा की कुई भि बात औन्दी, तब मितैं यीशु मसीह को सेवक होण पर भौत बड़ु मोन होन्दु।
18
पर यू सब कुछ मिन अपणी ताकत से नि कैरी, किलैकि यू सब कुछ करण वळु त पिता परमेस्वर च। मेरु त बस यू ही काम च कि मि जाति-जाति का लोगु का बीच मा जौं, अर ऊंतैं पिता परमेस्वर को वचन बतै के वेका पास लेके औंऽऽ।
19
अर यू सब चमत्कार अर अदभुत काम मिन पवित्र आत्मा की ताकत से करिनी। इलै मिन भि यरूशलेम नगर अर वेका आस-पास का मुलकों बटि ठिक इल्लुरिकुम का मुलक तक यीशु मसीह का शुभ समाचार को परचार अच्छी तरौं से कैरी।
20
पर मेरा मन कि इच्छा या च कि जख-जख यीशु मसीह का नौ को परचार अभि तक नि ह्वे, मि उख-उख जैके शुभ समाचार सुणौ, ताकि कखि इन ना हो कि लोग बोला कि यू त दुसरा लोगु का कर्यां काम मा अपणु हक दिखाणु च।
21
पर पवित्रशास्त्र मा भि त इन्नि लिख्यूं च कि, “जौं लोगु तैं अभि तक वेको शुभ समाचार नि मिली ऊ दिखला, अर जौं लोगु न अभि तक नि सुणी ऊंका बिंगण मा आलु।”
22
हे मेरा दगड़्यों, यों सब बातों की वजै से ही मि कई बार तुमरा पास औण चाणु छौ, मगर हर बार कुई ना कुई बात मितैं उख औण से रोकी देणी छै।
23
पर अब मिन यों मुलकों मा अपणु काम पूरु कैरियाली, इलै कई सालों से मि इन चाणु छौ कि तुमरा पास औंऽऽ।
24
अभि मि स्पेन देस जाण की योजना बणौणु छौं, अर जब मि इन करलु त वे बगत पर मि तुमरा पास रोम मा रुकी जौलु। अर कुछ बगत तक तुमरि संगत मा रै के बड़ु आनन्द मणौलु। अर वेका बाद तुम मेरा अगनै का सफर खुणि मेरी मदद भि कैरी सकद्यां।
25
मगर अभि मि बिस्वासी लोगु की सेवा करण खुणि यरूशलेम नगर कू जाणु छौं।
26
किलैकि मकिदुनिया अर अखया मुलक का बिस्वासी लोगु न चन्दा इकट्ठा कर्युं च, अर या बात ऊंतैं अच्छी लगि कि ऊ यरूशलेम नगर का बिस्वासी लोगु मा बटि जु लोग गरीब छिन ऊंकी मदद कैरा।
27
अर ये काम तैं करणु खुणि ऊ लोग भौत खुश छिन किलैकि ऊ यहूदी लोगु का करजदार छिन। अर पिता परमेस्वर न जु कुछ भि यहूदी लोगु तैं सिखै, अर जु आसीस वेन ऊंतैं दिनी ऊंका द्वारा ही वु सब कुछ ऊं लोग तक पौंछी जु यहूदी जाति का नि छिन। इलै तुमरो यू फरज बणदु कि अब तुम लोग यहूदी लोगु की जरुरतों तैं पूरु करणु खुणि मदद कैरा।
28
इलै जब मि ये काम तैं पूरु कैरी द्यूलु, याने कि जब मि वे दान तैं यरूशलेम नगर का बिस्वासी लोगु का हाथों मा सौंपी द्यूलु, तब मि तुमरा पास औलु अर वेका बाद मिन स्पेन देस कू चलि जाण।
29
मि जणदु छौं कि जब मि तुमरा पास औलु, त यीशु मसीह की तरफा बटि हमतै भरपूर आसीस मिलली।
30
हे मेरा भै-बैंणो, मि तुम से बिन्ती करदु, कि तुम पिता परमेस्वर से प्रार्थना कैरा कि उ मेरा काम मा मेरी मदद कैरो। अर यू सब कुछ उ हमरा प्रभु यीशु मसीह का द्वारा वेका प्यार से करदु, जु कि पवित्र आत्मा का द्वारा हम तक पौंछदु।
31
अर पिता परमेस्वर से इन भि प्रार्थना कैरा, कि मि यहूदिया मुलक का ऊं लोगु से बचि जौं, जु कि पिता परमेस्वर की आज्ञा को पालन नि करदिन। अर इन भि प्रार्थना कर्यां, कि यरूशलेम नगर मा रौण वळा बिस्वासी लोग वे दान तैं स्वीकार कैरा जैतैं लेके मि उख जाणु छौं।
32
अगर पिता परमेस्वर की इच्छा इन्नि होलि, त मि तुमरा पास बड़ी खुशी से औलु, अर तुमरा पास ऐके कुछ आराम करलु अर नयू जोस पौलु।
33
मि तुम सभ्यों खुणि इन प्रार्थना करदु कि शान्ति देण वळु परमेस्वर तुम सभ्यों का दगड़ा मा रौ। आमीन।
← Chapter 14
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 16 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16