bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali GBM (Garhwali)
/
Titus 2
Titus 2
Garhwali GBM (Garhwali)
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 3 →
1
पर हे तीतुस, तू इन शिक्षा दिया कैर जु की सच्चा उपदेस का मुताबिक हो।
2
अर बुढ्या लोगु तैं तू इन समझौ कि ऊंको सभौ शान्त अर खुद पर काबू रखण वळु होण चयेणु। अर वु गम्भीर, अर समझदार अर प्यार करण वळु हो, अर ऊ बिस्वास मा अर सबर रखण मा भि मजबूत हो।
3
अर ठिक उन्नि बुड्ड़ी जनानि तैं भि समझौ कि ऊंको चाल-चलन पवित्र हो, अर ऊ दुसरो पर दोष लगौण वळी ना हो, अर ना ही दरोळया, पर अच्छी बात सिखौण वळी हो।
4
ताकि यू ज्वान जनानियों तैं शिक्षा दे सैका, कि वु अपणा पति अर बाल-बच्चों से प्यार कैरा।
5
अर वु समझदार, अर चाल-चलन मा बेदाग अर सुसील हो, अर अपणा घौर की देख-रेख करण वळी हो, अर अपणा पति का काबू मा रौ, ताकि परमेस्वर का वचन की बेजती नि हो।
6
अर ठिक इन्नि ज्वान बैखों तैं भि समझौ, कि ऊ खुद पर काबू रखा।
7
अर तीतुस, तू खुद हर बात मा ऊंतैं एक अच्छु उदारण बणि के दिखौ। अर जै उपदेस तैं तू सिखैली, वामा तू गम्भीर अर खरु हो,
8
अर तेरी शिक्षा खरी होण चयेणी, ताकि कुई भि वीं शिक्षा कू बुरु नि बोलि सैको। ज्यां से की विरोध करण वळो तैं, हम पर दोष लगौण को कुई भि मौका नि मिली सैको, अर ऊंकी बेजती ह्वे जौ।
9
अर तू गुलाम लोगु तैं भि इन समझै दे, कि ऊ अपणा मालिक की हरेक बात तैं माणा, अर सब बातों मा अपणा मालिक तैं खुश कैरा अर गळत जबाब नि द्या,
10
अर ऊ चोरी नि कैरा, बल्किन मा बिस्वास का लैख बणयां रा। ताकि इन कैरिके ऊंका द्वारा हमतै बचौण वळा परमेस्वर की शिक्षा को मान-सम्मान बढ़ो।
11
किलैकि सब मनखियों तैं बचौणु खुणि ही परमेस्वर की किरपा परगट किये गै।
12
अर या किरपा हमतै इन बतौन्दी, कि हमतै कन्द्रयो जीवन जीण चयेणु हमतै परमेस्वर का खिलाप मा नि होण चयेणु, बल्किन मा दुनियां की बुरी इच्छाओं तैं छुड़ण चयेणु, अर खुद तैं अपणा बस मा रखण चयेणु, अर एक धरमी जन बणि के परमेस्वर की भक्ति करण को जीवन जीण चयेणु।
13
अर जब हम वीं धन्य आस का दगड़ा मा, परमेस्वर अर हमतै बचौण वळा यीशु मसीह को बड़ा सम्मान से ईं धरती पर दुबरा वापस औण को इंतजार करद्यां, तब ये इंतजार करण का बगत मा भि हमतै यू ही धरमी जीवन जीण चयेणु।
14
अर हम त धरमी लोग नि छा, मगर वेन हमरा खातिर अफ तैं बलिदान होणु खुणि दे दिनी, अर वेन ही हमतै बुरा कामों बटि छुटकारु देके शुद्ध कैरी, ताकि हम वेका खास लोग बणि जां, अर भला काम करणु खुणि हमेसा तयार रा।
15
अर तीतुस, तू यों सब बातों तैं पूरा अधिकार से बोल अर समझै दे, अर सभ्यों को हौसला बढौणु रौ, अर विरोध करण वळो तैं झिड़कणु रौ अर कुई भि त्वेतै सुद्दी नि समझु।
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3