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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1 Peter 5
1 Peter 5
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Chapter 5
1
कुछ इन बात छिनी जु मि उख का पुरणा अगुवों बट्टी कन चांणु छो किलैकि मि भि तुम जन एक पुरणों अगुवा छो। मिल अफ भि ऊं दुखों तैं देख जु भौत बगत पैली मसीह ल सैनी। जब उ फिर वापिस आलो, त मि भि वेकी महिमा मा शामिल होलो अब मि तुम बट्टी बिनती कनु छो
2
जन के चरवाहा अपड़ा ढिबरों की रखवली करद, उन ही तुम तैं भि हर एक की रखवली कन चयणी च जन पिता परमेश्वर ल तुम तैं देखभाल मा रखि। इन तुम अपड़ी इच्छा ल कैरा, किलैकि पिता परमेश्वर यु ही चांद कि तुम इन ही कैरा। इन भस इलै नि कैरा किलैकि तुम तैं इन कनु कु मजबूर किये गै। यु काम इलै नि कैरा किलैकि तुम धन कमौण चदयां पर पिता परमेश्वर अर लुखुं की सेवा कने की इच्छा का दगड़ी किया कैरा।
3
अर जु लोग तुम तैं दियां छिनी, ऊं तैं आज्ञा दे के नि फेरा जन एक शासक अपड़ा लुखुं तैं आज्ञा दींद। बल्कि ऊंकु एक उदाहरण बणा।
4
जब यीशु मसीह, जु कि हमारो प्रधान चरवाहा च, दुबरा वापिस आलो, तब तुम तैं एक ईनाम दिये जालो जु कभी भि अपड़ी चमक तैं नि खोलो।
5
इन ही के तुम जवान लुखुं तैं पुरणा अगुवा विश्वासी आदिमों का अधीन हूंण चयणु च। तुम सभियूं तैं नम्रता का दगड़ी एक-दुसरा की मदद कन चयणी च। किलैकि पिता परमेश्वर का वचन मा पढ़ै जा सकद कि, “परमेश्वर बड़ा मौनया लुखुं को विरोध करद, पर उ ऊं लुखुं पर कृपा करद जु विनम्र छिनी।”
6
इलै, अपड़ा आप तैं पिता परमेश्वर का संमणी नम्र कैरा जु रक्षा कन मा बलवान च कि उ सै बगत पर तुम तैं बहुतायत से सम्मान द्यो।
7
पिता परमेश्वर तैं अपड़ी सैरी परेशानियां अर चिन्ताओं तैं बतावा किलैकि उ तुम्हरी परवाह करद।
8
हमेशा तैयार रावा, अर बिज्यां रावा, किलैकि शैतान, तुम्हरो दुश्मन तुम पर हमला कन चांद कि तुम पिता परमेश्वर की आज्ञाओं को पालन नि कैरा। उ घुरांण वला शेर का जन च, जु अगनैं घुमद रौंदो कि उ कै तैं खै साक।
9
तुम तैं अपड़ा मजबूत विश्वास का दगड़ी वेको विरोध कन चयणु च, याद रखा की विश्वासी भैय-बैंण जु पूरा दुनिया मा रौंणा छिनी, इन ही के दुखों तैं सौणा छिनी जन तुम सौणा छा।
10
पिता परमेश्वर जु पूरा ढंग से कृपा करद च, वेल हम तैं मसीह यीशु का दगड़ी कठा कना का कारण स्वर्ग मा पिता परमेश्वर की अनन्त महिमा मा सहभागी हूंणु कु हम तैं चुणि। तुम्हरा थोड़ा बगत कु दुःख सौणा का बाद, पिता परमेश्वर तुम तैं अच्छो बणै दयालो कि तुम मा फिर कुई भंगार नि रौ अर उ तुम्हरा दिलों तैं मजबूत करलो अर वे पर तुम्हरा विश्वास तैं हकीकत मा मजबूत बणै दयालो।
11
पिता परमेश्वर आदर का योग्य च किलैकि वेकी सामर्थ को कुई अंत नि च। आमीन।
12
मि या छुटी सी चिठ्ठी सिलवानुस (सिलास) का मदद ल लिखणु अर तुम तैं भिजणु छो। मि वे तैं मसीह मा एक विश्वासयोग्य भैय का रूप मा मंणदु छो। मेरू यु तैं लिखणौं को उद्देश्य तुम तैं उत्साहित कन अर तुम तैं आश्वस्त कन कि जु कुछ भि तुम अनुभव कना छा उ वास्तव मा तुम्हरा प्रति पिता परमेश्वर की कृपा को हिस्सा च। ईं कृपा मा स्थिर रावा।
13
बाबेल शहर जु रोम मा च उख विश्वासी तुम तैं प्रणाम बुल्णा छिनी, जौं तैं पिता परमेश्वर ल चुणि जन मसीह ल तुम तैं चुणि। मरकुस, जु मि कु एक नौंना जन च, उ भि तुम तैं प्रणाम बुल्णु च।
14
एक-दुसरा तैं हकीकत मा प्रेम से प्रणाम कैरा। मि प्रार्थना करदु कि पिता परमेश्वर वे हर आदिम तैं शान्ति द्यो जु मसीह को च।
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