bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
1 Thessalonians 4
1 Thessalonians 4
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 5 →
1
हे विश्वासी भयों, हम तुम बट्टी बिनती कना छा अर तुम तैं प्रभु यीशु मा समझौंणा छा कि जन तुम ल हम बट्टी प्रभु का लैख जीवन बसर कन सीखी अर पिता परमेश्वर तैं खुश कन सीखी अर जन तुम ज्यूंदा भि छा, अर हम तुम तैं इन कनु कु और भि प्रोत्साहित करदां।
2
तुम जंणदा छा, कि प्रभु यीशु ल हम तैं जु अधिकार द्ये, ऊंका द्वारा हम ल तुम तैं निर्देश दींनि।
3
पिता परमेश्वर कि मनसा या च कि तुम पवित्र बणा, मतलब कि तुम व्यभिचार नि करयां,
4
“तुम मा बट्टी हरेक आदिम धीरज रखि के अपड़ा देह पर भस रखण सीखा अर मसीह को समान कैरो।”
5
अर यु काम भोगविलास कि मनसा से न अर न ऊं अन्यजाति का लुखुं का जन कन चयणु च जु पिता परमेश्वर तैं नि जणदींनि।
6
कि ईं कै कुई भि अपड़ा विश्वासी भैय का विरोध मा पाप नि करो, किलैकि प्रभु यीशु ऊं तैं दण्ड दयालो जु इन सभि कामों तैं करदींनि; जन कि हम ल पैली तुम मा बोलि छो, अर चितै भि छो।
7
किलैकि पिता परमेश्वर ल हम तैं अशुद्ध जीवन ज्यूंणु कु न, पर पवित्र जीवन ज्यूंणु कु बुलै।
8
इलै जु कुई भि यूं नियमों को पालन नि करद, त उ मनिख को न, पर पिता परमेश्वर को अपमान करदो, जैल अपड़ा पवित्र आत्मा तुम तैं द्ये।
9
पर विश्वासी दगड़िया का प्रति प्रेम का बारा मा जरूरी नि च, कि मि तुम कु कुछ लिखु; किलैकि आपस मा प्रेम रखण तुम ल अफी पिता परमेश्वर बट्टी सीखी;
10
अर तुम सैरा मकिदुनिया प्रान्त मा रौंण वलो का सब विश्वासी भयों दगड़ी इन ही बरतौ करदां भि छा, पर हे भयों, हम तुम बट्टी बिनती कना छा, कि प्रेम का दगड़ी और भि बढ़दी जावा
11
अर जन हम ल तुम बट्टी बिनती कैरी उन ही शान्ति से जीवन बसर कैरा अर अपड़ा-अपड़ा कामकाज कैरा अर दूसरों का मामलों मा दखल नि द्या, अपड़ा-अपड़ा हथों ल कमै कने कोशिश कैरा।
12
कि अविश्वासी, देखा कि तुम हर दिन कन बरतौ करदां, अर तुम्हरो आदर कैरा, अर ज्यां भि चीजों की तुम तैं जरूरत च वां कु तुम तैं कै और पर भि निर्भर नि रौंण पुड़लो।
13
हे विश्वासी भयों, हम चांणा छा कि तुम यु जांणि लय कि ऊं विश्वासियों का दगड़ा क्य होलो जु पैली ही मोरि गैनी कखी इन नि हो कि तुम दुसरा लुखुं जन शोक कैरा जौं मा कुई आस नि च कि मुरणा का बाद उ फिर से ज्यून्दा हवे जाला।
14
जु हमारो यु विश्वास च, कि यीशु मोरि, अर ज्यूँदो भि हवे गै, त इन ही कै जु लोग यीशु पर विश्वास कैरी कै मोरि गैनी, ऊं तैं भि परमेश्वर यीशु का दगड़ा मा ल्यालु।
15
हम प्रभु यीशु का वचन का अनुसार तुम मा इन बुल्दा, कि हम जु ज्यून्दा छा, अर जब तक प्रभु यीशु फिर से वापिस आलो बचयां रौला अर उ विश्वासी जु पैली ही मोरि गैनी, हम बट्टी पैली प्रभु यीशु तैं मिलला।
16
किलैकि प्रभु यीशु अफी ही स्वर्ग बट्टी उतरलो; वे बगत ऊंची आवाज, अर प्रधान स्वर्गदूत कु शब्द सुणेलु, अर पिता परमेश्वर को बिगुल गुंजलो, अर वे बगत जु लोग मसीह पर विश्वास कैरी के मोरि गैनी, उ पैली ज्यून्दा हवे उठला।
17
वेका बाद हम जु ज्यून्दा छा अर बचयां रौला, ऊंका दगड़ा मा प्रभु बट्टी मिलुणु कु बादलों पर मथि उठै जौला, अर वे बगत बट्टी हम सदनी प्रभु का दगड़ा मा रौला।
18
इलै यूं बातों बट्टी एक हैंका तैं तसल्ली दिया कैरा।
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 5 →
All chapters:
1
2
3
4
5