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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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2 Corinthians 4
2 Corinthians 4
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
इलै जब हम पर इन दया हवे, कि पिता परमेश्वर का शुभ संदेश कु प्रचार कने की सेवकाई कैरा, त हम हिम्मत नि छुड़दियां।
2
पर हम ल शर्मनाक अर गुप्त कामों तैं छोड़ी येले, अर न चालाकी ल चलद्यां, अर न पिता परमेश्वर का वचन मा कुछ मिलावट करदा, पर हम पिता परमेश्वर का संमणी भस सच सिखौदियां, अर हर कुई आदिम गव्है दे सकद कि य बात सच च।
3
जु शुभ सन्देश हम प्रचार करदा जु उ छिपयूं च, त यु नाश हूंण वलो कु ही छिपयूं च।
4
अर ईं दुनिया का ईश्वर शैतान ल ऊं अविश्वासियों की बुद्धि तैं अंधो कैरेले, कि उ शुभ सन्देश बट्टी मसीह की महिमा का बारा मा आंण वला उज्यला तैं नि देख सका, जु दिखांद कि पिता परमेश्वर कन च।
5
किलैकि हम अपड़ो न, पर मसीह यीशु कु प्रचार करदा, कि यीशु मसीह ही प्रभु च; अर हम यीशु का कारण ही तुम्हरा सेवक छा।
6
इलै कि पिता परमेश्वर ल बोलि, “अंधेरा मा बट्टी उज्यलो चमकी” अर पिता परमेश्वर ल उज्यला का जन हमारा मनों मा समझ द्ये, कि हम पिता परमेश्वर की महिमा तैं देख सका जु यीशु मसीह मा प्रगट हूंदी।
7
पर अब हमारा दिलों मा यु उज्यलो चमकणु च, पर हम अफ माटा का ऊं कमजोर भांडा का जन छा जौं मा यु बड़ों खजाना भुर्युं च, कि या कभी खत्म नि हूंण वली सामर्थ हमारी तरपां बट्टी न, पर पिता परमेश्वर ही का तरपां बट्टी च।
8
हम सभि तरपां बट्टी क्लेश तैं भुगतदयां, पर संकट मा नि पुड़दां; बगैर उपाय का त छा, पर निराश नि हूंदा।
9
सतै त जणदां; पर छुड़ै नि जणदां; गिरै त जणदां, पर नाश नि हून्दियां।
10
हम यीशु का जन हर बगत लगातार मरै जांणा का खतरा मा त रौंदियां; कि हम हमारा देह का कामों बट्टी यु दिखै साका कि यीशु ल कन जीवन जिये।
11
किलैकि हम ज्यूंदा रै के हमेशा यीशु का कारण मरै जांणा का खतरा मा छा कि यीशु कु जीवन भि हमारा मुरण वली देह मा प्रगट हो।
12
इलै हम मौत का खतरा मा रौंदियां, पर येको नतीजा मा तुम तैं अनन्त जीवन मिली।
13
मिल पिता परमेश्वर पर विश्वास कैरी, इलै मिल बोलि, कि हम मा उ ही विश्वास की आत्मा च, जन कि परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च, कि “मिल विश्वास कैरी, इलै मिल बोलि” हम भि विश्वास करदा, इलै बुल्दा छा।
14
किलैकि हम जंणदा छा, जैल प्रभु यीशु तैं मौत बट्टी ज्यूँदो कैरी, उ ही हम तैं भि यीशु मा हिस्सादार जांणि के मौत बट्टी ज्यूँदो करलो, अर पिता परमेश्वर तुम सभियूं का दगड़ी हम तैं भि लालो कि हम सभियूं तैं अपड़ा संमणी हाजिर कैरो।
15
किलैकि सभि दुःख जु हम ल तुम कु सैनी, कि पिता परमेश्वर की दया का द्वारा जादा से जादा लोग मसीह मा विश्वास कैरा, अर पिता परमेश्वर की महिमा कु धन्यवाद अर स्तुति कैरा।
16
इलै हम हिम्मत नि छुडदियां; जबकि हमारो भैरो कु मनुष्यत्व नाश भि हवे जांद, तब भि हमारी आत्मा हर दिन नई हूंदी जांदी।
17
किलैकि हमारी वर्तमान समस्या छुटी ही छिनी अर भौत जादा बगत तक नि राली; किलैकि यांको नतीजा अनन्त महिमा होलो जु ऊं सभियूं बट्टी भौत जादा होलो जै की हम कल्पना कैरी सकदा।
18
अर हम त दिखीं चीजों तैं न पर अणदिखीं चीजों तैं दिखदी रौंदयां, किलैकि दिखीं चीज त थोड़ा ही दिनों की छिनी, पर अणदिखीं चीज सदनी बंणि रौंदींनि।
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