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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Colossians 4
Colossians 4
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
हे स्वामियों, स्वर्ग मा तुमारो भि एक स्वामी च, इन समझै के, अपड़ा-अपड़ा सेवकों का दगड़ी न्याय अर एक समान बरतौ कैरा।
2
चौकस हवे के प्रार्थना मा लगयां रावा अर हमेशा पिता परमेश्वर कु धन्यवाद करदी रावा।
3
अर यांका दगड़ा-दगड़ी हम कु भि प्रार्थना करदी रावा, कि पिता परमेश्वर हम कु वचन सुणौणु कु इन मौका द्या, कि हम मसीह का वे भेद कु बखान कैरी साका, जै कु प्रचार मिल कैरी अर वे कारण मि कैद मा छौं।
4
इलै प्रार्थना कना रा, कि मि मसीह का सन्देश तैं ठिक ढंग से बतै साको, कि जु यु तैं सूंणा हकीकत मा यु तैं समझा भि।
5
हर एक मौका कु अच्छो इस्तेमाल कैरा, यु दिखणु कु कि तुम विश्वासी छा, अर जु लोग यीशु पर विश्वास नि करदींनि वे दगड़ी समझदारी दगड़ी बरतौ कैरा।
6
तुम्हरी बात सदनी नम्र अर सुणन मा अच्छी हो, कि तुम तैं हरेक मनिख तैं जवाब दींण ऐ जौं कि तुम क्य विश्वास करद्यां।
7
प्रिय विश्वासी भैय तुखिकुस, जु भरोसामन्द सेवक अर प्रभु मा हमारो दगड़िया च, उ ही तुम तैं मेरी सभि बात बतै दयालो।
8
मिल वे तैं तुम मा इलै भेजि, कि तुम तैं पता चलि जौं कि हम कन छा अर उ तुम तैं विश्वास मा और मजबूत कैरो।
9
वे दगड़ी उनेसिमुस तैं भि भेजि; जु भरोसा का लैख प्रिय विश्वासी भैय अर उ तुम्हरा ही नगर कु च, उ तुम तैं इखै कि सैरी बात बतै दयालो।
10
अरिस्तर्खुस जु मि दगड़ी जेलखना मा कैद च, अर मरकुस जु बरनबास कु भंणजो लगदो तुम कु प्रणाम बुल्णु च। जैका बारा मा तुम तैं पैली बट्टी ही मालूम च, कि जु उ तुम मा औ त वे दगड़ी अच्छो बरतौ करयां।
11
अर यीशु जै कु लोग यूस्तुस बुल्दींनि, तुम कु प्रणाम बुल्णा छिन। यहूदी विश्वासियों जूंको खतना हुयुं च ऊंमा बट्टी भस यु तीन मनिख ही पिता परमेश्वर का राज्य कु मेरा दगड़िया अर मेरू प्रोत्साहन को कारण च।
12
इपफ्रास जु तुम्हरी ही जगह कु च, अर मसीह यीशु कु सेवक च, उ तुम कु प्रणाम बुल्णु च, अर हमेशा तुम कु मन लगै के प्रार्थनाओं मा लग्युं रौंद, कि पिता परमेश्वर तुम तैं मजबूत अर सिद्ध कैरो अर तुम पूरा विश्वास का दगड़ी पिता परमेश्वर की इच्छा तैं पूरो कनु रौ।
13
मि वेको गवाह छौं, कि उ तुम कु अर लौदीकिया अर हियरापुलिस शहर का लुखुं कु मन लगै के प्रार्थना कनु रौंदु।
14
प्रिय वैद्य लूका अर देमास तुम कु प्रणाम बुल्णा छिनी।
15
लौदीकिया शहर का विश्वासी भयों अर बैंणों अर नुमफास अर ऊं की घौर की मण्डलि कु प्रणाम बुल्यां।
16
अर जब या चिट्ठी तुम्हरा इख पढ़ै जौं, त तब इन करयां कि लौदीकिया शहर की मण्डलि मा भि पढ़ै जौं, अर ज्वा चिट्ठी लौदीकिया शहर बट्टी औ वीं तुम मा भि पढ़ै जौ।
17
फिर अरखिप्पुस मा बुल्यां कि, “ज्वा सेवा प्रभु मा त्वे तैं द्ये गै, वीं सेवा तैं सचेत हवे के पूरी कैरी।”
18
मि पौलुस अपड़ा हथ ल प्रणाम लिखणु छौं। याद रखयां मि कैद मा छों अर मि कु प्रार्थना करयां की पिता परमेश्वर की कृपा तुम पर हूंणी रौ। आमीन।
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