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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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James 1
James 1
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
मि याकूब, ईं चिट्टी तैं लिखणु छों, मि पिता परमेश्वर अर प्रभु यीशु मसीह कु दास छों अर मि या चिट्टी इस्राएल का लोग जु बारह गोत्र दुनिया भर मा बिखरयां छिनी ऊं तैं प्रणाम बुल्णु छों।
2
हे मेरा विश्वासी भयों, जब तुम्हरा जीवन मा किस्मै-किस्मै की अजमैश औ त वीं अजमैश तैं भौत खुशी की बात समझयां
3
किलैकि तुम जणदां ही छा कि तुमारो विश्वास परखै जांण बट्टी तब तुमारो धीरज बढ़दु।
4
अर अपड़ी अजमैश का बगत यीशु पर अपड़ो विश्वास तैं बणै रखा, कि तुम आत्मिक ढंग बट्टी मजबूत अर पूर्ण अर तुम मा कै भि बात की कमी नि रौ।
5
पर जु तुम मा बट्टी कै तैं बुद्धि की कमी-घटि हो, त पिता परमेश्वर बट्टी मांगो, जु बगैर गलती खुज्ज्यां सभियूं तैं भरपूरी बट्टी दींद उ पिता परमेश्वर तुम तैं भि दयालो।
6
पर मंगण वलो विश्वास बट्टी पिता परमेश्वर बट्टी मांगो अर शक नि कैरो; पर जु शक करदो, उ अविश्वासी समुद्र की लहरों की तरौं च जु सदनी बदलणु रौंदो।
7
इन्दरा मनिख को मन सदनी बदलणु रौंदो, इन मनिख यु न समझो, कि मि तैं प्रभु बट्टी कुछ मिललो अर लोग वे पर निर्भर नि रै सकदींनि।
8
उ आदिम दुचितो च, अर अपड़ी सैरी बातों मा भि चंचल च।
9
जु विश्वासी भैय गरीब च, वे तैं खुश हूंण चयणु च, कि पिता परमेश्वर ल वेको सम्मान कैरी।
10
अर जु धनवान च ऊं तैं भि खुश हूंण चयणु च की पिता परमेश्वर नम्र बणै; किलैकि वेकी अमीरी जंगल की घास का फूलों का जन सूखि जाली।
11
जब सूरज निकलद अर तेज घाम पुड़दो त घास सुखै दींद, अर वेका फूल झड़ी जंदींनि, अर वेकी सुंदरता नष्ट हवे जांदी; उन ही धनवान आदिम भि धन कमौन्द-कमौन्द मोरि जालो।
12
धन्य च उ आदिम, जु अजमैश का बगत भि मजबूत रौंदो; किलैकि जब उ अजमैश तैं पार कैरी दींदो तब पिता परमेश्वर वे तैं अनन्त जीवन को मुकुट दयालो, ज्यांको वादा पिता परमेश्वर ल अपड़ा प्रेम रखण वलो दगड़ी करयूं च।
13
जब कै आदिम कि अजमैश हो, त तब उ इन नि बोलु, कि पिता परमेश्वर मि तैं अजमौणु च; किलैकि पिता परमेश्वर कु बुरी बातों बट्टी कै भि ढंग को लींण-दींण नि च, अर न ही पिता परमेश्वर कै तैं अजमैश मा डल्द।
14
पर हर एक आदिम अपड़ी ही बुरी लालसाओं का कारण फंसिके अजमैश मा पुड़दो।
15
यांका बाद, जब उ पाप कनै की योजना की कल्पना करदु, तब पाप कु जन्म हूंद। अर अंत मा, उ सदनी कु मोरि जांदु।
16
हे मेरा प्रिय विश्वासी भयों, अपड़ा जीवन मा धोखा नि खावा।
17
किलैकि हर एक अच्छो वरदान अर हर एक उत्तम दान पिता परमेश्वर बट्टी ही च अर वे बट्टी ही मिल्दो, जैल आसमान की ज्योतियों तैं बणै। पिता परमेश्वर हमेशा एक ही जन च अर कभि भि छैल का तरौं नि बदलद।
18
पिता परमेश्वर ल अपड़ी ही मनसा का अनुसार सच्चा वचन का द्वारा हम तैं नयो जन्म दींनि, कि हम वेका द्वारा बणईं हर एक चीज का सबसे जरूरी भाग हो, जन कि फसल कु पैलो हिस्सा सबसे जरूरी हिस्सा हूंद।
19
हे मेरा विश्वासी भयों, ईं बात तैं तुम जणिल्या हर एक आदिम तैं पिता परमेश्वर का वचन सुनणु कु तैयार रौंण वलो अर बुल्ण मा धीरज रखण वलो अर जल्दी गुस्सा कन वलो नि हूंण चयणु च।
20
किलैकि आदिम का गुस्सा बट्टी पिता परमेश्वर की धार्मिकता को उदेश्य पूरो नि हूंद।
21
इलै मनों को सैरो मैल अर बैर-भाव की बढ़ती तैं दूर कैरी कै, वे पिता परमेश्वर का वचन तैं नम्रता ल स्वीकार कैरी ल्या, जु तुमारा मन मा डलै गै, उ ही तुमारा आत्मा तैं बचै सकदो।
22
पिता परमेश्वर कु वचन को पालन कन वला बणा, न कि सुनण वला ही, जु अपड़ा आप तैं धोखा दींदीनी।
23
किलैकि जु आदिम वचन सूंणि के वेका अनुसार जीवन बसर नि करदो, उ वे आदिम का जन च जु अपड़ा असली मुक ऐना मा दिखदु।
24
अर जब उ अपड़ा मुक देखि के उख बट्टी चलि जांदु, अर वे ही बगत बिसरी जांद कि मि कन दिख्योणु छो।
25
अर जु मनिख पिता परमेश्वर की व्यवस्था तैं, जु पाप बट्टी आजाद करदो वे तैं ध्यान से सिखद अर सुणदु, उ मनिख इलै आशीष पालो कि सूंणि के बिसरदु नि च, पर उन ही काम करदु।
26
जु कुई अपड़ा आप तैं पिता परमेश्वर कु भक्त समझदु, पर बुरी बातों तैं बुल्ण मा अपड़ी जीभ पर काबू नि रखो, त उ अपड़ा आप तैं धोखा दींद, अर वेकी भक्ति बेकार ही च।
27
हमारा पिता परमेश्वर का समणी शुद्ध अर सच्ची भक्ति य च, कि अनाथों अर विधवाओं का दुखों मा ऊंको ख्याल रखा, अर अपड़ा आप तैं दुनिया का बुरा कामों बट्टी बचै के रखा।
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