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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Philippians 2
Philippians 2
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
तुम तैं हर्ष हो कि तुम मसीह बट्टी जुड़यां छा अर तुम तैं मसीही का प्रेम बट्टी तसल्ली मिलीं च, अर पवित्र आत्मा कु दगड़ो, अर किलैकि मसीह तुम कु दयालु अर मयलदु च,
2
त फिर मेरा यु आनन्द तैं इन कै पूरो कैरा कि एक मन रावा अर एक ही प्रेम अर एक ही मनसा रखा।
3
घमण्ड या अहंकार कु कुछ नि कैरा पर दीनता से एक हैंका तैं अफ से अच्छो समझा।
4
हर एक अपड़ी ही भलै की न पर दुसरों कि भलै कि भि चिंता कैर।
5
जन मसीह यीशु कु बरतौ छो उन ही तुमारो बरतौ भि हो;
6
उ हर ढंग से पिता परमेश्वर का जन छो फिर भि मसीह ल परमेश्वर दगड़ी अपड़ी बराबरी तैं बणये रखण सै नि समझी।
7
बल्कि वेल अपड़ो सभि कुछ ईश्वरीय अधिकार तैं भि छोड़ दींनि जन बुल्दींनि कि वेल सब कुछ पिछनै छोड़ी दींनि अर सेवक कु रूप धारण कैरी, अर उ मनिख बंणि गै।
8
अर मनिख का रूप मा प्रगट हवे के अपड़ा आप तैं दीन कैरी, अर पिता परमेश्वर की आज्ञाकारिता मा उ सूली पर एक भंगारी का जन मौत भि सै।
9
इलै पिता परमेश्वर ल वे तैं सबसे ऊँचा पद पर बैठै, अर वे तैं उ नौं दींनि जु सभि नौं मा बड़ो च।
10
इलै जु स्वर्ग मा, अर धरती पर, अर जु धरती का मूड़ी छिन; उ सभि यीशु का सम्मान कु घुंडा टेकुनु,
11
अर पिता परमेश्वर कि बड़ै कु सभि लोग अंगीकार कैरो कि यीशु मसीह ही प्रभु च।
12
जब मि तुम दगड़ी छो तब तुम ल हमेशा पिता परमेश्वर की आज्ञा कु पालन कैरी अब जब मि दूर हवे ग्यों, त तुम तैं और भि बात मनण चयणी च। पिता परमेश्वर डौर का दगड़ी तुम मा बट्टी हर एक तैं ऊं चीजों तैं कन चयणु च जूं ऊं लुखुं कु सै च जौं तैं पिता परमेश्वर ल उद्धार द्ये अर बचै।
13
किलैकि परमेश्वर ही च, जु तुम्हरा भितर काम कनु च, अर तुम तैं उ कनै की इच्छाशक्ति दयूंणु च, ज्यां बट्टी वे तैं खुशी मिलदी।
14
सब काम बगैर बबड़य्यां अर बगैर झगड़ा ल कैरा करा;
15
किलैकि तुम निर्दोष अर सीधा हवे के टेढ़ा अर भ्रष्ट लुखुं का बीच मा पिता परमेश्वर कि निष्कलंक सन्तान बंणि के रै सक्यां, तुम ईं दुनिया का लुखुं का बीच मा आकाश का गैणों का जन चमका, जब तुम ऊं तैं उ वचन बतांद छा जु हमेशा कु जीवन दींदी,
16
कि मसीह का फिर से औंणा का दिन मि तैं घमंड कनु कु कारण हो कि मेरी कोशिश अर मेरी मेहनत बेकार नि रौ।
17
प्रभु पर तुम्हरो विश्वास अर वेका प्रति तुम्हरी सेवा परमेश्वर तैं चढै गै बलिदान का जन च। जु उ मि तैं मारि भि डलला, त मि वे दाखरस का जन होलो जै तैं याजक तुम्हरा बलिदान का मथि एक पीणै की भेंट कैरी के अखणांद कि बलिदान तैं पूरो कैरो।
18
उन ही तुम भि खुश रावा, अर मि दगड़ी खुशी मंणावा।
19
मि तैं प्रभु यीशु मसीह पर आस च कि मि तुम मा तीमुथियुस तैं तुरंत भिजलु, कि वे बट्टी तुमारी दशा सूंणि के मि तैं खुशी मिलो।
20
किलैकि मि मा इन बरतौ कु कुई और नि च, जु सच्चा मन बट्टी तुमारी चिंता कैरो।
21
किलैकि सब अपड़ा स्वार्थ कि खोज मा रौदींनि, उ मसीह यीशु बट्टी जुड़ीं बातों का बारा मा परेशान नि छिनी।
22
पर तुम जंणदा छा कि तीमुथियुस ल कन कै दिखै की उ वफादार च कि जन नौंनो बुबा दगड़ी काम-काज करदो, उन ही वेल भि शुभ सन्देश का फैलांण मा मि दगड़ी मेहनत कैरी।
23
इलै मि तैं इन आस च कि जन मि तैं पता चललो कि मेरी क्य दशा होली, त उन ही मि वे तैं तुरंत भेजि दयुलु।
24
अर मि तैं प्रभु मा भरोसो च कि मि अफ भि जल्दी औलु।
25
मिल इपफ्रुदीतुस तैं तुम मा भिजण जरूरी समझी। उ मेरू भैय, अर ऊं शुभ संदेश कु विरोध कन वला लुखुं का विरुद्ध मा मि दगड़ी एक योद्धा का जन खड़ो छो जु तुम्हरो संदेश मि तैं पौछांण वलो एक प्रेरित च, अर जरूरी बातों मा मेरी सेवा कन वलो च
26
वेको ज्यू तुम सभियूं मा लग्युं छो, किलैकि तुम ल वेकी बिमारी कु हाल समाचार सूंणि, इलै उ तुमारी चिंता करदु।
27
सचमुच मा उ बिमार त हवे गै छो, इख तक कि मुरण पर छो, पर पिता परमेश्वर ल वे पर दया कैरी; अर वे पर ही न पर मि पर भि और भि बड़ो दुःख नि हूंण द्ये।
28
इलै मिल वे तैं भेजणै कि और भि जादा कोशिश कैरी कि तुम वे बट्टी मिली के खुश हवे जां अर मेरी भि चिंता कम हवे जौं।
29
इलै तुम प्रभु मा वे बट्टी भौत खुशी से मिल्यां, अर तुम वेको अर वेका जन लुखुं कु आदर कना रयां।
30
इलै की उ मसीह का कामों कु अपड़ा प्राण तैं भि खतरा मा डाली के मुरण कु तैयार हवे गै छो, कि उ, ऊं तरीकों ल मेरी मदद कैर साका, जु तुम नि कैरी सकणा छा किलैकि तुम भौत दूर छा।
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