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Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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Jude 1
Jude 1
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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Chapter 1
1
यह पत्र येशु मसीह के सेवक और याकूब के भाई यहूदा की ओर से उन के नाम है, जो परमेश्वर द्वारा बुलाए गए हैं, जो पिता परमेश्वर द्वारा पवित्र किए गए हैं, और जो येशु मसीह के आगमन के लिए सुरक्षित हैं।
2
आप लोगों को दया, शान्ति और प्रेम प्रचुर मात्रा में प्राप्त हो!
3
प्रिय भाइयो एवं बहिनो! हम जिस मुक्ति के सहभागी हैं, मैं उसके विषय में बड़ी उत्सुकता से आप लोगों को लिखना चाहता था, किन्तु अब मुझे आवश्यक प्रतीत हुआ कि इस पत्र द्वारा आप लोगों से यह अनुरोध करूँ कि आप उस विश्वास की रक्षा के लिए संघर्ष करें, जो सदा के लिए सन्तों को सौंपा गया है;
4
क्योंकि कुछ व्यक्ति आप लोगों के बीच छिप कर घुस आये हैं। इन धर्मद्रोही लोगों की दण्डाज्ञा प्राचीन काल से धर्मग्रन्थ में लिखी हुई है। ये धर्मद्रोही हमारे परमेश्वर की कृपा को विलासिता का बहाना बनाते और हमारे एकमात्र स्वामी एवं प्रभु येशु मसीह को अस्वीकार करते हैं।
5
यद्यपि आप लोग यह सब जानते हैं, फिर भी मैं आप को याद दिलाना चाहता हूँ कि प्रभु ने मिस्र देश से इस्राएली प्रजा का अद्वितीय उद्धार करने के बाद भी उन लोगों का विनाश किया, जो विश्वास करने से इनकार करते हैं।
6
जिन स्वर्गदूतों ने अपनी मर्यादा का उल्लंघन किया और अपना निजी निवासस्थान छोड़ दिया, परमेश्वर उन्हें न्याय के महान् दिन के लिए नरक के अन्धकार में अकाट्य बेड़ियों से बांधे रखता है।
7
सदोम, गमोरा और उनके आसपास के नगरों ने उन स्वर्गदूतों की तरह व्यभिचार किया और वे अप्राकृतिक वासनाओं के दास बन गये। वे हमें चेतावनी देने के लिए आग का अनन्त दण्ड भोग रहे हैं।
8
फिर भी ये व्यक्ति अपने उन्माद में शरीर को अपवित्र करते, प्रभुत्व को तुच्छ समझते और स्वर्गिक सत्वों की निन्दा करते हैं।
9
किन्तु जब प्रधान स्वर्गदूत मीखाएल शैतान से वाद-विवाद कर रहे थे और मूसा के शव को ले कर उस से संघर्ष कर रहे थे, तो उन्हें शैतान को निन्दात्मक शब्दों में दोषी ठहराने का साहस नहीं हुआ। उन्होंने इतना ही कहा, “प्रभु तेरी भत्र्सना करे।”
10
परन्तु ये व्यक्ति उन बातों की निन्दा करते हैं, जिन्हें वे नहीं समझते और जो बातें ये विवेकहीन पशुओं की तरह सहज ही समझते हैं, इनके कारण वे नष्ट हो जाते हैं।
11
धिक्कार इन लोगों को! ये काइन के मार्ग पर चल रहे हैं। ये तुच्छ लाभ के लिए बिलआम की तरह भटक गये और कोरह की तरह विद्रोह करने के कारण विनष्ट हो गये हैं।
12
ये आपके प्रीति-भोजों के लिए कलंक-जैसे हैं, जहाँ वे बिना किसी श्रद्धा के खाते-पीते हैं। ये अपने ही भरण-पोषण को ध्यान में रखते हैं। ये पवन द्वारा उड़ाये हुए जलहीन बादल हैं। ये ऐसे वृक्ष हैं, जो फसल के समय पर फल नहीं देते, जो दो बार मर चुके हैं और जड़ से उखाड़े गये हैं।
13
ये समुद्र की उद्दाम लहरें हैं, जो अपनी लज्जाजनक वासनाओं का फेन उछालती हैं। ये उल्काओं के सदृश हैं। इनके लिए गहरा अन्धकार अनन्त काल तक रख छोड़ा गया है।
14
आदम की सातवीं पीढ़ी में हनोक ने इन लोगों के विषय में यह कहते हुए भविष्यवाणी की, “देखो, प्रभु अपने सहस्रों पवित्र दूतों के साथ आ कर
15
सभी मनुष्यों का न्याय करेगा। विधर्मियों ने जितने कुकर्म किये और धर्मद्रोही पापियों ने प्रभु के विरुद्ध जितने दुर्वचन बोले हैं, प्रभु उन सब बातों के लिए हर एक को दोषी ठहरायेगा।”
16
ये वे लोग हैं जो कुड़बुड़ाते और अपना भाग्य कोसते रहते हैं, अपनी दुर्वासनाओं के अनुसार आचरण करते, डींग मारते और लाभ के लिए खुशामद करते हैं।
17
प्रिय भाइयों एवं बहिनो! आप लोग हमारे प्रभु येशु मसीह के प्रेरितों की भविष्यवाणियाँ याद रखें।
18
उन्होंने आप से यह कहा है, “अन्तिम समय में उपहास करने वाले नास्तिक प्रकट होंगे, जो अपनी अधर्मपूर्ण वासनाओं के अनुरूप आचरण करेंगे।”
19
ये व्यक्ति आप लोगों में फूट डालते हैं। ये संसारी मनुष्य हैं और आत्मा से वंचित हैं।
20
किन्तु प्रिय भाइयो और बहिनो! आप अपने परमपावन विश्वास की नींव पर अपने जीवन का निर्माण करें। पवित्र आत्मा में प्रार्थना करते रहें।
21
परमेश्वर के प्रेम में सुदृढ़ बने रहें और हमारे प्रभु येशु मसीह की दया की आशा करें जो शाश्वत् जीवन की ओर ले जाती है।
22
कुछ लोगों का विश्वास दृढ़ नहीं है। उन पर दया करें।
23
कुछ लोगों को आग में से निकाल कर उनकी रक्षा करें। किंतु कुछ लोगों पर दया करते समय आप सतर्क रहें और विषय-वासना से दूषित उनके वस्त्र से भी घृणा करें ।
24
जो आप को पतन से सुरक्षित रखने में और आप को दोषरहित और आनन्दित बना कर अपनी महिमा में प्रस्तुत करने में समर्थ है,
25
जो हमें हमारे प्रभु येशु मसीह द्वारा मुक्ति प्रदान करता है, उसी एकमात्र परमेश्वर को अनादि काल से, अभी और युग-युगान्तर तक महिमा, प्रताप, सामर्थ्य और अधिकार प्राप्त हो! आमेन!
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