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Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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Micah 2
Micah 2
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
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1
धिक्कार है उनको, जो कुचक्र रचते हैं, जो रात में पलंग पर पड़े-पड़े दुष्कर्म सोचा करते हैं। वे सबेरा होने पर अपनी योजना को कार्यरूप में परिणत भी करते हैं, क्योंकि ऐसा करने की शक्ति उनके हाथ में है।
2
वे पराए खेतों का लालच करते हैं, और उन्हें हड़प लेते हैं; वे दूसरे के मकानों की लालसा करते हैं, और उन्हें हथिया लेते हैं। वे पड़ोसी और उसके परिवार पर अत्याचार करते हैं, वे अन्य व्यक्ति और उसकी पैतृक सम्पत्ति का शोषण करते हैं।
3
अत: प्रभु यों कहता है: ‘मैं शोषण करनेवाले इस वर्ग के विरुद्ध विनाश की योजना बना रहा हूं। तुम इस योजना से अपना गला नहीं छुड़ा सकोगे। वह बुरा समय होगा, तुम अहंकार से सिर उठाकर चल नहीं सकोगे।
4
उस समय तुम्हारे वर्ग का कवि तुम्हारी ओर से निन्दात्मक कहावत कहेगा, वह छाती पीट-पीटकर विलाप करेगा। वह कहेगा, “हम बर्बाद हो गए! प्रभु के लोगों की पैतृक भूमि का अधिकार दूसरों के हाथ में जा रहा है, प्रभु उसको हमारे हाथ से छीन रहा है। हमें बन्दी बनानेवालों के हाथ में वह हमारे खेतों को बांट रहा है।”
5
प्रभु की धर्ममहासभा में चिट्ठी डालकर और रस्सी से नापकर भूमि का वितरण करनेवाला कोई न होगा और तुम्हें भूमि का टुकड़ा भी नहीं मिलेगा।’
6
वे उपदेश करते हैं, ‘हमें उपदेश मत सुना; तुझे ऐसी नबूवत का उपदेश नहीं करना चाहिए, क्योंकि हमें पतन का अपमान सहना नहीं पड़ेगा।’
7
प्रभु कहता है, ‘ओ याकूब के वंशजो, क्या मनुष्य मुझ से यह प्रश्न पूछ सकता है, “क्या प्रभु का आत्मा धीरज खो बैठा है? क्या यह उसके कार्य हैं? क्या सदाचारी के प्रति उसके वचन हितकर नहीं होते?”
8
किन्तु तुम शत्रु के समान मेरे अपने लोगों के विरुद्ध खड़े हो। जो लड़ाई की इच्छा भी नहीं रखते, जो तुम पर विश्वास करके राह से गुजरते हैं, उन शान्तिप्रिय लोगों के कपड़े तुम उतार लेते हो।
9
मेरे अपने लोगों की स्त्रियों को तुम उनके प्रिय घरों से निकालते हो, तुम उनके बच्चों से मेरी महिमा को छीनते हो।
10
उठो, और जाओ, यह विश्राम-स्थल नहीं है। तुम्हारी अशुद्धता के कारण निस्सन्देह उसका महासंहार होगा!’
11
यदि कोई खाली बातें करता और झूठ बोलता हुआ, इधर-उधर फिरता है, और यह कहता है, ‘मैं तुम्हें मदिरा और शराब के पक्ष में उपदेश दूंगा’ तो ये लोग उसको अपना उपदेशक स्वीकार कर लेते हैं!
12
प्रभु कहता है, ‘ओ याकूब-वंशियो! मैं निस्सन्देह तुम सबको पुन: एकत्र करूंगा; मैं बचे हुए इस्राएल-वंशियों को फिर इकट्ठा करूंगा। जैसे बाड़े में भेड़ों को, या चरागाह में पशुओं को एक साथ रखा जाता है वैसे ही मैं तुमको रखूंगा। तुम्हारी संख्या हजारों-हजार होगी।’
13
बन्दीगृह की दीवार तोड़नेवाला प्रभु, तुम्हारे आगे-आगे जाएगा; तुम दीवार को तोड़ोगे, और नगर के प्रवेश-द्वार की ओर जाओगे। तुम उससे नगर के बाहर निकलोगे। तुम्हारा राजा तुम्हारा मार्ग-दर्शन करेगा। प्रभु ही तुम्हारा अगुआ होगा।
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