bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
/
1 Kings 17
1 Kings 17
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
← Chapter 16
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 18 →
1
एलिय्याह गिलाद में तिशबी नगर का एक नबी था। एलिय्याह ने राजा अहाब से कहा, “मैं यहोवा, इस्राएल के परमेश्वर की सेवा करता हूँ। उसकी शक्ति के बल पर मैं भविष्यवाणी करता हूँ कि अगले कुछ वर्षों में न तो ओस गिरेगी, और न ही वर्षा होगी। वर्षा तभी होगी जब मैं उसके होने का आदेश दूँगा।”
2
तब यहोवा ने एलिय्याह से कहा
3
“इस स्थान को छोड़ दो और पूर्व की ओर चले जाओ। करीत नाले के पास छिप जाओ। यह नाला यरदन नदी के पूर्व में है।
4
तुम नाले से पानी पी सकते हो। मैंने कौवों को आदेश दिया है कि वे तुमको उस स्थान पर भोजन पहुँचायेंगे।”
5
अत: एलिय्याह ने वही किया जो यहोवा ने करने को कहा। वह यरदन नदी के पूर्व करीत नाले के समीप रहने चला गया।
6
हर एक प्रात: और सन्ध्या को कौवे एलिय्याह के लिये भोजन लाते थे। एलिय्याह नाले से पानी पीता था।
7
वर्षा नहीं हुई अत: कुछ समय उपरान्त नाला सूख गया।
8
तब यहोवा ने एलिय्याह से कहा,
9
“सीदोन में सारपत को जाओ। वहीं रहो। उस स्थान पर एक विधवा स्त्री रहती है। मैंने उसे तुम्हें भोजन देने का आदेश दिया है।”
10
अत: एलिय्याह सारपत पहुँचा। वह नगर द्वार पर पहुँचा और उसने एक स्त्री को देखा। उसका पति मर चुका था। वह स्त्री ईंधन के लिये लकड़ियाँ इकट्ठी कर रही थी। एलिय्याह ने उससे कहा, “क्या तुम एक प्याले में थोड़ा पानी दोगी जिसे मैं पी सकूँ”
11
वह स्त्री उसके लिये पानी लाने जा रही थी, तो एलिय्याह ने कहा, “कृपया मेरे लिये एक रोटी का छोटा टुकड़ा भी लाओ।”
12
उस स्त्री ने उत्तर दिया, “मैं यहोवा, तुम्हारे परमेश्वर की शपथ खाकर कहती हूँ कि मेरे पास रोटी नहीं है। मेरे पास बर्तन में मुट्ठी भर आटा और पीपे में थोड़ा सा जैतून का तेल है। इस स्थान पर मैं ईंधन के लिये दो चार लकड़ियाँ इकट्ठी करने आई थी। मैं इसे लेकर घर लौटूँगी और अपना आखिरी भोजन पकाऊँगी। मैं और मेरा पुत्र दोनों इसे खायेंगे और तब भूख से मर जाएंगे।”
13
एलिय्याह ने स्त्री से कहा, “परेशान मत हो। घर लौटो और जैसा तुमने कहा, अपना भोजन पकाओ। किन्तु तुम्हारे पास जो आटा है उसकी पहले एक छोटी रोटी बनाना। उस रोटी को मेरे पास लाना। तब अपने और अपने पुत्र के लिये पकाना।
14
इस्राएल का परमेश्वर, यहोवा कहता है, ‘उस आटे का बर्तन कभी खाली नहीं होगा। पीपे में तेल सदैव रहेगा। ऐसा तब तक होता रहेगा जिस दिन तक यहोवा इस भूमि पर पानी नहीं बरसाता।’”
15
अत: वह स्त्री अपने घर लौटी। उसने वही किया जो एलिय्याह ने उससे करने को कहा था। एलिय्याह, वह स्त्री और उसका पुत्र बहुत दिनों तक पर्याप्त भोजन पाते रहे।
16
आटे का बर्तन और तेल का पीपा दोनों कभी खाली नहीं हुए। यह वैसा ही हुआ जैसा यहोवा ने होने को कहा था। यहोवा ने एलिय्याह के द्वारा बातें की थीं।
17
कुछ समय बाद उस स्त्री का लड़का बीमार पड़ा। वह अधिक, और अधिक बीमार होता गया। अन्त में लड़के ने साँस लेना बन्द कर दिया।
18
और उस स्त्री ने एलिय्याह से कहा, “तुम परमेश्वर के व्यक्ति हो। क्या तुम मुझे सहायता दे सकते हो या क्या तुम मुझे सारे पापों को केवल याद कराने के लिये यहाँ आये हो क्या तुम यहाँ मेरे पुत्र को केवल मरवाने आये थे?”
19
एलिय्याह ने उससे कहा, “अपना पुत्र मुझे दो।” एलिय्याह ने उसके लड़के को उससे लिया और सीढ़ीयों से ऊपर ले गया। उसने उसे उस कमरे में बिछौने पर लिटाया जिसमें वह रुका हुआ था।
20
तब एलिय्याह ने प्रार्थना की, “हे यहोवा, मेरे परमेश्वर, यह विधवा मुझे अपने घर में ठहरा रही है। क्या तू उसके साथ यह बुरा काम करेगा क्या तू उसके पुत्र को मरने देगा”
21
तब एलिय्याह लड़के के ऊपर तीन बार लेटा। एलिय्याह ने प्रार्थना की, “हे यहोवा, मेरे परमेश्वर! इस लड़के को पुनर्जीवित कर।”
22
यहोवा ने एलिय्याह की प्रार्थना स्वीकार की। लड़का पुन: साँस लेने लगा। वह जीवित हो गया।
23
एलिय्याह बच्चे को सीढ़ियों से नीचे ले गया। एलिय्याह ने उस लड़के को उसकी माँ को दिया और कहा, “देखो, तुम्हारा पुत्र जी उठा।”
24
उस स्त्री ने उत्तर दिया, “अब मुझे विश्वास हो गया कि तुम सच में परमेश्वर के यहाँ के व्यक्ति हो। मैं समझ गई हूँ कि सचमुच में यहोवा तुम्हारे माध्यम से बोलता है।”
← Chapter 16
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 18 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22