bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
/
2 Peter 1
2 Peter 1
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 2 →
1
यीशु मसीह के दास और प्रेरित शमौन पतरस की ओर से, उन लोगों के नाम जिन्होंने हमारे परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की धार्मिकता के द्वारा हमारे समान बहुमूल्य विश्वास प्राप्त किया है:
2
परमेश्वर और हमारे प्रभु यीशु की पहचान के द्वारा तुम्हें अनुग्रह और शांति बहुतायत से मिलती रहे।
3
प्रभु यीशु के ईश्वरीय सामर्थ्य ने हमें जीवन और भक्ति के विषय में सब कुछ दिया है। यह सब उसकी पहचान के द्वारा हुआ जिसने अपनी महिमा और सद्गुण के द्वारा हमें बुलाया है;
4
इन्हीं के द्वारा उसने हमें बहुमूल्य और बड़ी-बड़ी प्रतिज्ञाएँ दी हैं ताकि उनके द्वारा तुम उस भ्रष्ट आचरण से बचकर जो संसार में बुरी अभिलाषाओं के कारण है, ईश्वरीय स्वभाव के सहभागी हो जाओ।
5
इसी कारण पूरा प्रयत्न करो कि अपने विश्वास में सद्गुण, सद्गुण में ज्ञान,
6
और ज्ञान में संयम, और संयम में धीरज, और धीरज में भक्ति,
7
और भक्ति में भाईचारे की प्रीति और भाईचारे की प्रीति में प्रेम बढ़ाते जाओ।
8
यदि ये बातें तुममें बनी रहें और बढ़ती जाएँ, तो ये हमारे प्रभु यीशु मसीह की पहचान में न तो तुम्हें निष्क्रिय होने देंगी, और न निष्फल।
9
क्योंकि जिसमें ये बातें नहीं हैं, वह अंधा है और धुँधला देखता है, और भूल गया है कि वह अपने पिछले पापों से शुद्ध हो चुका है।
10
इसलिए हे भाइयो, अपनी बुलाहट और चुने जाने को प्रमाणित करने का अत्यधिक प्रयत्न करो, क्योंकि ऐसा करने से तुम कभी ठोकर नहीं खाओगे।
11
इस प्रकार तुम हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनंत राज्य में बड़े स्वागत के साथ प्रवेश पाओगे।
12
इसलिए मैं तुम्हें इन बातों का सदैव स्मरण दिलाता रहूँगा, भले ही तुम इन्हें जानते हो और उस सत्य में जो तुम्हारे पास है, दृढ़ भी किए गए हो।
13
मैं यह उचित समझता हूँ कि जब तक इस डेरे में हूँ तब तक तुम्हें इन बातों का स्मरण दिलाकर उत्साहित करता रहूँ।
14
क्योंकि मैं जानता हूँ कि मेरे डेरे के गिराए जाने का समय निकट है, जैसा हमारे प्रभु यीशु मसीह ने मुझ पर प्रकट भी किया है।
15
इसलिए मैं ऐसा यत्न करूँगा कि मेरे जाने के बाद भी तुम इन बातों को सदैव स्मरण कर सको।
16
जब हमने तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह के सामर्थ्य और आगमन के विषय में बताया, तो हमने चतुराई से गढ़ी हुई कहानियों का अनुकरण करते हुए ऐसा नहीं किया, बल्कि हमने तो उसके प्रताप को अपनी आँखों से देखा था।
17
जब उसने परमेश्वर पिता से आदर और महिमा प्राप्त की, तो उस प्रतापमय महिमा में से उसके लिए यह आवाज़ आई: “यह मेरा प्रिय पुत्र है, जिससे मैं अति प्रसन्न हूँ।”
18
और स्वर्ग से आती इस आवाज़ को हमने उस समय सुना जब हम उसके साथ पवित्र पर्वत पर थे।
19
अतः भविष्यवक्ताओं का जो वचन हमारे पास है वह और भी अधिक दृढ़ ठहरा। तुम यह अच्छा करते हो जो उस वचन पर यह जानकर ध्यान देते हो कि वह एक ऐसा दीपक है, जो अंधेरे स्थान में तब तक प्रकाश देता रहता है जब तक पौ न फटे और भोर का तारा तुम्हारे हृदय में उदय न हो जाए।
20
परंतु सब से पहले यह जान लो कि पवित्रशास्त्र की कोई भी भविष्यवाणी किसी की व्यक्तिगत विचारधारा के आधार पर नहीं होती;
21
क्योंकि कोई भी भविष्यवाणी मनुष्य की इच्छा से कभी नहीं हुई, बल्कि मनुष्य पवित्र आत्मा से प्रेरित होकर परमेश्वर की ओर से बोलते थे ।
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 2 →
All chapters:
1
2
3