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2 Thessalonians 3
2 Thessalonians 3
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
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1
अंत में, प्रिय भाई बहनो, हमारे लिए प्रार्थना करो कि प्रभु का संदेश तेज गति से हर जगह फैलता जाए और उसे महिमा प्राप्त हो, ठीक जैसी तुम्हारे बीच.
2
और यह भी कि हम टेढ़े मनवाले व्यक्तियों तथा दुष्ट मनुष्यों से सुरक्षित रहें क्योंकि विश्वास का वरदान सभी ने प्राप्त नहीं किया है.
3
किंतु प्रभु विश्वासयोग्य हैं. वही तुम्हें स्थिर करेंगे और उस दुष्ट से तुम्हारी रक्षा करेंगे.
4
प्रभु में हमें तुम्हारे विषय में पूरा निश्चय है कि तुम हमारे आदेशानुसार ही स्वभाव कर रहे हो और ऐसा ही करते रहोगे.
5
प्रभु तुम्हारे हृदयों को परमेश्वर के प्रेम तथा मसीह येशु के धीरज की ओर अगुवाई करें.
6
प्रिय भाई बहनो, प्रभु येशु मसीह के नाम में हम तुम्हें यह आज्ञा देते हैं कि तुम ऐसे हर एक व्यक्ति से दूर रहो, जो अनुचित चाल चलता है, जो हमारे द्वारा दी गई शिक्षाओं का पालन नहीं करता.
7
यह तुम्हें मालूम है कि तुम्हारे लिए हमारे जैसी चाल चलना सही है क्योंकि तुम्हारे बीच रहते हुए हम निकम्मे नहीं रहे.
8
इतना ही नहीं, हमने किसी के यहां दाम चुकाए बिना भोजन नहीं किया परंतु हमने दिन-रात परिश्रम किया और काम करते रहे कि हम तुममें से किसी के लिए भी बोझ न बनें.
9
यह इसलिये नहीं कि तुमसे सहायता पाना हमारा अधिकार नहीं है परंतु इसलिये कि हम स्वयं को तुम्हारे सामने आदर्श स्वभाव प्रस्तुत करें और तुम हमारी सी चाल चलो.
10
यहां तक कि जब हम तुम्हारे बीच में थे, हम तुम्हें यह आज्ञा दिया करते थे: “किसी आलसी को भोजन न दिया जाए.”
11
सुनने में यह आया है कि तुममें से कुछ की जीवनशैली आलस भरी हो गई है. वे कोई भी काम नहीं कर रहे; वस्तुतः वे अन्यों के लिए बाधा बन गए हैं.
12
ऐसे व्यक्तियों के लिए प्रभु येशु मसीह में हमारी विनती भरी आज्ञा है कि वे गंभीरता पूर्वक काम पर लग जाएं तथा वे अपने ही परिश्रम से कमाया हुआ भोजन करें.
13
किंतु, प्रिय भाई बहनो, तुम स्वयं वह करने में पीछे न हटना, जो सही और भला है.
14
यदि कोई व्यक्ति हमारे इस पत्र के आदेशों को नहीं मानता है, उस पर विशेष ध्यान दो. उसका साथ न दो कि वह लज्जित हो.
15
इतना सब होने पर भी उसे शत्रु न मानो परंतु एक भाई समझकर उसे समझाओ.
16
शांति के परमेश्वर स्वयं तुम्हें हर एक परिस्थिति में निरंतर शांति प्रदान करते रहें. प्रभु तुम सबके साथ हों.
17
मैं, पौलॉस, अपने हाथों से नमस्कार लिख रहा हूं. मेरे हर एक पत्र का पहचान चिह्न यही है. यही मेरे लिखने का तरीका है.
18
हमारे प्रभु येशु मसीह का अनुग्रह तुम सब पर बना रहे.
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