bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi Bible HHBD
/
1 Chronicles 9
1 Chronicles 9
Hindi Bible HHBD
← Chapter 8
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 10 →
1
इस प्रकार सब इस्राएली अपनी अपनी वंशावली के अनुसार, जो इस्राएल के राजाओं के वृत्तान्त की पुस्तक में लिखी हैं, गिने गए। और यहूदी अपने विश्वासघात के कारण बन्धुआई में बाबुल को पहुंचाए गए।
2
जो लोग अपनी अपनी निज भूमि अर्थात् अपने नगरों में रहते थे, वह इस्राएली, याजक, लेवीय और नतीन थे।
3
और यरूशलेम में कुछ यहूदी; कुछ बिन्यामीन, और कुछ एप्रैमी, और मनश्शेई, रहते थे:
4
अर्थात् यहूदा के पुत्रा पेरेस के वंश में से अम्मीहूद का पुत्रा ऊतै, जो ओम्री का पुत्रा, और इम्री का पोता, और बानी का परपोता था।
5
और शीलोइयों में से उसका जेठा पुत्रा असायाह और उसके पुत्रा।
6
और जेरह के वंश में से यूएल, और इनके भई, ये छे सौ नब्बे हुए।
7
फिर बिन्यामीन के वंश में से सल्लू जो मशुल्लाम का पुत्रा, होदरयाह का पोता, और हस्सनूआ का परपोता था।
8
और यिब्रिरयाह जो यरोहाम का पुत्रा था, एला जो उज्जी का पुत्रा, और मिक्री का पोता था, और मशुल्लाम जो शपत्याह का पुत्रा, रूएल का पोता, और यिब्निरयाह का परपोता था;
9
और इनके भाई जो अपनी अपनी वंशावली के अनुसार मिलकर नौ सौ छप्पन। ये सब पुरूष अपने अपने पितरों के घरानों के अनुसार पितरों के घरानों में मुख्य थे।
10
और याजकों में से यदायाह, यहोयारीब और याकीन,
11
और अजर्याह जो परमेश्वर के भवन का प्रधान और हिलकिरयाह का पुत्रा था, यह पशुल्लाम का पुत्रा, यह सादोक का पुत्रा, यह मरायोत का पुत्रा, यह अहीतूब का पुत्रा था।
12
और अदायाह जो यरोहाम का पुत्रा था, यह पशहूर का पुत्रा, यह मल्कियाह का पुत्रा, यह मासै का पुत्रा, यह अदोएल का पुत्रा, यह जेरा का पुत्रा, यह पशुल्लाम का पुत्रा, यह मशिल्लीत का पुत्रा, यह इम्मेर का पुत्रा था।
13
और उनके भाई थे, जो अपने अपने पितरों के घरानों में सत्राह सौ साठ मुख्य पुरूष थे, वे परमेश्वर के भवन की सेवा के काम में बहुत निपुण पुरूष थे।
14
फिर लेवियों में से मरारी के वंश में से शमायाह जो हश्शूव का पुत्रा, अज्रीकाम का पोता, और हशरयाह का परपोता था।
15
और बकबक्कर, हेरेश और गालाल और आसाप के वंश में से मत्तन्याह जो मीका का पुत्रा, और जिक्री का पोता था।
16
और ओबद्याह जो शमायाह का पुत्रा, गालाल का पोता और यदूतून का परपोता था, और बेरेक्याह जो आसा का पुत्रा, और एल्काना का पोता था, जो नतोपाइयों के गांवों में रहता था।
17
ओर द्वारपालों में से अपने अपने भइयों सहित शल्लूम, अक्कूब, तल्मोन और अहीमान, उन में से मुख्य तो शल्लूम था।
18
और वह अब तक पूर्व ओर राजा के फाटक के पास द्वारपाली करता था। लेवियों की छावनी के द्वारपाल ये ही थे।
19
और शल्लूम जो कोरे का पुत्रा, एब्यासाप का पोता, और कोरह का परपोता था, और उसके भाई जो उसके मूलपुरूष के घराने के अर्थात् कोरही थे, वह इस काम के अधिकारी थे, कि वे तम्बू के द्वारपाल हों। उनके पुरखा तो यहोवा की छावनी के अधिकारी, और पैठाव के रवावाले थे।
20
और अगले समय में एलीआज़र का पुत्रा पीनहास जिसके संग यहोवा रहता था वह उनका प्रधान था।
21
मेशेलेम्याह का पुत्रा जकर्याह मिलापवाले तम्बू का द्वारपाल था।
22
ये सब जो द्वारपाल होने को चुने गए, वह दो सौ बारह थे। ये जिनके पुरखाओं को दाऊद और शमूएल दश ने विश्वासयोग्य जानकर ठहराया था, वह अपने अपने गांव में अपनी अपनी वंशावली के अनुसार गिने गए।
23
सो वे और उनकी सन्तान यहोवा के भवन अर्थात् तम्बू के भवन के फाटकों का अधिकार बारी बारी रखते थे।
24
द्वारपाल पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्खिन, चारों दिशा की ओर चौकी देते थे।
25
ओर उनके भाई जो गांवों में रहते थे, उनको सात सात दिन के बाद बारी बारी से उनके संग रहने के लिये आना पड़ता था।
26
क्योंकि चारों प्रधान द्वारपाल जो लेवीय थे, वे विश्वासयोग्य जानकर परमेश्वर के भवन की कोठरियों और भण्डारों के अधिकारी ठहराए गए थे।
27
और वे परमेश्वर के भवन के आसपास इसलिये रात बिताते थे, कि उसकी रक्षा उन्हें सौंपी गई थी, और भोर- भोर को उसे खोलना उन्हीं का काम था।
28
और उन में से कुछ उपासना के पात्रों के अधिकारी थे, क्योंकि ये गिनकर भीतर पहुंचाए, और गिनकर बाहर तिकाले भी जाते थे।
29
और उन में से कुछ सामान के, और पवित्रास्थान के पात्रों के, और मैदे, दाखमधु, तेल, लोबान और सुगन्धद्ररयों के अधिकारी ठहराए गए थे।
30
और याजकों के पुत्रों में से कुछ सुगन्धद्ररयों में गंधी का काम करते थे।
31
और मतित्याह नाम एक लेवीय जो कोरही शल्लूम का जेठा था उसे बिश्वासयोग्य जानकर तवों पर बनाई हुई वस्तुओं का अधिकारी नियुक्त किया था।
32
और उसके भइयों अर्थात कहातियों में से कुछ तो भंटवाली रोटी के अधिकारी थे, कि हर एक विश्रामदिन को उसे तैयार किया करें।
33
और ये गवैये थे जो लेवीय पितरों के घरानों में मुख्य थे, और कोठरियों में रहते, और और काम से छूटे थे; क्योंकि वे रात- दिन अपने काम में लगे रहते थे।
34
ये ही अपनी अपनी पीढ़ी में लेवियों के पितरों के घरानों में मुख्य पुरूष थे, ये यरूशलेम में रहते थे।
35
और गिबोन में गिबोन का पिता यीएल रहता था, जिसकी पत्नी का नाम माका थ।
36
उसका जेठा पुत्रा अब्दोन हुआ, फिर सुर, कीश, बाल, नेर, नादाब।
37
गदोर, अह्मो, जकर्याह और मिल्कोत।
38
और मिल्कोत से शिमाम उत्पन्न हुआ और ये भी अपने भइयों के साम्हने अपने भइयों के संग यरूशलेम में रहते थे।
39
और नेर से कीश, कीश से शाऊल, और शाऊल से योनातान, मल्कीश, अबीनादाब और एशबाल उत्पन्न हुए।
40
और योनातान का पुत्रा मरीब्बाल हुआ, और मरीब्बाल से मीका उत्पन्न हुआ।
41
और मीका के पुत्रा पीतोन, मेलेक, तह्रे और अहाज थे।
42
और अहाज से यारा और यारा से आलेमेत, अजमावेत और जिम्री, और जिम्री से मोसा।
43
और मोसा से बिना उत्पन्न हुआ और बिना का पुत्रा रपायाह हुआ, रपायाह का एलासा, और एलासा का पुत्रा आसेल हुआ।
44
और आसेल के छे पुत्रा हुए जिनके ये नाम थे, अर्थात् अज्रीकाम, बोकरू, यिश्माएल, शार्याह, ओबद्याह और हतान; आसेल के ये ही पुत्रा हुए।
← Chapter 8
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 10 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29