bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Hindi
/
Hindi Bible HHBD
/
Amos 2
Amos 2
Hindi Bible HHBD
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 3 →
1
यहोवा यों कहता है, मोआब के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि उस ने एदोम के राजा की हडि्डयों को जलाकर चूना कर दिया।
2
इसलिये मैं मोआब मेंस्राग लगाऊंगा, और उस से करिरयोत के भवन भस्म हो जाएंगे; और मोआब हुल्लड़ और ललकार, और नरसिंगे के शब्द होते- होते मर जाएगा।
3
मैं उसके बीच में से न्यायी को नाश करूंगा, और साथ ही साथ उसके सब हाकिमों को भी घात करूंगा, यहोवा का यही वचन है।।
4
यहोवा यों कहता है, यहूदा के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि उनहों ने यहोवा की व्यवस्था को तुच्छ जाना और मेरी विधियों का नहीं माना; और अपने झूठे देवताओं के कारण जिनके पीछे उनके पुरखा चलते थे, वे भी भटक गए हैं।
5
इसलिये मैं यहूदा में आग लगाऊंगा, और उस से यरूशलेम के भवन भस्म हो जाएंगे।।
6
यहोवा यों कहता है, इस्राएल के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि उन्हों ने निर्दोष को रूपये के लिये और दरिद्र को एक जोड़ी जूतियों के लिये बेच डाला है।
7
वे कंगालों के सिर पर की धूलि का भी लालच करते, और नम्र लोगों को मार्ग से हटा देते हैं; और बाप- बेटा दोनों एक ही कुमारी के पास जाते हैं, जिस से मेरे पवित्रा नाम को अपवित्रा ठहराएं।
8
वे हर एक वेदी के पास बन्धक के वस्त्रों पर सोते हैं, और दण्ड के रूपये से मोल लिया हुआ दाखमधु अपने देवता के घर में पी लेते हैं।।
9
मैं ने उनके साम्हने से एमोरियों को नाश किया था, जिनकी लम्बाई देवदारों की सी, और जिनका बल बांज वृक्षों का सा था; तौभी मैं ने ऊपर से उसके फल, और नीचे से उसकी जड़ नाश की।
10
और मैं तुम को मि देश से निकाल लाया, और जंगल में चालीस वर्ष तक लिए फिरता रहा, कि तुम एमोरियों के देश के अधिकारी हो जाओ।
11
और मैं ने तुम्हारे पुत्रों में से नबी होने के लिये और तुम्हारे कुछ जवानों में से नाजीर होने के लिये ठहराया। हे इस्राएलियो, क्या यह सब सच नहीं है? यहोवा की यही वाणी है।
12
परन्तु तुम ने नाजीरों को दाखमधु पिलाया, और नबियों को आज्ञा दी कि भविष्यद्ववाणी न करें।।
13
देखो, मैं तुम को ऐसा दबाऊंगा, जैसी पूलों से भरी हुई गाड़ी नीचे को दबाई जाती है।
14
इसलिये वेग दौड़नेवाले को भाग जाने का स्थान न मिलेगा, और सामर्थी का सामर्थ कुछ काम न देगा; और न पराक्रमी अपना प्राण बचा सकेगा;
15
धनुर्धारी खड़ा न रह सकेगा, और फुर्ती से दौड़नेवाला न बचेगा; सवार भी अपना प्राण न बचा सकेगा;
16
और शूरवीरों में जो अधिक धीर हो, वह भी उस दिन नंगा होकर भाग जाएगा, यहोवा की यही वाणी है।।
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9