bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
1 Corinthians 16
1 Corinthians 16
Chhattisgarhi
← Chapter 15
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
1
अब ओ दान के बारे म बतावत हवंव, जऊन ला परमेसर के मनखेमन बर दिये जाथे—एकर बारे म जऊन बात मेंह गलातिया के कलीसियामन ला करे बर कहे हवंव, तुमन घलो वइसनेच करव।
2
हर हप्ता के पहिली दिन, तुमन ले हर एक झन अपन कमई के मुताबिक कुछू पईसा अलग रखव, अऊ येला बचाके रखव, ताकि जब मेंह आवंव, त तुमन ला पईसा जमा करना झन पड़य।
3
अऊ जब मेंह आहूं, त जऊन मन ला तुमन चुनहू, ओमन ला मेंह परिचय के चिट्ठी दे दूहूं, ताकि ओमन तुम्हर दान ला यरूसलेम पहुंचा देवंय।
4
यदि ये उचित जान पड़ही कि मेंह घलो जावंव, त ओमन मोर संग जाहीं।
5
मकिदुनिया ले होवत, मेंह तुम्हर करा आहूं काबरकि मेंह मकिदुनिया होवत जाहूं।
6
सायद मेंह तुम्हर संग कुछू समय तक ठहिरहूं, अऊ हो सकय, त मेंह जाड़ा के समय म तुम्हर संग रहंव, ताकि जिहां भी मेंह जावंव, तुमन मोर आघू के यातरा म मदद कर सकव।
7
अभी मेंह नइं चाहथंव कि मेंह आवंव अऊ सिरिप तुमन ला देखके चल दंव। मोला आसा हवय कि यदि परभू के ईछा होही, त मेंह कुछू समय तक तुम्हर संग रहिहूं।
8
पर मेंह पिनतेकुस्त के तिहार तक इफिसुस म रहिहूं।
9
काबरकि परभू के काम करे बर, मोला एक बहुंत अछा मऊका मिले हवय अऊ मोर बिरोध करइया कतको हवंय।
10
कहूं तीमुथियुस तुम्हर करा आथे, त तुमन ये बात के खियाल रखव कि तुम्हर संग रहत ओला कोनो बात के चिंता झन होवय, काबरकि ओह घलो मोर सहीं परभू के काम करत हवय।
11
एकरसेति कोनो ओला तुछ झन समझय। ओला सांति के संग बिदा करव, ताकि ओह मोर करा वापिस आवय। काबरकि मेंह ओकर बाट जोहत हवंव कि ओह आने भाईमन संग आही।
12
अब हमर भाई अपुल्लोस के बारे म: मेंह ओकर ले अब्बड़ बिनती करेंव कि ओह भाईमन के संग तुम्हर करा जावय। ओह अभी बिलकुल नइं जाय चाहिस, पर जब ओला मऊका मिलही, त ओह जाही।
13
सचेत रहव; बिसवास म मजबूत बनव; साहसी बनव; बलवान बनव।
14
जऊन कुछू तुमन करथव, मया ले करव।
15
तुमन जानत हव कि स्तिफनास के परिवारवाले अखया म सबले पहिली मसीह के बिसवास म आईन अऊ ओमन अपनआप ला संतमन के सेवा म लगा दे हवंय। हे भाईमन हो! मेंह तुमन ले बिनती करथंव
16
कि तुमन अइसने मनखेमन के बात ला मानव अऊ हर ओ मनखे के बात मानव, जऊन ह ये काम म मदद करथे अऊ मेहनत करथे।
17
मेंह स्तिफनास, फूरतूनातुस अऊ अखइकुस के आय ले खुस हवंव, काबरकि ओमन तुम्हर कमी ला पूरा करे हवंय।
18
ओमन मोर आतमा अऊ संगे-संग तुम्हर आतमा ला घलो तरो-ताजा करे हवंय। अइसने मनखेमन के सम्मान करव।
19
एसिया प्रदेस के कलीसियामन तुमन ला जोहार कहत हवंय। अक्विला अऊ प्रिसकिल्ला ह परभू म तुमन ला बहुंते-बहुंत जोहार कहत हवंय, अऊ वइसने ओ कलीसिया के मनखेमन घलो जोहार कहथें, जऊन मन ओमन के घर म जूरथें।
20
इहां जम्मो भाईमन तुमन ला जोहार कहत हवंय। एक-दूसर ला पबितर चूमा देके जोहार करव।
21
में, पौलुस ह अपन हांथ ले ये लिखके जोहार कहथंव।
22
यदि कोनो परभू ले मया नइं करय, त ओकर ऊपर सराप लगय। हे परभू, आ!
23
परभू यीसू के अनुग्रह तुम्हर ऊपर होवय।
24
मसीह यीसू म मोर मया तुमन जम्मो झन ला मिलय। आमीन।
← Chapter 15
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16