bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
1 Samuel 27
1 Samuel 27
Chhattisgarhi
← Chapter 26
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 28 →
1
ओकर पाछू दाऊद ह अपन मन म सोचिस, “अब में कोनो न कोनो दिन साऊल के हांथ ले मारे जाहूं। सबले बने बात ये होही कि मेंह बचके पलिस्तीमन के देस म भाग जावंव। तब साऊल ह इसरायल के कोनो भी जगह म मोला खोजना छोंड़ दीही, अऊ मेंह ओकर हांथ ले बच निकलहूं।”
2
एकरसेति दाऊद अऊ ओकर संग छै सौ मनखे ओ जगह ला छोंड़ दीन अऊ ओमन गत सहर के राजा माओक के बेटा आकीस करा गीन।
3
दाऊद अऊ ओकर मनखेमन गत म आकीस के संग रहे लगिन। हर एक मनखे के संग ओकर परिवार घलो रहय, अऊ दाऊद के दू झन घरवाली रिहिन: यिजरेल के अहीनोअम अऊ करमेल के अबीगैल, जऊन ह नाबाल के बिधवा रिहिस।
4
जब साऊल ला ये बताय गीस कि दाऊद ह गत ला भाग गे हवय, त ओह ओला फेर नइं खोजिस।
5
तब दाऊद ह आकीस ला कहिस, “यदि मोर ऊपर तोर किरपा-दिरिस्टी हवय, त देहात इलाका म कोनो नगर मोला दे ताकि मेंह उहां रहंव। तोर सेवक ह तोर संग राजकीय सहर म काबर रहय?”
6
एकरसेति ओ दिन आकीस ह दाऊद ला सिकलग नगर दे दीस, अऊ तब ले सिकलग ह यहूदा के राजामन के बने हवय।
7
दाऊद ह पलिस्तीमन के इलाका म एक साल अऊ चार महिना रिहिस।
8
दाऊद अऊ ओकर मनखेमन ऊपर जाके गसूरी, गिरजी अऊ अमालेकीमन ऊपर हमला करिन। (पुराना जमाना ले, ये मनखेमन ओ देस म रहत रिहिन, जऊन ह सूर अऊ मिसर देस तक फईले रिहिस।)
9
दाऊद ह जब भी कोनो इलाका म हमला करय, त ओह उहां के एको मनखे या माईलोगन ला जीयत नइं छोंड़य, पर भेड़-बकरी, गाय-बईला, गदहा, ऊंट अऊ कपड़ामन ला ले लेवय अऊ तब ओह लहुंटके आकीस करा जावय।
10
जब आकीस ह पुछय, “आज तुमन कहां हमला करे बर गे रहेव?” त दाऊद ह कहय, “यहूदा के नेगेव म” या “यरहमेल के नेगेव म” या “केनीमन के नेगेव म।”
11
दाऊद ह ये सोचके एको मनखे या माईलोगन ला जीयत नइं छोंड़य, “ओमन गत म आके हमर बारे म ये कह सकत हें, ‘दाऊद ह अइसने करे हवय।’ ” अऊ जब तक ओह पलिस्तीमन के इलाका म रिहिस, तब तक ओह अइसने ही करिस।
12
आकीस ह दाऊद ऊपर बिसवास करय अऊ अपन मन म कहय, “ओह अपन इसरायली मनखेमन के नजर म अइसे गिर गे हवय कि ओह जिनगी भर मोर सेवक बने रहिही।”
← Chapter 26
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 28 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31