bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
2 Corinthians 3
2 Corinthians 3
Chhattisgarhi
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 4 →
1
का हमन फेर अपन बड़ई करत हवन? या आने मनखेमन सहीं, हमन ला तुम्हर करा सिफारिसी चिट्ठी लाने या तुम्हर करा ले, ले जाय के जरूरत हवय?
2
तुमन खुद हमर चिट्ठी अव, जऊन ह हमर हिरदय म लिखाय हवय अऊ जऊन ला जम्मो झन जानथें अऊ पढ़थें।
3
तुम्हर जिनगी ह देखाथे कि तुमन मसीह के चिट्ठी अव अऊ हमर सेवा के फर अव अऊ ये चिट्ठी ह सियाही ले नइं, पर जीयत परमेसर के आतमा ले लिखे गे हवय अऊ येह पथरा के पटिया म नइं, पर मनखेमन के हिरदय रूपी पटिया म लिखे गे हवय।
4
मसीह के जरिये, परमेसर के ऊपर हमर अइसनेच भरोसा हवय।
5
हमन म अइसने कुछू नइं ए कि हमन कह सकन कि हमन ये काम करे के लईक हवन। हमर काबिलियत परमेसर करा ले आथे।
6
ओह हमन ला एक नवां करार के सेवक होय के लईक बनाय हवय अऊ ये नवां करार ह लिखित म नइं ए, पर येह पबितर आतमा म हवय; काबरकि लिखित कानून ह मिरतू लानथे, पर पबितर आतमा ह जिनगी देथे।
7
यदि लिखित कानून, जऊन ह मिरतू लानिस, अऊ जऊन ह पथरा के पटिया म लिखे गे रिहिस; अइसने महिमा के संग आईस, कि एकर तेज के कारन इसरायलीमन मूसा के चेहरा ला एकटक नइं देख सकिन, हालाकि ओ तेज ह कम होवत जावत रिहिस;
8
त का पबितर आतमा के सेवा ह ओकर ले जादा महिमामय नइं होही?
9
यदि लिखित कानून के सेवा ह महिमामय रिहिस, जऊन ह मनखेमन ला दोसी ठहिराथे, त फेर ओ सेवा ह कतेक जादा महिमामय होही, जऊन ह मनखेमन ला धरमी ठहिराथे।
10
वास्तव म, पहिली जऊन ह महिमामय रिहिस, ओमा अऊ तेज नइं ए, काबरकि अभी के महिमा के तेज ह ओकर ले बढ़के हवय।
11
जऊन तेज ह कम होवत जावत रिहिस, ओह अतेक महिमा के संग आईस, त फेर जऊन ह हमेसा रहिथे, ओकर महिमा ह कतेक जादा बढ़के होही!
12
एकरसेति, जब हमन करा अइसने आसा हवय, त हमन बहुंत हिम्मती अन।
13
हमन मूसा सहीं नो हन, जऊन ह अपन चेहरा म परदा डाले रिहिस ताकि इसरायलीमन ओ तेज ला झन देख सकंय, जऊन ह फीका पड़त जावत रिहिस।
14
पर इसरायलीमन के बुद्धि ला कमजोर कर दिये गे रिहिस, अऊ आज घलो, जब ओमन ओ पुराना करार ला पढ़थें, त ओमन के मन म ओ परदा पड़े रहिथे। ये परदा ह टारे नइं गे हवय; पर जब कोनो मसीह ला गरहन करथे, तभे ये परदा ह टरथे।
15
आज घलो जब मूसा के किताब ला पढ़े जाथे, त ओमन के मन म एक परदा पड़े रहिथे।
16
पर जब भी कोनो परभू करा लहुंटके आथे, त ओ परदा ला टार दिये जाथे।
17
परभू ह तो आतमा ए, अऊ जिहां परभू के आतमा हवय, उहां सुतंतरता हवय।
18
अऊ हमर चेहरा ले परदा हट गे हवय अऊ हमन जम्मो परभू के महिमा ला परगट करथन, अऊ बढ़त महिमा के संग हमन ओकर रूप म बदलत जावत हन, अऊ ये बढ़त महिमा ह परभू करा ले आथे, जऊन ह आतमा ए।
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 4 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13