bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
2 Peter 1
2 Peter 1
Chhattisgarhi
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 2 →
1
ये चिट्ठी सिमोन पतरस के तरफ ले, जऊन ह यीसू मसीह के एक सेवक अऊ प्रेरित ए, ओमन ला मिलय, जऊन मन हमर परमेसर अऊ उद्धार करइया यीसू मसीह के धरमीपन के दुवारा हमरेच सहीं कीमती बिसवास ला पाय हवंय:
2
तुमन ला परमेसर अऊ यीसू हमर परभू के गियान के जरिये, अनुग्रह अऊ सांति बहुंतायत ले मिलय।
3
परमेसर के ईस्वरीय सामर्थ ह हमन ला ओ जम्मो चीज दे हवय, जेकर जरूरत हमन ला जिनगी अऊ भक्ति खातिर होथे अऊ येह हमन ला ओकर बारे म हमर गियान के जरिये मिले हवय, जऊन ह हमन ला अपन खुद के महिमा अऊ भलई के दुवारा बलाय हवय।
4
येमन के जरिये, ओह हमन ला अपन बहुंत महान अऊ कीमती परतिगियां दे हवय, ताकि ओमन के जरिये, तुमन ईस्वरीय सुभाव म सहभागी होवव, अऊ ओ बुरई के काम ले बच जावव, जऊन ह संसार म हवय अऊ खराप लालसा ले आथे।
5
एकरे कारन, तुमन हर किसम ले कोसिस करके अपन बिसवास म भलई, अऊ भलई म गियान,
6
अऊ गियान म संयम, अऊ संयम म भक्ति,
7
अऊ भक्ति म भाई-चारा के दया, अऊ भाई-चारा के दया म मया जोड़त जावव।
8
काबरकि कहूं ये गुन तुमन म रहिथें अऊ येमन बढ़त जाथें, त येमन तुमन ला हमर परभू यीसू मसीह के गियान म निठल्ला अऊ असफल नइं होवन देवंय।
9
पर जेकर म ये गुन नइं ए, ओला धुंधला दिखथे अऊ ओह अंधरा ए, अऊ ओह भुला गे हवय कि ओह अपन पहिली के पाप ले धोवाके साफ हो गे हवय।
10
एकरसेति, हे मोर भाईमन, अपन बुलावा अऊ चुनाव ला निस्चित करे बर अऊ उत्सुक रहव, काबरकि कहूं तुमन अइसने करहू, त तुमन अपन बिसवास ले कभू नइं हटहू,
11
अऊ हमर परभू अऊ उद्धार करइया यीसू मसीह के सदाकाल के राज म तुम्हर जोरदार सुवागत होही।
12
एकरसेति, मेंह तुमन ला हमेसा ये बातमन के सुरता करावत रहिहूं, हालाकि तुमन येमन ला जानथव अऊ ओ सच, जऊन ह तुम्हर करा हवय, ओमा तुमन मजबूत हो गे हवव।
13
मेंह सोचथंव कि मोर बर येह उचित ए कि जब तक मेंह ये देहें के तम्बू म रहत हवंव, तुम्हर सुरता ला ताजा करत रहंव,
14
काबरकि मेंह जानथंव कि मेंह ये देहें ला जल्दी छोंड़ दूहूं जइसने कि हमर परभू यीसू मसीह ह मोला बताय हवय।
15
अऊ मेंह ये बात के पूरा कोसिस करहूं कि मोर मरे के बाद, तुमन ये बातमन ला हमेसा सुरता करव।
16
जब हमन तुमन ला हमर परभू यीसू मसीह के सामर्थ अऊ अवई के बारे बताएंन, त हमन चतुरई ले गढ़े गय कहानीमन के नकल नइं करेंन, पर हमन यीसू के महिमा ला अपन आंखी ले देखे रहेंन।
17
काबरकि ओह, परमेसर ददा ले आदर अऊ महिमा पाईस, जब वैभवसाली महिमा ले ओकर करा ये कहिके अवाज आईस, “येह मोर मयारू बेटा ए; एकर ले मेंह बहुंत खुस हवंव।”
18
जब हमन पबितर पहाड़ ऊपर ओकर संग रहेंन, त हमन खुद ये अवाज ला सुनेंन, जऊन ह स्वरग ले आवत रिहिस।
19
अऊ हमर करा अगमजानीमन के बचन हवय, जऊन ह ये बात ला अऊ मजबूत करिस। तुमन एकर ऊपर धियान देके बने करहू। काबरकि येह एक दीया सहीं अय, जऊन ह एक अंधियार जगह म चमकत हवय, अऊ येह तब तक चमकथे, जब तक कि दिन नइं निकलय अऊ तुम्हर हिरदय म बिहनियां के तारा नइं निकल आवय।
20
सबले पहिली, तुमन ये बात ला जरूर समझ लेवव कि परमेसर के बचन म बताय अगम के बात ह काकरो खुद के बचन के बखान नो हय।
21
काबरकि अगमबानी के सुरूआत मनखे के ईछा ले कभू नइं होईस, पर मनखेमन पबितर आतमा के अगुवई म, परमेसर कोति ले बोलिन।
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 2 →
All chapters:
1
2
3