bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
Acts 21
Acts 21
Chhattisgarhi
← Chapter 20
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 22 →
1
हमन ओमन ले अलग होय के बाद, पानी जहाज म चघके सीधा कोस दीप म आयेंन। ओकर दूसर दिन हमन रूदुस दीप गेंन अऊ फेर उहां ले पतरा नगर गेंन।
2
उहां हमन ला एक पानी जहाज पार करत मिलिस, जऊन ह फीनीके प्रदेस जावत रिहिस। हमन ओही जहाज म चघके चल देंन।
3
जब हमन ला साइप्रस दीप दिखिस, त हमन ओकर दक्खिन दिग ले होवत सीरिया कोति बढ़ेंन अऊ सूर म उतरेंन, जिहां पानी जहाज ले माल उतारे बर रिहिस।
4
उहां कुछू चेलामन ला पाके, हमन ओमन के संग सात दिन रहेंन। ओमन पबितर आतमा के सामर्थ म होके पौलुस ले बिनती करिन कि ओह यरूसलेम झन जावय।
5
पर जब उहां हमर ठहिरे के दिन पूरा होईस, त हमन उहां ले चल देंन। अऊ जम्मो चेला अऊ ओमन के घरवाली अऊ लइकामन हमन ला सहर के बाहिर तक अमराय बर आईन, अऊ उहां समुंदर तीर म, हमन माड़ी टेकके पराथना करेंन।
6
अऊ ओमन ले बिदा होय के बाद, हमन पानी जहाज म चघेंन अऊ ओमन अपन-अपन घर लहुंट गीन।
7
हमन सूर ले समुंदर म यातरा करत पतुलिमयिस पहुंचेंन; उहां हमन भाईमन ले जोहार-भेंट करेंन अऊ ओमन के संग एक दिन रहेंन।
8
दूसर दिन हमन उहां ले चलके कैसरिया सहर म पहुंचेंन अऊ उहां सुघर संदेस के परचारक फिलिप्पुस के घर म रूकेंन। ओह यरूसलेम म चुने गे सात सेवक म ले एक झन रिहिस।
9
ओकर चार कुंवारी बेटी रिहिन, जऊन मन ला अगमबानी करे के बरदान मिले रिहिस।
10
हमर उहां कतको दिन रहे के बाद, अगबुस नांव के एक अगमजानी यहूदिया प्रदेस ले आईस।
11
ओह हमर करा आके पौलुस के कमरपट्टा ला लीस अऊ अपन हांथ-गोड़ ला बांधके कहिस, “पबितर आतमा ह कहत हवय कि जऊन मनखे के ये कमरपट्टा अय, ओला यरूसलेम म यहूदीमन अइसने बांधहीं अऊ ओला आनजातमन ला सऊंप दीहीं।”
12
जब हमन ये बात ला सुनेंन, त हमन अऊ उहां के मनखेमन पौलुस ले बिनती करेंन कि ओह यरूसलेम झन जावय।
13
तब पौलुस ह जबाब दीस, “तुमन काबर रोवत अऊ मोर हिरदय ला टोरत हवव? मेंह तो परभू यीसू के नांव खातिर यरूसलेम म न सिरिप बंदी बने बर, पर मरे बर घलो तियार हवंव।”
14
जब हमन पौलुस ला मनाय नइं सकेंन, त कहेंन, “परभू के ईछा पूरा होवय।”
15
कुछू दिन के बाद, हमन तियार होके यरूसलेम सहर चल देंन।
16
कैसरिया के कुछू चेलामन घलो हमर संग गीन अऊ हमन ला मनासोन के घर ले गीन, जिहां हमन ला ठहरना रिहिस। मनासोन ह साइप्रस दीप के रहइया एक बहुंत पुराना चेला रिहिस।
17
जब हमन यरूसलेम हबरेंन, त भाईमन बड़े आनंद सहित हमर ले मिलिन।
18
दूसर दिन पौलुस ह हमर संग याकूब ले मिले बर गीस, जिहां जम्मो अगुवामन जूरे रहंय।
19
पौलुस ह ओमन ला जोहार करिस अऊ परमेसर ह ओकर सेवा के दुवारा जऊन कुछू काम आनजातमन के बीच म करे रिहिस, ओह एक-एक करके ओमन ला बताईस।
20
जब ओमन ये सुनिन, त परमेसर के महिमा करिन। पर ओमन पौलुस ला कहिन, “तेंह देखत हवस, भाई! हजारों यहूदीमन बिसवास करे हवंय अऊ ओ जम्मो झन मूसा के कानून ला माने के धुन म हवंय।
21
ओमन ला तोर बारे म, ये बताय गे हवय कि तेंह आनजातमन के बीच म रहइया जम्मो यहूदीमन ला मूसा के कानून ला नइं माने के सिकछा देथस। तेंह कहिथस कि अपन लड़कामन के खतना झन करावव या यहूदी रीति-रिवाज के मुताबिक झन चलव।
22
ओमन ला जरूर पता चल जाही कि तेंह इहां आय हवस। अब हमन का करन?
23
एकरसेति जऊन कुछू हमन तोला कहत हवन, वइसनेच कर। हमर संग चार झन मनखे हवंय, जऊन मन एक मन्नत माने हवंय।
24
ये मनखेमन ला ले जा अऊ ओमन के संग अपन ला घलो सुध कर अऊ ओमन के खरचा दे, ताकि ओमन अपन मुड़ मुड़वावंय। तब जम्मो झन जान जाहीं कि जऊन बात तोर बारे म बताय गे हवय, ओह सच नो हय, अऊ तेंह खुद मूसा के कानून के पालन करथस।
25
आनजात बिसवासीमन बर हमन ये फैसला करके लिख भेजे हवन कि ओमन मूरती ला चघाय खाना ले, लहू ले, गला घोंटके मारे पसु के मांस ले अऊ छिनारी काम ले दूरिहा रहंय।”
26
दूसर दिन पौलुस ह ओ मनखेमन ला लीस अऊ ओमन के संग अपनआप ला घलो सुध करिस। तब ओह मंदिर म गीस अऊ उहां बताईस कि सुध होय के दिन ह कब पूरा होही अऊ ओमन म के हर एक के खातिर दान चघाय जाही।
27
जब सात दिन पूरा होवइया रिहिस, तब एसिया प्रदेस के कुछू यहूदीमन पौलुस ला मंदिर म देखिन। ओमन जम्मो मनखेमन ला भड़काके पौलुस ला पकड़ लीन,
28
अऊ चिचियाके ये कहे लगिन, “हे संगी इसरायलीमन हो, हमर मदद करव। येह ओही मनखे ए, जऊन ह हर जगह जम्मो मनखेमन ला हमर यहूदी जात, हमर कानून अऊ ये मंदिर के बिरोध म सिखोथे। इहां तक कि ओह यूनानीमन ला मंदिर के भीतर लानके, ये पबितर स्थान ला असुध कर दे हवय।”
29
(ओमन एकर पहिली इफिसी त्रुफिमुस ला पौलुस के संग सहर म देखे रिहिन। एकरसेति ओमन ये समझिन कि पौलुस ह ओला मंदिर म लाने हवय।)
30
तब जम्मो सहर म खलबली मच गीस। मनखेमन जम्मो कोति ले दऊड़के आईन अऊ पौलुस ला पकड़ लीन, अऊ ओला घसीटत मंदिर के बाहिर ले गीन अऊ तुरते कपाटमन ला बंद कर दीन।
31
जब ओमन ओला मार डारे के कोसिस करत रिहिन, तभे रोमी सेनापति ला ये संदेस मिलिस कि जम्मो यरूसलेम सहर म खलबली मच गे हवय।
32
तब ओह तुरते कुछू अधिकारी अऊ सैनिकमन ला लीस अऊ दऊड़के भीड़ करा खाल्हे आईस। जब मनखेमन सेनापति अऊ ओकर सैनिकमन ला देखिन, त ओमन पौलुस ला मारे-पीटे ला छोंड़ दीन।
33
तब सेनापति ह लकठा म आके पौलुस ला बंदी बना लीस अऊ ओला दू ठन संकली म बांधे के हुकूम दीस अऊ ये पुछिस, “येह कोन ए अऊ येह का करे हवय?”
34
भीड़ म कोनो मन एक बात बर, त कोनो मन कुछू आने बात बर चिचियावन लगिन, अऊ जब हो-हल्ला के मारे सेनापति ह सच बात ला नइं जान सकिस, त ओह पौलुस ला गढ़ म ले जाय के हुकूम दीस।
35
जब पौलुस ह सीढ़ीमन करा हबरिस, त भीड़ के उपदरव के कारन सैनिकमन ओला उठाके ले गीन।
36
भीड़ के जऊन मनखेमन ओकर पाछू-पाछू आवत रिहिन, ओमन चिचिया-चिचियाके ये कहत रहंय, “येला मार डारव।”
37
जब सैनिकमन पौलुस ला गढ़ म ले जवइया रिहिन, त ओह सेनापति ले पुछिस, “का मोला कुछू कहे बर हुकूम मिलही?” सेनापति ह कहिस, “का तेंह यूनानी भासा जानथस?
38
का तेंह मिसर के रहइया ओ मनखे नो हस, जऊन ह कुछू समय पहिली बिदरोह करके चार हजार उग्रवादीमन ला निरजन प्रदेस म ले गे रिहिस?”
39
पौलुस ह कहिस, “मेंह एक यहूदी अंव अऊ किलिकिया के नामी सहर तरसुस के निवासी अंव। मेंह तोर ले बिनती करत हंव कि मोला मनखेमन ले बात करन दे।”
40
सेनापति ले हुकूम पाके, पौलुस ह सीढ़ी के ऊपर ठाढ़ होईस अऊ भीड़ ला अपन हांथ ले इसारा करिस। जब ओमन सांत हो गीन, त पौलुस ह ओमन ला इबरानी म कहे लगिस।
← Chapter 20
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 22 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28