bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
Genesis 31
Genesis 31
Chhattisgarhi
← Chapter 30
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 32 →
1
लाबान के बेटामन के ये बात याकूब के सुने म आईस, “याकूब ह हमर ददा के जम्मो चीज ला लेय ले हे, अऊ हमर ददा के धन के कारन ओह ये जम्मो धन-संपत्ति कमाय हे।”
2
अऊ याकूब ह धियान दीस कि लाबान के बरताव ह ओकर बर पहिले सहीं नइं ए।
3
तब यहोवा ह याकूब ला कहिस, “तेंह अपन पुरखा अऊ अपन रिस्तेदारमन के देस म लहुंट जा, अऊ मेंह तोर संग रहिहूं।”
4
एकरसेति याकूब ह राहेल अऊ लिआ ला बाहिर मैदान म आय बर खबर भिजवाईस जिहां ओकर भेड़-बकरीमन रहंय।
5
ओह ओमन ला कहिस, “में देखत हंव कि तुम्हर ददा के बरताव ह मोर बर पहिले सहीं नइं ए, पर मोर ददा के परमेसर ह मोर संग हवय।
6
तुमन जानत हव कि में तुम्हर ददा के सेवा पूरा मेहनत से करे हंव,
7
तभो ले तुम्हर ददा ह दस बार मोर बनी ला बदलके मोर ले छल-कपट करिस। पर परमेसर ह ओला मोर हानि करे बर नइं दीस।
8
जब ओह कहिस, ‘चित्तीवाला बोकरामन तोर मजदूरी होहीं,’ त जम्मो भेड़-बकरीमन चित्तीवाला जनमे लगिन; अऊ जब ओह कहिस, ‘धारीवालामन तोर मजदूरी होहीं,’ त जम्मो भेड़-बकरीमन धारीवाला जनमे लगिन।
9
अइसन करके परमेसर ह तोर ददा के पसुमन ला लेके मोला दे हवय।
10
“भेड़-बकरी के गाभिन होय के समय म एक बार मेंह सपना म देखेंव कि जऊन बोकरामन बकरी ऊपर चघत हवंय, ओमन धारीवाला, चित्तीवाला या चितकबरा हवंय।
11
तब परमेसर के स्वरगदूत ह सपना म मोला कहिस, ‘हे याकूब।’ में कहेंव, ‘में इहां हंव।’
12
अऊ ओह कहिस, ‘आंखी उठाके देख कि ओ जम्मो बोकरा, जेमन बकरीमन ऊपर चघत हवंय, ओमन धारीवाला, चित्तीवाला या चितकबरा हवंय, काबरकि में ओ जम्मो चीज ला देखे हवंव, जऊन ला लाबान तोर संग करत हवय।
13
में ओ बेतेल के परमेसर अंव, जिहां तें एक खंभा के अभिसेक करे रहय, अऊ मोर मन्नत माने रहय। अब तें ये देस ला तुरते छोंड़ अऊ अपन जनम भुइयां ला लहुंट जा।’ ”
14
तब राहेल अऊ लिआ कहिन, “का हमर ददा के संपत्ति म अब भी हमर कुछू बांटा या हिस्सा बांचे हवय?
15
का ओह हमन ला परदेसी नइं समझत हे? ओह सिरिप हमन ला बेचे ही नइं ए, पर हमर बदले दिये गय रूपिया ला खा डारिस हे।
16
सही म, ओ जम्मो धन जऊन ला परमेसर ह हमर ददा ले लेय लीस, ओ हमर अऊ हमर लइकामन के अय। एकरसेति जइसन परमेसर ह तोला कहे हवय, वइसने कर।”
17
तब याकूब ह अपन लइका अऊ घरवालीमन ला ऊंट म चघाईस,
18
अऊ जतेक पसु अऊ सामान ओह पदन-अराम म कमाय रिहिस, ओ जम्मो ला अपन आघू म रवाना करके, अपन ददा इसहाक करा कनान देस जाय बर निकलिस।
19
जब लाबान ह अपन भेड़मन के ऊन कतरे बर गे रिहिस, त राहेल ह अपन ददा के घर-देवतामन ला चोरा लीस।
20
याकूब ह लाबान अरामी करा ले चोरी से चले गीस; ओला नइं बताईस कि ओह भागके जावत हे।
21
ओह अपन जम्मो कुछू ला लेके भागिस, अऊ फरात नदी ला पार करके गिलाद के पहाड़ी देस कोति गीस।
22
तीसर दिन लाबान ला खबर मिलिस कि याकूब ह भाग गे हवय।
23
अपन रिस्तेदारमन ला लेके, ओह सात दिन तक याकूब के पीछा करिस अऊ गिलाद के पहाड़ी देस म ओकर करा हबरिस।
24
पर परमेसर ह रथिया सपना म आके अरामी लाबान ला कहिस, “सावधान रह! तें याकूब ला न तो भला कहिबे, न बुरा।”
25
जब लाबान ह याकूब करा हबरिस, तब याकूब ह गिलाद के पहाड़ी देस म अपन तम्बू गाड़े रिहिस, अऊ लाबान ह घलो अपन रिस्तेदारमन संग उहां अपन तम्बू गाड़िस।
26
तब लाबान ह याकूब ला कहिस, “तेंह ये का करे हस? तेंह मोला धोखा दे हस, अऊ मोर बेटीमन ला अइसने लाने हस, जइसने लड़ई के समय दूसरमन ला बंदी बनाके लानथें।
27
तेंह काबर चुपेचाप भागके मोला धोखा देय? तेंह मोला काबर नइं बताय, नइं तो में तोला आनंद के संग गावत अऊ मिरदंग अऊ बीना बजावत बिदा करे रहितेंव?
28
तेंह तो मोला अपन नाती-नतनीन अऊ बेटीमन ला चूमे तक नइं देय? तेंह गंवारी करे हस।
29
तोला नुकसान पहुंचाय के ताकत मोर करा हवय, पर बीते रथिया, तोर ददा के परमेसर ह मोला कहिसे, ‘सावधान रह! तें याकूब ला न तो भला कहिबे, न बुरा।’
30
तें अपन ददा के घर के मोह के कारन चले आय। पर तें मोर देवतामन ला काबर चोराके ले आने हस?”
31
याकूब ह लाबान ला जबाब दीस, “में ये सोचके डरा गे रहेंव कि कहूं तें अपन बेटीमन ला मोर ले जबरदस्ती झन छीन ले।
32
पर जेकर मेर तें अपन देवतामन ला पाबे, ओ जीयत नइं बांचय। मोर रिस्तेदारमन के आघू म, तें खुद देख ले, कहूं तोर कोनो चीज मोर करा हवय त; यदि हवय, त ओला लेय ले।” याकूब ह नइं जानत रिहिस कि राहेल ह देवतामन ला चोराके ले आने हे।
33
एकरसेति लाबान ह याकूब के तम्बू अऊ लिआ के तम्बू अऊ दू झन दासीमन के तम्बूमन म गीस, पर ओला कुछू नइं मिलिस। लिआ के तम्बू म ले निकलके, ओह राहेल के तम्बू म गीस।
34
राहेल ह घर-देवतामन ला लेके अपन ऊंट के काठी के भीतर म रखे रिहिस अऊ ओकर ऊपर बईठ गे रिहिस। लाबान ह ओकर जम्मो तम्बू म खोजिस पर ओला कुछू नइं मिलिस।
35
राहेल ह अपन ददा ला कहिस, “हे मोर परभू, गुस्सा झन कर कि में तोर आघू म ठाढ़ नइं हो सकेंव; काबरकि मोला माहवारी होवत हे।” ओह खोजिस पर ओला घर-देवतामन नइं मिलिन।
36
तब याकूब ह गुस्सा होके लाबान ले बिबाद करे लगिस अऊ लाबान ले पुछिस, “मोर का दोस ए?” में तोर का गलत करे हंव कि तें मोर पीछा करत आय हस?
37
तें मोर जम्मो सामान ला खोजके देख डारे; इहां तोला अपन घर के सामान म ले का चीज मिलिस? कुछू पाय हस, त ओला तोर अऊ मोर रिस्तेदारमन के आघू म रख, अऊ ओमन ला हमन दूनों के नियाय करन दे।
38
“मेंह तोर संग बीस बछर तक रहेंव; अऊ ये दौरान न तो तोर भेड़-बकरीमन के गरभ गिरिस, न कभू में तोर झुंड के मेढ़ा के मांस खायेंव।
39
तोर जऊन पसुमन ला हिंसक पसुमन मार डारिन, ओमन ला में तोर करा नइं लानेंव; ओकर हानि में खुद उठांय। कोनो चीज, चाहे दिन के चोरी जाय या रथिया, तें ओकर भरती मोर ले मांगे।
40
मोर तो ये दसा रिहिस: दिन के समय घाम ले अऊ रथिया ठंड के मारे मरत रहेंव, अऊ नींद ह मोर आंखी ले कोसों दूर रिहिस।
41
मेंह ये दसा म तोर घर म बीस बछर तक रहेंव। में चौदह बछर तक तोर दूनों बेटी बर अऊ छै बछर तक तोर भेड़-बकरीमन बर सेवा करेंव, अऊ तें मोर मजदूरी ला दस बार बदले हस।
42
कहूं मोर ददा के परमेसर, याने कि अब्राहम के परमेसर, जेकर भय इसहाक घलो मानथे, कहूं ओह मोर संग नइं होतिस, त खचित तें मोला जुच्छा हांथ पठो दे रहितय। पर परमेसर ह मोर दुख अऊ मोर हांथ के मेहनत ला देखे हवय, अऊ बीते रथिया ओह तोला डांटिस।”
43
लाबान ह याकूब ला कहिस, “ये माईलोगनमन तो मोर बेटी अंय, अऊ ये लइकामन मोर लइका अंय, अऊ ये भेड़-बकरीमन भी मोर अंय। जऊन कुछू तेंह देखत हस, ओ जम्मो मोर अंय। पर अब में मोर ये बेटीमन के का कर सकत हंव, या येमन के दुवारा जनमे लइकामन के का कर सकत हंव?
44
अब आ, हमन एक करार करन, तें अऊ में, अऊ येह हमर बीच म एक गवाही के काम करय।”
45
तब याकूब ह एक पथरा लीस अऊ ओला एक खंभा के रूप म ठाढ़ करिस।
46
ओह अपन रिस्तेदारमन ला कहिस, “कुछू पथरा संकेलव।” त ओमन पथरा संकेलके कुढ़ो दीन, अऊ ओही कुढ़ा मेर जेवन करिन।
47
ओ कुढ़ा के नांव लाबान ह यजर-सहादुथा, पर याकूब ह गलीद रखिस।
48
लाबान ह कहिस, “ये कुढ़ा ह आज तोर अऊ मोर बीच म एक गवाही ए।” एकरसेति ओला गलीद कहे गीस।
49
येला मिसपा घलो कहे गीस, काबरकि ओह कहिस, “जब हमन एक-दूसर ले अलग हो जाबो, त यहोवा के नजर तोर अऊ मोर ऊपर रहय।
50
यदि तें मोर बेटीमन ला दुख देबे या मोर बेटीमन के छोंड़ अऊ कोनो ला घरवाली बना लेबे, हालाकि हमर संग कोनो मनखे नइं ए, त सुरता रख कि परमेसर ह तोर अऊ मोर बीच म गवाह हे।”
51
लाबान ह याकूब ला ये घलो कहिस, “ये कुढ़ा ह इहां हवय, अऊ ये खंभा ला में तोर अऊ मोर बीच म ठाढ़ करे हंव।
52
ये कुढ़ा अऊ ये खंभा दूनों ये बात के गवाह रहंय कि तोर नुकसान करे के बिचार ले, न तो में ये कुढ़ा ला नाहकके तोर तरफ आहूं, अऊ न ही मोर नुकसान करे के बिचार ले, तें ये कुढ़ा या खंभा ला नाहकके मोर तरफ आबे।
53
अब्राहम अऊ नाहोर अऊ ओकर ददा के परमेसर ह हमन दूनों के बीच नियाय करय।” तब याकूब ह अपन ददा इसहाक के भय के नांव म किरिया खाईस।
54
अऊ ओह उहां पहाड़ ऊपर एक बलि चघाईस अऊ अपन रिस्तेदारमन ला जेवन करे बर बलाईस। जेवन करके ओमन उहां रात बिताईन।
55
ओकर दूसर दिन बड़े बिहनियां लाबान ह उठके अपन नाती-नतनीन अऊ बेटीमन ला चूमिस अऊ ओमन ला आसीस दीस। तब ओह ओमन ला छोंड़के अपन घर लहुंट गीस।
← Chapter 30
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 32 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40
41
42
43
44
45
46
47
48
49
50