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Isaiah 9
Isaiah 9
Chhattisgarhi
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1
तभो ले, ओमन बर संकट भरे अंधियार खतम हो जाही, जेमन दुख-तकलीफ म रिहिन। बीते समय म तो ओह जबूलून के देस अऊ नपताली के देस के अपमान करिस, पर भविस्य म ओह समुंदर के तरफ जाय के रसता के दुवारा, यरदन नदी के ओ पार, आनजातमन के गलील प्रदेस के आदर करही—
2
जऊन मनखेमन अंधियार म चलत रिहिन ओमन एक बड़े अंजोर ला देखिन; अऊ घोर अंधियार के देस म रहइया मनखेमन के ऊपर एक अंजोर चमकिस।
3
तेंह जाति ला बढ़ाय हवस अऊ ओमन ला बहुंत आनंदित करे हवस; ओमन तोर आघू म वइसने आनंदित होथें, जइसने मनखेमन कटनी के समय आनंदित होथें, ओमन वइसने आनंदित होथें जइसने योद्धामन लूट के सामान ला बांटे के बेरा आनंदित होथें।
4
काबरकि तेंह ओमन के घेंच के भारी जुड़ा ओमन के खांध के बहिंगा, अऊ ओमन ऊपर अंधेर करइयामन के लउठी, ये सबो ला अइसन टोर दे हवस, जइसन मिदयानीमन के हार के दिन करे रहय।
5
लड़ई म उपयोग होवइया हर एक सैनिक के पनही अऊ लहू म लपटे हर एक ओनहा, सब आगी के कौंरा हो जाहीं, सब आगी म बारे के काम आहीं।
6
काबरकि हमर बर एक बालक ह जनमे हे, हमन ला एक बेटा दिये गे हवय, अऊ परभूता ओकर खांध ऊपर होही। अऊ ओकर नांव अद्भूत युक्ति करइया, पराकरमी परमेसर, अनंतकाल के ददा, अऊ सांति के राजकुमार रखे जाही।
7
ओकर परभूता सदा बाढ़त जाही, अऊ ओकर सांति के अन्त नइं होही। ओह दाऊद के सिंघासन अऊ ओकर राज ऊपर सासन करही, ओ समय ले लेके सदाकाल बर नियाय अऊ धरमीपन के संग ओकर राज ह स्थिर रहिही अऊ संभले रहिही। सर्वसक्तिमान यहोवा के धुन ह येला पूरा करही।
8
परभू ह याकूब के बिरूध एक संदेस पठोय हवय; येह इसरायल ऊपर पूरा होही।
9
जम्मो मनखेमन येला जानहीं— एपरैम अऊ सामरिया के रहइया मनखेमन— जेमन घमंड अऊ मन के कठोरता ले गोठियाथें,
10
“ईंटामन तो गिर गे हवंय, पर हमन गढ़े गय पथरा ले फेर बनाबो; डूमर रूखमन ला काटके गिरा देय गे हवय, पर ओमन के बदले हमन देवदार के रूख लगाबो।”
11
पर यहोवा ह रसीन के बईरीमन ला ओमन के बिरूध मजबूत करे हवय अऊ ओमन के बईरीमन ला उकसाय हवय।
12
पूरब ले अरामीमन अऊ पछिम ले पलिस्तीमन मुहूं खोलके इसरायल ला लील ले हवंय। ये जम्मो होय के बाद घलो, ओकर रिस ह सांत नइं होईस, अऊ ओकर हांथ अब तक उठे हवय।
13
तभो ले मनखेमन ओकर मेर लहुंटके नइं गे हवंय, जऊन ह ओमन ला मारिस, अऊ न ही ओमन सर्वसक्तिमान यहोवा के खोज करे हवंय।
14
एकरसेति यहोवा ह इसरायल म ले मुड़ अऊ पुंछी दूनों ला काट डारही, खजूर के डंगाली अऊ सरकंडामन ला एके दिन म काट डारही;
15
अगुवा अऊ नामी मनखेमन तो मुड़ अंय, अऊ लबारी बात सिखोइया अगमजानीमन पुंछी अंय।
16
जेमन ये मनखेमन के अगुवई करथें ओमन येमन ला भटका देथें, अऊ जेमन के अगुवई होथे, ओमन भटक जाथें।
17
एकर कारन परभू ह जवानमन ले खुस नइं होही, अऊ न ही अनाथ अऊ बिधवामन ऊपर दया करही, काबरकि जम्मो झन भक्तिहीन अऊ कुकरमी अंय, अऊ हर एक के मुहूं ले मुरूखता के बात निकलथे। ये जम्मो होय के बाद घलो, ओकर रिस सांत नइं होईस, अऊ ओकर हांथ ह अब तक उठे हवय।
18
खचित दुस्टता ह आगी के सहीं बरथे; येह कंटिली झाड़ी अऊ कांटामन ला भसम कर देथे, येह जंगल के झाड़ीमन म आगी लगा देथे, अऊ येह धुआं के एक खंभा सहीं किंदर-किंदरके ऊपर उठथे।
19
सर्वसक्तिमान यहोवा के कोरोध ले देस ह जलाय जाही अऊ मनखेमन आगी बर लकरी के सहीं होहीं; ओमन एक-दूसर ला नइं छोड़हीं।
20
जेवनी कोति ले ओमन छीन-झपटके खाहीं, पर तभो ले ओमन भूखन रहिहीं; डेरी कोति ले ओमन खाहीं, पर ओमन के पेट नइं भरही। हर एक जन अपन खुद के संतान के मांस ला खाही:
21
मनस्से ह एपरैम ला अऊ एपरैम ह मनस्से ला खाही; एक संग ओमन यहूदा के बिरूध हो जाहीं। ये जम्मो होय के बाद घलो, ओकर रिस ह सांत नइं होईस, अऊ ओकर हांथ अब तक उठे हवय।
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