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Song of Solomon 5
Song of Solomon 5
Chhattisgarhi
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1
हे मोर बहिनी, मोर दुलहिन, मेंह अपन बारी म आ गे हंव; मेंह अपन लोहबान ला अपन मसाला संग संकेल ले हंव। मेंह मंधरस सहित अपन मधु-छत्ता ला खा ले हंव; मेंह अपन अंगूर के मंद अऊ दूध पी ले हंव। हे सहेलीमन खावव अऊ पीयव; अपन बड़े मया से पीयव।
2
में तो सुते रहेंव, पर मोर मन ह जागत रिहिस। सुन! मोर मयारू ह कपाट ला खटखटावत हे अऊ कहत हे, “हे मोर बहिनी, मोर मयारू, मोर पंड़की, मोर उत्तम जन! मोर बर कपाट ला खोल। मोर मुड़ ह ओस म, अऊ मोर चुंदी ह रथिया के नमी म भीग गे हवय।”
3
मेंह अपन ओनहा ला उतार चुके हंव— का ओला फेर पहिर लंव? मेंह अपन गोड़ ला धो डारे हंव— का ओला फेर मईला करंव?
4
मोर मयारू ह अपन हांथ ले कपाट के सिटकिनी ला धक्का देवथे; मोर हिरदय ह ओकर मया बर छलकत हे।
5
मेंह अपन मयारू बर कपाट ला खोले बर उठेंव, अऊ मोर हांथ ले लोहबान चूहत रिहिस, मोर अंगठीमन ले लोहबान ह बेड़ी के मुठ म बह गीस।
6
मेंह अपन मयारू बर कपाट ला खोलेंव, पर मोर मयारू ह वापिस चल देय रिहिस; ओह चले गीस। ओकर जाय ले मोर मन ह बियाकुल होईस। मेंह ओला खोजेंव, पर नइं पायेंव। मेंह ओला बलाएंव, पर ओह जबाब नइं दीस।
7
जब पहरेदारमन सहर म पहरा देवत रिहिन, त ओमन मोला भेंटिन। ओमन मोला मारिन अऊ मोला घायल कर दीन; ओ सहर के दीवारमन के पहरेदारमन, मोर ओढ़ना ला लूटके ले गीन।
8
हे यरूसलेम के बेटीमन, तुमन मोर ले वायदा करव— कहूं तुमन ला मोर मयारू ह मिल जावय, त तुमन ओला बताहू कि मोला मया के रोग हो गे हवय।
9
हे माईलोगन म परम सुन्दरी, तोर मयारू ह आने मन ले कोन बात म उत्तम हवय? तोर मयारू ह कोन बात म आने मन ले बने अय, कि तेंह हमन ला अइसने वायदा करवात हस?
10
मोर मयारू ह हंसमुख अऊ चमकीला ए, ओह दस हजार मनखे म उत्तम अय।
11
ओकर मुड़ ह सुध सोन के सहीं अय; ओकर चुंदी ह लहर सहीं अऊ कऊआ सहीं करिया हवय।
12
ओकर आंखीमन पंड़कीमन सहीं अंय जऊन मन बोहावत पानी के तीर म, दूध म धोवाके, माला म पीरोय जेवर सहीं कतार म हवंय।
13
ओकर गालमन खुसबू देवत मसाला के दसना सहीं अंय। ओकर ओंठ ह कुमुदिनी फूल सहीं अय जेमा ले लोहबान चूहत रहिथे।
14
ओकर बाहांमन पुखराज ले सजे सोन के छड़ सहीं अंय। ओकर देहें ह नीलमनि ले सजे चमकत हाथी-दांत सहीं अय।
15
ओकर गोड़मन सुध सोन के नीव म बईठाय संगमरमर के खंभामन सहीं अंय। ओकर रूप ह लबानोन के सहीं हवय, अऊ देवदार के सहीं मनोहर हवय।
16
ओकर मुहूं के अपन मिठास हवय; ओह हर किसम ले मयारू ए। हे यरूसलेम के बेटीमन, येह मोर मयारू ए अऊ येह मोर संगी अय।
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