bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Chhattisgarhi
/
Chhattisgarhi
/
Zechariah 11
Zechariah 11
Chhattisgarhi
← Chapter 10
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 12 →
1
हे लबानोन, अपन कपाटमन ला खोल, ताकि आगी ह तोर देवदार के रूखमन ला नास कर देवय!
2
हे सनोवर के रूखमन, बिलाप करव, काबरकि देवदार के रूख ह गिर गे हवय; सानदार रूखमन नास हो गे हवंय! हे बासान के बलूत रूखमन, बिलाप करव; काबरकि घना जंगल ला काट डारे गे हवय!
3
चरवाहामन के बिलाप ला सुनव; ओमन के हरियर चरागनमन नास हो गे हवंय! सिंहमन के गरजई ला सुनव; यरदन नदी के रसवाला झाड़ीमन नास हो गीन!
4
यहोवा, मोर परमेसर ह ये कहत हे: “काटे बर चिनहां करे गे पसुमन के झुंड के रखवारी करव।
5
ओमन ला बिसोईयामन काटथें अऊ ओमन ला कोनो सजा नइं मिलय। जऊन मन ओमन ला बेचथें, ओमन कहिथें, ‘यहोवा के इस्तुति होवय, मेंह धनी हो गे हंव!’ ओमन के खुद के चरवाहामन ओमन ऊपर दया नइं करंय।
6
मेंह अब ये देस के मनखेमन ऊपर दया नइं करंव,” यहोवा ह घोसना करत हे। “मेंह हर एक ला ओमन के परोसी अऊ ओमन के राजा के बस म कर दूहूं। ओमन ये देस ला नास कर दीहीं, अऊ मेंह कोनो ला ओमन के हांथ ले नइं बचावंव।”
7
एकरसेति मेंह काटे बर चिनहां करे गे पसुमन के झुंड के रखवारी करेंव, खास करके झुंड के ओ पसुमन के जेमन ऊपर अतियाचार करे जावत रिहिस। तब मेंह दू ठन लउठी लेंव अऊ ओमा ले एक ठन के नांव अनुग्रह अऊ दूसर के नांव एकता रखेंव, अऊ में झुंड के देखरेख करे लगेंव।
8
ओकर बाद मेंह एक महिना म ही तीन झन चरवाहामन ला काम ले हटा देंव। ओ झुंड ह मोर ले बहुंत घिन करे लगिस, अऊ मेंह ओमन ले असकटा गेंव
9
अऊ कहेंव, “मेंह अब तुम्हर चरवाहा नइं रहंव। जऊन मन मरत हें ओमन मरंय, अऊ जऊन मन नास होवत हें ओमन नास होवंय, अऊ जऊन मन बच जाथें ओमन एक-दूसर के मांस खावंय।”
10
तब ओ करार जेला मेंह जम्मो जाति के मनखेमन के संग बांधे रहेंव, ओला टोरत मेंह अपन अनुग्रह नांव के लउठी ला टोर देंव।
11
ओ करार ला ओहीच दिन टोर दिये गीस, अऊ झुंड के सताय गे जऊन पसुमन मोर कोति देखत रिहिन, ओमन जान डारिन कि येह यहोवा के बचन रिहिस।
12
तब मेंह ओमन ले कहेंव, “कहूं तुमन ला ये बने लगे, त मोला मोर बनी दे दव; पर कहूं नइं देय चाहत हव, त झन दव।” तब ओमन मोर बनी के तीस चांदी के टुकड़ा मोला दीन।
13
अऊ यहोवा ह मोला कहिस, “ये बनी ला कुम्हार के आघू म फटिक दे”—ओ बढ़िया दाम जेला ओमन मोर बर ठहिराय हवंय! एकरसेति मेंह चांदी के ओ तीस टुकड़ामन ला लेंव अऊ यहोवा के घर म कुम्हार के आघू म फटिक देंव।
14
तब मेंह यहूदा अऊ इसरायल के बीच परिवार के संबंध ला टोरत, एकता नांव के अपन दूसर लउठी ला टोर देंव।
15
तब यहोवा ह मोला कहिस, “एक मुरूख चरवाहा के चीजमन ला फेर लेय ले।
16
काबरकि मेंह ये देस म एक अइसन चरवाहा ठहिरानेवाला हंव, जऊन ह गंवायमन के चिंता नइं करही, न जवानमन ला खोजही, न घायलमन ला चंगा करही, न ही तंदरूस्तमन ला खवाही, पर ओह बने भेड़मन के मांस ला खाही अऊ ओमन के खुरमन ला फोर दीही।
17
“ओ बेकार चरवाहा ऊपर हाय, जऊन ह पसु के झुंड ला छोंड़के भाग जाथे! अइसन होवय कि ओकर बाहां अऊ ओकर जेवनी आंखी म तलवार चले! ओकर बाहां ह पूरा सूख जावय, अऊ ओह अपन जेवनी आंखी ले पूरा अंधरा हो जावय!”
← Chapter 10
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 12 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14