bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Kumaoni
/
kumaoni
/
Ephesians 6
Ephesians 6
kumaoni
← Chapter 5
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
1
हे नानतिनो, तुम जो प्रभु में विश्वास करछा, अपून ईजा-बबा को हुकमो को पालन करा, क्याखिनकि इसो करूनो तुमून खिन सही छै।
2
परमेश्वर ले पवित्रशास्त्र में हुकुम दी रैछ, कि अपून ईजा-बबा को आदर करा, त तुमार जीन्दगी लम्बी और खुशहाल होलि।
4
तुमून में जो बबा छन, अपून नानतिनान गुस्सा जन दिला, लेकिन उनून प्रभु की शिक्षा और तम्मीज सिखा, और उनोरो पालन-पोषण करा।
5
दासूनथैं मेरि बिनती छै कि जो लोग यो संसार में तुमार मालिक छन, तुम सच्चाई का दगाड़ उनोरो हुकुम माना, माना कि तुम मसीह की सेवा करून मरेछा।
6
तुमून हर बखत अपून मालिकून को हुकुम मानूनो चैछो, उई बखत नै जब उ तुमून देखछो। बल्कि, मसीह का दासून का नियाती बना, जो अपून पुर मन ले उई करछो जो परमेश्वर चाछो कि उन करून।
7
तुम खुशी ले अपून सेवा का काम करनै रौ, इसो समझभेरन तुम आदिमीन की नै, बल्कि प्रभु की सेवा करछा;
8
क्याखिनकि तुम जाणछा, कि जो कोई जसो निको काम करोलो, चाहे दास हो, या दास नै हो, उ काम को फल उ प्रभु थैं भटे पालो।
9
इसीकैं जो मालिक छन, उन ले अपून दासून का दगाड़ इसो बर्ताव करून चैछो और उनून डरूनो-धमकूनो छोड़ दी, उनार दगाड़ निको बर्ताव करून क्याखिनकि तुम जाणछा, कि उनोरो और तुमोरो द्वीवैन को मालिक स्वर्ग में छै, और उ कैको पक्ष नै लीनो।
10
आखरी में प्रभु की सामर्थ का द्वारा आत्मिक रूप में मजबूत बन रौ।
11
हम आदमीन का खिलाफ लड़ाई नै लड़ून मरिया। लेकिन हम प्रधानून और अधिकारीन का खिलाफ और अन्धकार की ताकतून और आत्मिक संसारे की सामर्थ का खिलाफ लड़ून मरिया। येक कारण सबै हथियार पैन ली जो परमेश्वर दीछो। ताकि जब फिर उ बुरा दिन आला, त तुम शैतान का चालून भटे बच सका। और जब यो लड़ाई खतम हो जालि, तब तुम मजबूती ले ठाड़ रै सकला।
14
येक कारण परमेश्वर की सच्चाई स अपून कमर में बैल्टा का नियाती बाँद ली, और अपून निका ब्यवहार स कवच नियाती पैन ली।
15
और परमेश्वर की शान्ति को सुसमाचार सुणून खिन तुमेरि इच्छा ठीक ऊसी हुनी चैछी, जसीकैं एक सिपाई लड़ाई खिन अपून जूता पैन भेरन तैयार हुछो।
16
याँ एक और बात छै, जस तरीका एक सिपाई ढाल लीभेरन अपून मलि में उनवाला दुशमन का तीरून भटे अपूनास बचूछो, उसीकैं मसीह में मजबूत विश्वास राखा कि मसीह तुमून शैतान का द्वारा नुकशान पुजून वाला जलता तीरून भटे बचाभेरन राखौ।
17
जसीकैं लड़ाई में एक सिपाई अपून ख्वारा स बचुन खिन लूवा की टोप पैन राखछो, उसीकैं परमेश्वर तुमून शैतान भटे बचालो। जसीकैं एक सिपाई खुदो को बचाव करून खिन एक तलवार लीछो, उसीकैं अपून बचाव खिन परमेश्वरो को बचन का उपयोग करा, जो पवित्र आत्मा तुमून दीछो।
18
हमून ऊसी प्रार्थना और बिनती करूनी चैछी जसो हमून पवित्र आत्मा सिखूछो। येक कारण जागनै रौ कि सबै परमेश्वरा का लोगून खिन हमेशा बिनती करनै रौ।
19
और तुम मैं खिन ले प्रार्थना कर्या, ताकि बोलून बखत मैंस इसो बचन दी जून कि, ताकि मैं हिम्मतले सुसमाचार को भेद बता सकूँ।
20
येक कारण मैं जंजीरून में जकड़ीना को राजदूत का नियाती सेवा करछूँ। प्रार्थना करा कि, जसा तरीका ले मैंस बोलून चैछो, उसीकैं मैं हिम्मत का दगाड़ सुसमाचार को प्रचार कर सकूँ।
21
प्रभु में प्रिय भाई और विश्वासयोग्य सेवक तुखिकुस तुम लोगून यो सब बता द्योलो, ताकि तुम ले जाण ली कि मैं कसो छूँ और कि करून मरयूँ।
22
ऊस मैंले तुमार पास येक कारण भेज छै, कि तुम हमरि हालत स जाणा, और उ तुमार मनून हौंसला दे।
23
मैं प्रार्थना करछूँ, कि परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह का तरफ भटे विश्वासी भाईन शान्ति और विश्वास प्रेम मिलौ।
24
और मैं यो ले प्रार्थना करछूँ, कि परमेश्वर उन सब में अपूनो अनुग्रह करौ जो हमार प्रभु यीशु थैं प्रेम करनान। उ प्रेम जो कभै खतम नै हुनो।
← Chapter 5
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
All chapters:
1
2
3
4
5
6