bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Kumaoni
/
kumaoni
/
Luke 7
Luke 7
kumaoni
← Chapter 6
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 8 →
1
यीशु लोगून यो सब उपदेश दिना का बाद, कफरनहूम गौं में आयान।
2
वाँ कोई रोमी सुबदारो को दास जो उको प्रिय छ्यो, उ बिमारी ले मरून मरेछ्यो।
3
जब उ सुबदार ले यीशु की चर्चा सुणछ्य, त उले कुछ यहूदी अगुवान यीशु का पास यो विनती करभेरन भेजछ्य, कि उ आभेरन म्यारा यो दास स चंगो कर दे।
4
तब उन यीशु का पास आयान, और उथैं भौत बिनती करभेरन कुन लाग्यान, उ इसो लायक छै कि तैं उ खिन यो कर।
5
क्याखिनकि उ हमरि जाति का दगाड़ प्रेम राखछो, और उलेई हमार यहूदी सभाघर बनायान।
6
यीशु उनार दगाड़ ग्यान, जब यीशु सुबदार का घरा का नजिक पुजून वाला छ्या, त सुबदार ले यीशु का पास अपून कई मित्रून कुन खिन भेजछ्य “हे प्रभु, तैं कष्ट जन कर, क्याखिन मैं इसो लकारिको नाहतिनू कि तैं म्यारा घर भितर अ।
7
येक कारण मैं अपनास इसो लकारिको नै समझनू की त्यारा पास आ सकू, तैं ताँई भटे कैं दे, तैं म्येरो सेवक चंगो है जालो।
8
मैंस पत्तो छै, कि मैंले अधिकारीन का अधिकार में काम करून वालो आदिमी छूँ, और म्यारा अधिकार में थ्वाड़ा सिपाई काम करनान, और जब मैं एक स हुकुम दीभेरन कुछूँ ‘जा,’ त उ जाछो; और दुसारा थैं कुछूँ ‘अ,’ त उ उछो; और जब अपून कोई सेवक थैं कुछूँ, यो काम कर। त उ ऊस करछो।”
9
यो सुणभेरन यीशुस बड़ो ताजुब हुछो, और यीशु ले फरकी भेरन उ भीड़ थैं जो उक पछिल उनमरछी उनूनथैं क्योछ, “मैं सच्ची कुछूँ कि मैंले पुरा इस्राएल देशा का एक ले आदिमी में इसो विश्वास नै देख्यो, जो यो गैर-यहूदी आदिमी की नियाती मैंमें करछो।”
10
और सुबदार का मित्रून ले घर वापस आभेरन, उ दास चंगो पाछ।
11
थ्वाड़ा दिनून का बाद यीशु नाईन नाम नगर में ग्यान, उक शिष्य, और भौत भीड़ उक दगाड़ जानमरेछी।
12
जब यीशु उ नगरा का गेट में पुजियान, त देखा, लोग एक मुरदा स अर्थी में अन्तिम संस्कार करून खिन ली जानमरेछ्या। जो अपूनी ईजा को एकलौतो च्योलो छ्यो, और उ विध्वा छी; और उ नगरा का भौत लोग उक दगाड़ छ्या।
13
ऊस देखिभेरन प्रभु तरस आछ, और उले क्योछ, “जन रौ।”
14
तब उले पास जाभेरन अर्थीस छूँछ, और ली जानवाला रूक जानान। तब यीशु ले क्योछ, “हे जवान मैं तैंथैं कुछूँ, उठ जा।”
15
तब तुरन्त उ मुरदा उठाभेरन बैठि जाछो, और बोलून लागछो। तब यीशु ले ऊस उक ईजा स सौंप दीछ।
16
यो देखिभेरन सब लोग हैरान हो ग्यो, और परमेश्वर की बड़ाई करभेरन कुन लागनान, “हमार बीच में परमेश्वर की तरफ भटे परमेश्वरो को संदेश दिनवाला एक महान आदिमी आ र्योछ, और परमेश्वर ले अपून लोगून की मद्दत करून खिन भेज रैछ।”
17
और यीशुका बारिमें यो बात सारा यहूदिया प्रदेश और आश-पासा का सारा इलाका में फैल जाछी।
18
यहूना स उक शिष्यून ले इन बातुन का बारिमें ऊस बताछ।
19
तब यहूनाले अपून शिष्यून में भटे द्वी जनून बुलाभेरन यीशुका पास यो पूछन खिन भेज छै, “क्या तैं उई मसीह छै, जैस भेजना को वादा परमेश्वर ले कर राखछ्यो, या हम कै दुसरा को इन्तजार करनू?”
20
तब उनूले यीशु का पास आभेरन क्योछ, “हमून तेरा पास यहूना बपतिस्मा दिनवाला ले यो पूछन खिन भेज रैछ, क्या तैं उई मसीह छै, जैस भेजना को वादा परमेश्वर ले कर राखछ्यो, या हम कै दुसरा को इन्तजार करनू?”
21
उई बखत यीशु ले भौत लोगून की बिमारीन और तखलीफ, और भूतून भटे छुड़ाछ; और भौत अंधान आँखा दीयान।
22
और यीशु ले यहूनाका शिष्यून थैं क्योछ, जो तुमूनले देखछ्य, और सुणछ्य, जाभेरन यहूना थैं कै दीया; कि अन्धा देखनान, लंगड़ा हिटनान, और कोढ़ी ठीक हो जानान, और टोला सुणनान, और मुरदा ज्यून करि जानान, और कंगालून सुसमाचार सुणाई जाछो।
23
धन्य छन उन जो म्यारा बारिमें शक नै करना।
24
जब यहूनाका शिष्य वापस न्हैजानान, तब यीशु यहूना बारिमें लोगूनथैं कुन लागछो, तुम बिरान जागान में कि देखन खिन गैछा? क्या हवा ले हिलते हुये सरकण्डान?
25
तो फिर कि देखून गैछा? क्या मेंहंगा कपाड़ा पैनिना का आदिमीन? देखा, जो भड़कीला कपाड़ा पैनना, और सुख-विलास रूनान, उन राजमहलून में रूनान।
26
तो फिर कि देखन खिन गैछा? क्या कोई परमेश्वरो को संदेश दिनवाला स? होई मैं तुमूनथैं कुछूँ, कि परमेश्वरो को संदेश दिनवाला है ले ठूला आदिमी स।
27
यो उई छै, जैका बारिमें पवित्रशास्त्र में लिखीना को छै, देख, मैं अपूनो संदेश दिनवाला स त्यारा अघिल भेजछूँ, जो तैखिन बाँट सुधारोलो।
28
“मैं तुमूनथैं कुंछूँ जो स्यैनि में भटे जन्मीना को छै, उनूनमें भटे यहूना है कोई ले ठूलो नी भ्यो, लेकिन जो परमेश्वरा का राज्य में नानो है नानो ले छै, उ यहूना है ले ठूलो छै।”
29
जब उनूनले यीशु की कईना की बातुन सुणछै, त सब लोगून ले याँ तक की चुंगी लीनवालान ले यहूना थैं बपतिस्मा लीभेरन क्योछ, कि परमेश्वर स धर्मी छै।
30
लेकिन फरीसी लोग और मूसा नियम सिखून वालान ले यहूना भटे बपतिस्मा लीन है इन्कार कर दीछ। और परमेश्वर की मनसा जो उनार बारिमें छी ऊस टाल दीछ।
31
तब यीशु ले क्योछ, मैं यो युग का लोगून की तुलना कैका दगाड़ करूँ? कि उन कैका जसा छन?
32
उन उ नानतिनान का जस छन, जो बजार में बैठि भेरन एक दुसारा थैं धध्याभेरन कुंनान, हमूले तुमून खिन मुरली बजाछ, और तुम नै नाचिया, हमून ले दुख करछ्य, लेकिन तुम रोया नै।
33
क्याखिनकि यहूना बपतिस्मा दिनवालो बार-बार बर्त राखछो और अंगूर को रस नै पिनो, और फिर उन कुंनान कि उमें भूत छै।
34
और मैं आदिमी को च्योलो खानै-पिनै आरयूँ, और तुम कुँछा, देखा, कि खाना को ढाणी और पियक्कड आदिमी, चुंगी लीनवालान और पापिन को मित्र छै।
35
लेकिन परमेश्वरो को ज्ञान अपूनी सब सन्तानून का कारण ले सच्चो ठैराई ग्यो।
36
तब एक फरीसी लोग ले यीशु थैं बिनती करछ्य, कि उक दगाड़ उक घर खान खिन हिटा, त यीशु फरीसी का घर खान खिन जानान, और खानो खान खिन बैठनान।
37
त उई नगरे की एक पापिनी स्यैनि ले यो जाणिभेरन कि यीशु उ फरीसी लोगून का घर में खान खिन आ रियोछ, तैं उ स्यैनि संगमरमर का शीशी में जटामांसी को भौत मेहंगो इत्र लीभेरन वाँ आछ,
38
और उ यीशुका खुटान का पास, ठाड़ हो भेरन, रो-रो भेरन उक खुटान अपून आंशून ले भिगूछी और अपून ख्वारा का बालून ले उक खुटान पोछछी, और बार-बार उक खुटान में इत्र लगाभेरन उको आदर करछी।
39
यो देखिभेरन उ फरीसी लोग जेले यीशुस अपून घर में बुलाईना को छ्यो, अपून मन में सोचून लागछ्य, अगर यो परमेश्वरो को संदेश दिनवाला हुनो तैं यो जाणि लीनो कि यो स्यैनि कसी छै, क्याखिनकि उ पापिनी छी।
40
यीशु ले उक मने की बात जाणिभेरन उथैं क्योछ, “हे शमौन, मैंस तैथैं कुछ कुन छै।” उले क्योछ, “गुरू जी क।”
41
तब यीशु ले एक उदारण दीभेरन क्योछ, कि एक धनवाना का द्वी कर्जदार छ्या, एक पाँच सौ दिनून की मजूरी का बराबर कर्जदार छ्यो, दुसोरो पचास दिना का मजूरी बराबर कर्जदार छ्यो।
42
और उन द्वीवैन का पास कर्ज चुकून खिन केले नी छ्यो, येक कारण धनवान ले उनोरो कर्ज माफ कर दीछ। उन द्वीवैन में भटे को धनवान स ज्यादा प्रेम को करोलो?
43
शमौन ले जबाब दीछ, “म्यारा समझले जैको ज्यादा कर्ज माफ करछ्य।” यीशु ले शमौन थैं क्योछ, तैं ठीक कूंछै।
44
और उ स्यैनि का तरफ देखिभेरन यीशु ले शमौन थैं क्योछ, क्या तैंले यो स्यैनि स देखछी येले कि करछै? मैं त्यारा घर आयू तैले मैंस खुटा धुन खिन पानि नै दीयो, लेकिन येले म्यारा खुटान अपून आंशून ले धोयान और अपून बालून ले पोछियाना।
45
तैले मैंस गला लगाभेरन म्येरो स्वागत नै कर्यो, लेकिन जब भटे मैं या आरयूँ, तब भटे येले म्येरो आदर करून नै छोड़ियो।
46
तैले म्यारा ख्वारा में तेल लगाभेरन म्येरो आदर नै कर्यो, लेकिन येले म्यारा खुटान में मेहंगो इत्र लगाभेरन म्येरो आदर करछै।
47
येक कारण मैं तैंथैं कुछूँ, भौत ज्यादा पाप जो येले कर राखछ्या, उ सब माफ करि ग्यान, क्याखिनकि येले भौत प्रेम करछ्य, लेकिन जैको थ्वाड़ा पाप माफ भ्योछ, उ कम प्रेम करछो।
48
और यीशु ले उ स्यैनि थैं क्योछ, तेरा पाप माफ भ्यान।
49
तब जो लोग उक दगाड़ खान खिन बैठिना का छ्या, उन अपून-अपून मन में सोचून लाग्यान, “यो को छै जो पापून ले माफ करछो?” लेकिन पापून त केवल परमेश्वर माफ कर सकछो।
50
पर यीशु ले स्यैनि थैं क्योछ, परमेश्वर ले तैंस बचा हालछै, क्याखिनकि तैले मैंमें विश्वास करछै, खुशी-खुशी अपून घर खिन न्हैजा।
← Chapter 6
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 8 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24