bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Kumaoni
/
kumaoni
/
Mark 1
Mark 1
kumaoni
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 2 →
1
परमेश्वरो को च्योलो यीशु मसीह का बारिमें सुसमाचारे की शुरूवात, इसकै भैछ।
2
जस यशायाह परमेश्वरो को संदेश दिनवालान की किताब में लिखीना छै, की परमेश्वर ले अपून च्योलो मसीह थैं क्योछ, “देख, मैं अपूनो दूतस त्यारा अघिल भेजछूँ, जो तैखिन बाटो सुधारोलो।
3
उ बिरान जागा में रौलो और लोगून धध्या-धध्याभेरन यो बतालो, ‘कि प्रभु परमेश्वरा का ऊँन खिन तुम तैयार हो ज्या, और उ बाँटान तैयार करा जैमें भटे हो भेरन उ उनवालो छै।’”
4
यो दूत यहूना परमेश्वरो को संदेश दीन वाला छ्यो, उले बिरान जागा यरदन नदी का किनार में अपूनो काम शुरू करछै। जो लोग उक पास आयान उले उनूनथैं क्योछ, “अपून पापून खिन पश्चताप करा और बपतिस्मा ली तब परमेश्वर तुमार पापून माफ कराला।”
5
यहूदिया प्रदेश और यरूशलम शैहरा का रूनवाला भौत लोग बिरान जागा में यहूना को प्रचार सुणन खिन आयान, और उक बाद उन लोगून ले यो मानभेरन कि हम पापी छा, यहूना का हात ले यरदन नदी में बपतिस्मा लीछ।
6
यहूना ऊँट का बालून का बनाईना का साधारण कपाड़ा पैन छ्यो और उ अपून कमर में चमड़ाक पट्टा बादछ्यो, मौ और पिटींग खाँछ्यो।
7
और जब यहूना प्रचार करछ्यो, उले लोगून थैं क्योछ, “म्यारा बाद जो उनवालो छै, उ मैं है महान छै, और उ म्यारा बाद जल्दी उनवालो छै और मैं इसो लाकारी को ले नाहातिनू कि उको सेवक बनभेरन झुकभेरन उको जूताक फित्तो खोलि सकू।
8
मैले त तुमून पानि को बपतिस्मा दीछ, लेकिन उ तुमून पवित्र आत्माले बपतिस्मा द्यालो।”
9
उ बखत जब यहूना बपतिस्मा दीन मरेछ्यो, यीशु नासरत गौं भटे गलील प्रदेश में आछ, और यहूना थैं यरदन नदी में बपतिस्मा लीछ।
10
और जब यीशु पानि भटे भ्यार निकल्यान, उ बखत उ खिन आकाश खुलि ग्यो और यहूना ले यीशु का मलि में पवित्र आत्मा स कबूतर का समान उतरून देखछ्य।
11
और स्वर्ग भटे परमेश्वर की आवाज सुणाई दीछ, “तैं म्येरो लाड़िल च्योलो छै, तैं है मैं भौतै खुशी छूँ।”
12
यीशु मसीह का बपतिस्मा लीना का बाद पवित्र आत्मा ले ऊस बिरान जागा का तरफ तुरन्त भेज दीछ।
13
उ बिरान जागा में चालीस दिन और रात र्योछ, और शैतान का द्वारा उकी परीक्षा भैछ, और वाँ जानवर छ्या पर यीशु की देख-भाल स्वर्गदूत द्वारा हुन मरेछी।
14
थ्वाड़ा बखत का बाद जब राजा हेरोदेस ले यहूना स जेल खान में डलवा दीछ, तब यीशु गलील प्रदेश में ग्यान और लोगून का बीच में परमेश्वरो को राज्य को सुसमाचार प्रचार करछ्य।
15
उले लोगूनथैं क्योछ, “उ बखत आ चूकि ग्योछ, परमेश्वर हरेक लोगून में राज्य करोलो, येक कारण अपून पापून खिन पश्चताप करा और सुसमाचार में विश्वास करा।”
16
एक दिन जब यीशु गलील प्रदेशा का झील का किनार-किनार भटे जानमरेछ्या, तब उनूनले शमौन और उक नान भाई अन्द्रियास झील में जाल ले माछा पकड़ून देखछ्य, किलैकी उन मछुवारा छ्या।
17
यीशु ले उनून बुलाभेरन क्योछ, “तुम म्यार दगाड़ आ, जसकैं तुम माछान पकड़ छा; उसीकैं मैं तुमून लोगून अपूनो शिष्य बनूनो सिखूलो।”
18
तब उनूले तुरन्त अपूनो माछा पकड़ना को काम बन्द कर दीछ, और उक शिष्य बन ग्या।
19
उक बाद थ्वाड़ा और अघिल जाभेरन, फिर यीशु ले देखछ्य, जब्दी का च्याला याकूब और उक भाई यहूना स नाव में अपूनी जालून माँछा पकड़न खिन सुधारून मरेछ्या।
20
यीशु ले उनून बुलाभेरन क्योछ, “म्यारा दगाड़ आ और म्यारा शिष्य बना।” उन अपून बबा जब्दी स मजदूरून का दगाड़ नाव में छोड़िभेरन उक शिष्य बन ग्या।
21
तब यीशु और उक शिष्य कफरनहूम गौं में पुजियान, और जब सबतो को दिन आछ, त यीशु यहूदी सभाघर में जाभेरन उपदेश दीन लागछ।
22
लोग यीशुक उपदेश सुणिभेरन हैरान रैग्या, क्याखिनकि उ मूसा का नियम सिखून वाला नियाती नै, बल्कि उ उनून एक इसा गुरू की नियाती सिखूछ्यो, जैका पास सच्चो अधिकार छ्यो।
23
जब यीशु यहूदी सभाघर में उपदेश दीन मरेछ्यो, तभै वाँ एक आदिमी छ्यो, जैस भूत ले अपून बश में कर राँछ्यो।
24
उले जोर-जोरले चिल्ला भेरन क्योछ, “हे यीशु नासरी, तैं हमून किलै परेशान करून मरेछै? क्या तैं हमून नाश करून खिन आ रैछै? मैं तैंस जाणछूँ कि तैं को छै? तैं परमेश्वरो को पवित्र च्योलो छै।”
25
यीशु ले उ भूत स डांटिभेरन क्योछ, “चुप रौ; और यो आदिमी में भटे भ्यार निकल जा।”
26
तब भूत उ आदिमी स जोरले मरोड़भेरन, चिल्लाट करभेरन, उमें भटे भ्यार न्हैग्यो।
27
यो देखिभेरन यहूदी सभाघरा का सबै लोग भौतै हैरान हो भेरन, एक-दुसारा थैं पुछून लाग्यान, “यो कसो उपदेश छै? यो तैं कोई नय्या उपदेश छै, उ सच्चा अधिकारा का दगाड़ भूतून ले हुकुम दीछो, और भूत उको हुकुम स मान्नान।”
28
और उको नाम उई बखत गलील प्रदेशा का आश-पासा का इलाकान में फैल ग्यो।
29
जब यीशु और उक शिष्य यहूदी सभाघर है निकल्यान, तब उन याकूब और यहूना का दगाड़ शमौन और अन्द्रियास का घर में ग्यान।
30
उ बखत शमौन की सासू स भौत बुखार आ रियोछ, और उ बिछान में पड़ीना की छी, और तब शिष्यून ले यीशु स उक बारिमें बताछ।
31
तब यीशु ले उक बिछान का पास जाभेरन उको हात पकड़ भेरन उठाछ; और उ बखत उको बुखार ठीक है ग्यो, और उ उनेरि आदर-खातर करून लागछ्य।
32
उई ब्याल सबता का दिन खतम हुना का बाद लोग भौत बिमारून, और भूत लागिना का लोगून यीशु का पास ल्यान।
33
और शैहरा का भौत सारा लोग घरा का भ्यार द्वार का पास जामा है ग्या।
34
और यीशु ले भौत लोगून जो कई प्रकारा का बिमारीन ले दुखी छ्या, उनून चंगो करछ्य, भौत लोगून में है भूतून ले निकालछ्य, और यीशु ले भूतून बोलून नी दीछ्या क्याखिनकि भूत यीशु स पछ्याण छ्या कि उ परमेश्वरो को च्योलो छै।
35
यीशु रात खुलून है पैलि जब अन्यारो छ्यो उठियान, और घर भटे भ्यार बिरान जागा में जाभेरन प्रार्थना करून लाग्यान।
36
थ्वाड़ा बखत का बाद शमौन और उक दगड़ियान ले देखछ्य कि यीशु घर में नाहातिन, तब उन ऊस खोजून खिन ग्यान।
37
जब यीशु मिल ग्या तो उनूनले उथैं क्योछ, “भौत सारा लोग तैंस खोजून मर्यान।”
38
तब यीशु ले उनूनथैं क्योछ, “हिटा; हमून आश-पासा का गौंन में ले जान चैछो, क्याखिनकि मैं संसार में येक कारण आरयूँ, ताकि मैं उन लोगून ले खुशखबरी सुणा सकू।”
39
कि यीशु गलील प्रदेशा का सब गौंन में ग्यान, और उले यहूदी सभाघर में जाभेरन सुसमाचार सुणाछ, और भौत लोगून में है भूतून ले निकालछ्य।
40
एक दिन एक कोढ़ी आदिमी ले यीशु का पास आभेरन, उथैं विनती करभेरन उक खुटान में पड़ी भेरन कुन लागछ्य, “प्रभु, अगर तैं चाँछै मैंस चंगो कर सकछै।”
41
यीशु ले दया करभेरन अपूनो हात उमें राँखछ्य, और क्योछ, “होई, मैं चाँछू, तैं चंगो है जा।”
42
और उई बखत उक कोढ़ ठीक हो ग्या, और उ बिलकुल चंगो है ग्यो।
43
तब यीशु ले उ आदिमी स कड़ी चेतावनी दीभेरन विदा करछ्य।
44
यीशु ले उथैं क्योछ, “सुण, कैंथैं के जन कये, कि मैंले तैंस चंगो करछ्य, पर जाभेरन अपूनास याजक स दिखाये, और कोढ़ भटे ठीक हुना का बारिमें, जेले मूसा ले ठैरा राखछ्य, उ भेंट चढ़ाये, ताकि लोग जाण सकून की तैं चंगो है गैछै।”
45
पर उ भ्यार, जाभेरन यो बात स भौत सारा लोगून यो बतून लागछ्य कि यीशु ले मैंस चंगो करछ्य, यो कारण ले यीशु फिर सरे आम गौंन में नै जा सक्या, पर भ्यार बिरान जागा में रून लाग्यान; फिरले चारू तरफ भटे लोग उक पास ऊँन लाग्यान।
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 2 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16