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Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
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1 John 5
1 John 5
Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
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1
जे केओ विश्वास करैत अछि जे यीशुए उद्धारकर्ता-मसीह छथि, से परमेश्वरक सन्तान अछि, और जे केओ पिता सँ प्रेम करैत छनि, से हुनकर सन्तानो सँ प्रेम करैत छैक।
2
अपना सभ जँ परमेश्वर सँ प्रेम करैत छी और हुनकर आज्ञा सभक पालन करैत छी तँ एहि सँ ई जानि सकैत छी जे परमेश्वरक सन्तान सभ सँ प्रेम करैत छी।
3
परमेश्वर सँ प्रेम कयनाइ ई अछि—हुनकर आज्ञा सभक पालन कयनाइ। हुनकर आज्ञा सभ कठिन नहि अछि,
4
कारण, जे केओ परमेश्वरक सन्तान अछि, से संसार पर विजय प्राप्त कयने अछि। ओ विजय जे संसार केँ पराजित करैत अछि, से अपना सभक विश्वासे अछि।
5
संसार पर विजय के प्राप्त कऽ सकैत अछि? खाली वैह जे विश्वास करैत अछि जे यीशु परमेश्वरक पुत्र छथि।
6
यीशु मसीह वैह छथि जे जल और खून द्वारा प्रगट भेलाह। ओ मात्र जले द्वारा नहि, बल्कि जल और खून दूनू द्वारा प्रगट भेलाह। और एकर गवाह पवित्र आत्मा छथि, कारण ओ आत्मा सत्य छथि।
7
एहि तरहेँ तीनटा अछि जे गवाही दैत अछि—
8
परमेश्वरक आत्मा, जल और खून, और तीनू सहमत अछि।
9
अपना सभ मनुष्यक गवाही मानि लैत छी, तँ परमेश्वरक गवाही ओहि सँ कतेक पैघ अछि, और ई गवाही परमेश्वर स्वयं अपना पुत्रक विषय मे देने छथि।
10
जे केओ परमेश्वरक पुत्र पर विश्वास करैत अछि, तकरा हृदय मे ई गवाही रहैत छैक। जे केओ परमेश्वरक बात नहि मानैत अछि, से हुनका झुट्ठा ठहरबैत छनि, कारण ओ ओहि गवाहीक विश्वास नहि कयलक जे परमेश्वर अपना पुत्रक विषय मे देने छथि।
11
ओ गवाही ई अछि जे परमेश्वर अपना सभ केँ अनन्त जीवन देने छथि, और ई जीवन हुनकर पुत्र मे भेटैत अछि।
12
जकरा ककरो मे परमेश्वरक पुत्र छथिन, तकरा मे जीवन छैक, और जकरा ककरो मे परमेश्वरक पुत्र नहि छथिन, तकरा मे जीवन नहि छैक।
13
अहाँ सभ केँ, जे परमेश्वरक पुत्रक नाम पर विश्वास करैत छी, हम ई सभ बात लिखि रहल छी जाहि सँ अहाँ सभ जानी जे अहाँ सभ केँ अनन्त जीवन अछि।
14
अपना सभ परमेश्वरक सामने मे साहस सँ आबि सकैत छी, कारण अपना सभक पूर्ण विश्वास अछि जे, जँ हुनकर इच्छाक अनुसार किछु मँगैत छियनि तँ ओ अपना सभक प्रार्थना सुनैत छथि।
15
और जँ ई जनैत छी जे ओ अपना सभक प्रार्थना सुनैत छथि, चाहे जे किछु मँगियनि, तँ इहो निश्चय जनैत छी जे, जे किछु हुनका सँ मँगने छी, से अपना सभ केँ प्राप्त भऽ गेल अछि।
16
जँ केओ अपना भाय केँ एहन पाप करैत देखत जकर परिणाम मृत्यु नहि होइक, तँ ओ प्रार्थना करय, और ओ जे पाप कयलक, तकरा परमेश्वर जीवन देथिन। हम तकरे सभक बारे मे कहैत छी जे एहन पाप करैत अछि जकर परिणाम मृत्यु नहि छैक। किएक तँ एहनो पाप होइत अछि जकर परिणाम मृत्यु छैक। हम नहि कहैत छी जे ओहि सम्बन्ध मे प्रार्थना कयल जाय।
17
सभ गलत काज तँ पाप अछि, मुदा एहनो पाप होइत अछि जकर परिणाम मृत्यु नहि छैक।
18
अपना सभ जनैत छी जे, जे केओ परमेश्वर सँ उत्पन्न भेल अछि, से पाप नहि करैत रहैत अछि। परमेश्वरक पुत्र ओकरा सुरक्षित रखैत छथिन, और शैतान ओकरा छुबि नहि सकैत छैक।
19
अपना सभ जनैत छी जे परमेश्वरक सन्तान छी और सौंसे संसार शैतानक वश मे अछि।
20
अपना सभ इहो जनैत छी जे परमेश्वरक पुत्र आयल छथि और अपना सभ केँ बुझबाक सामर्थ्य देने छथि जाहि सँ अपना सभ सत्य परमेश्वर केँ चिन्हि सकी। अपना सभ सत्य परमेश्वर मे छी, किएक तँ हुनकर पुत्र यीशु मसीह मे छी। यैह सत्य परमेश्वर और अनन्त जीवन छथि।
21
प्रिय बौआ सभ, अपना केँ झुट्ठा-देवता सभ सँ बचा कऽ राखू।
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