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Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
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Galatians 1
Galatians 1
Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
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1
ई पत्र हम मसीह-दूत पौलुस लिखि रहल छी, जे ने तँ मनुष्य सभक दिस सँ आ ने कोनो मनुष्यक द्वारा मसीह-दूत नियुक्त भेल छी, बल्कि यीशु मसीह द्वारा आ पिता परमेश्वर द्वारा, जे यीशु मसीह केँ मृत्यु मे सँ जिऔलथिन।
2
हम आ हमरा संग जतेक भाय लोकनि छथि से सभ ई पत्र गलातिया प्रदेशक मण्डली सभ केँ लिखि रहल छी।
3
अपना सभक पिता परमेश्वर आ प्रभु यीशु मसीह अहाँ सभ पर कृपा करथि और अहाँ सभ केँ शान्ति देथि।
4
मसीह अपना सभक पापक प्रायश्चित्तक लेल अपना केँ अर्पित कयलनि जाहि सँ एहि वर्तमान पापमय संसारक वश सँ अपना सभ केँ बचबथि। ई अपना सभक पिता परमेश्वरक इच्छाक अनुसार भेल,
5
जिनकर प्रशंसा युगानुयुग होइत रहनि। आमीन।
6
हमरा आश्चर्य होइत अछि जे, जे परमेश्वर मसीहक कृपा द्वारा अहाँ सभ केँ बजौलनि तिनका अहाँ सभ कोना एतेक जल्दी त्यागि कऽ कोनो दोसरे सुसमाचारक दिस घूमि रहल छी।
7
दोसर सुसमाचार तँ कोनो अछिए नहि, मुदा किछु लोक अछि जे अहाँ सभ केँ विचलित कऽ रहल अछि आ मसीहक सुसमाचार केँ बिगाड़ऽ चाहैत अछि।
8
परन्तु जँ हमहूँ सभ वा स्वर्गक कोनो दूतो ओहि सुसमाचार केँ छोड़ि जे हम सभ अहाँ सभ केँ सुनौलहुँ, कोनो आन सुसमाचार अहाँ सभ केँ सुनाबय तँ ओ परमेश्वर द्वारा सरापित होअय!
9
हम सभ जे बात पहिनो कहि चुकल छी सैह हम दोहरबैत छी—जे शुभ समाचार अहाँ सभ स्वीकार कयने छी, जँ ओहि सँ अलग कोनो सुसमाचार केओ अहाँ सभ केँ सुनाबय तँ ओ परमेश्वर द्वारा सरापित होअय!
10
की आब हम मनुष्य सभ सँ प्रशंसा पाबऽ चाहैत छी वा परमेश्वर सँ? की हम मनुष्य सभ केँ प्रसन्न करबाक प्रयास कऽ रहल छी? जँ हम एखनो धरि मनुष्य सभ केँ प्रसन्न करबाक प्रयत्न करैत रहितहुँ तँ हम मसीहक सेवक नहि होइतहुँ।
11
यौ भाइ लोकनि, अहाँ सभ ई बुझि लिअ जे हम जे सुसमाचार अहाँ सभ केँ सुनौलहुँ से मनुष्य द्वारा रचित नहि अछि।
12
किएक तँ ओ ने हमरा कोनो मनुष्य सँ प्राप्त भेल आ ने केओ हमरा सिखौलक, बल्कि तकर ज्ञान यीशु मसीह अपने हमरा देलनि।
13
अहाँ सभ तँ सुनि चुकल छी जे पहिने जखन हम यहूदी धर्म मानैत छलहुँ तँ हमर व्यवहार केहन छल। हम परमेश्वरक मण्डली पर घोर अत्याचार करैत छलहुँ आ ओकरा नष्ट करबाक प्रयत्न करैत छलहुँ।
14
हम अपना तुरियाक बहुतो यहूदी सभक अपेक्षा यहूदी धर्मक पालन करबा मे आगू रही आ अपन पुरखा लोकनिक परम्परा सभक कट्टर समर्थक छलहुँ।
15
मुदा परमेश्वर मायक गर्भे सँ हमरा अपना लेल अलग रखने छलाह आ हमरा पर कृपा कऽ हमरा बजौलनि।
16
जखन ओ अपना इच्छाक अनुसार अपना पुत्र केँ हमरा चिन्हौलनि जाहि सँ हम गैर-यहूदी सभ मे हुनकर सुसमाचार सुनाबी, तखन हम एहि सम्बन्ध मे कोनो मनुष्यक संग विचार-विमर्श नहि कयलहुँ,
17
आ ने हम यरूशलेम मे हुनका सभ लग गेलहुँ जे सभ हमरा सँ पहिने सँ मसीह-दूत छलाह, बल्कि हम सोझे अरब देश चल गेलहुँ आ बाद मे फेर दमिश्क नगर घूमि अयलहुँ।
18
हम तीन वर्षक बाद पत्रुस सँ भेँट करबाक लेल यरूशलेम गेलहुँ आ हुनका संग पन्द्रह दिन रहलहुँ।
19
मुदा प्रभुक भाय याकूब केँ छोड़ि हमरा आरो मसीह-दूत मे सँ किनको सँ भेँट नहि भेल।
20
परमेश्वर हमर गवाह छथि जे हम जे अहाँ सभ केँ लिखि रहल छी से झूठ नहि अछि।
21
तकरबाद हम सीरिया आ किलिकिया प्रदेश गेलहुँ।
22
ओहि समय मे यहूदिया प्रदेशक मसीहक मण्डली सभ हमरा व्यक्तिगत रूप सँ नहि चिन्हैत छलाह।
23
ओ सभ एतबे सुनने छलाह जे, “जे व्यक्ति पहिने हमरा सभ पर अत्याचार करैत छल वैह आब ओहि विश्वासक प्रचार करैत अछि जकर ओ पहिने सर्वनाश करबाक प्रयत्न करैत छल।”
24
आ ओ सभ हमरा विषय मे परमेश्वरक प्रशंसा कयलनि।
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