bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Shekhawati
/
Shekhawati
/
2 Timothy 4
2 Timothy 4
Shekhawati
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
1
मसी ईसु जखो राजा क रूप म आसी अर सगळा जीवता अर मरेड़ा को न्याय करसी बिनै अर परमेसरनै गुवा मानर म तनै आदेस देऊँ हूँ,
2
परमेसर का बचना को परचार कर। टेम बेटेम मिनखानै सुदारबा ताँई त्यार रेह। तू मिनखानै सई कर अर बाका पाप प बाकै दकाल लगा। सागैई बानै उदास बी मना होबा दे, बानै हिदायत देती टेम सदाई थ्यावस राखजे।
3
अंय्यां को टेम आर्यो ह जद मिनख चोखी सीखनै कोनी सुणसी, पण इकी झघा बे खुद ताँई अंय्यां का सीखाबाळा ढुंढलेसी। अंय्यां का सीखाबाळा बानै बे बाताई बतासी जखी सुणबो बानै चोखो लागै ह।
4
बे खुदका कानानै सच सुणबाऊँ बंद करलेसी अर बेतुक की क्हाण्या म ध्यान लगा लेसी।
5
तू स्यांतीऊँ टिक्यो रेह अर दुख भोगबा ताँई त्यार रेह। चोखा समचारनै बोलबा ताँई कड़ी मेनत कर अर तेरी जुबाबदारीनै चोखा ढंगऊँ निभा।
6
म मेरी इ जिंदगीनै परबु की सेवा ताँई दे दिओ हूँ, मेर ताँई बा घड़ी आगी ह जद मनै मेरी आ खोळ छोडणी पड़सी।
7
म चोखो लड़लिओ, म मेरी दोड़ पूरी करली अर म बिस्वास जोगो रिह्यो।
8
अर इब ईस्बर नगरी म जीत को इनाम मनै उडिकर्यो ह, जिनै धरमी न्यायी परबु आखरी दिन मनै देसी। मनै एकलानैई नइ पण बा सगळानै बी जखा परेम क सागै बिकै परगट होबानै उडिकीं हीं।
9
तावळोई मेरै कनै आबा की कोसिस कर,
10
क्युं क देमास तो इ दुनियादारी का मो म पड़र मनै छोडर थिसलूनिकी नगरी चलेगो ह, करेसकन्स गलातिया अर तितूस दलमतिया नगरी चलेगो।
11
मेरै सागै खाली लूकाई रिह्यो ह। चोखा समचारनै सुणाबा का काम म मरकुस मेरो बोळो मददगार हो सकै ह, इ ताँई बिनै टोर तेरै सागै लेतो आजे।
12
तुखीकुसनै म इफिसुस भेज्यो हूँ।
13
जद तू आवै जणा तरोआस का रेह्बाळा करपुस क घराऊँ मेरो चोळो, पोथ्या अर चमड़ा को पतर तो खासकर याद कर ल्याजे।
14
धातु को काम करबाळो सिकन्दर मनै बोळो दिन घाल्यो ह। परबु बिकी करनी गेल बिनै फळ दे।
15
तू बी बिऊँ समळर रेह्जे, क्युं क बो आपा जखो चोखो समचार सुणावां हां बिको बोळो बिरोद कर्यो ह।
16
जद पेली बर कचेरी म मनै लेर गया, जणा मेरा बचाव म मेरो सागो कोई कोनी दिओ, पण सगळा का सगळा मनै तज दिआ। ज हो सकै तो परमेसर बाऊँ इको हिसाब नइ लेवै।
17
पण परबु मेरै सागै खड़्यो रिह्यो अर मनै ताकत दिओ, जणाई तो म सगळा गैर-यहूदिआनै सुणाबा ताँई चोखा समचार को खूब हेलो पाड़ सक्यो अर म मोत की सजाऊँ बचायो गयो।
18
अर परबु मनै सगळी बुरी बाताऊँ बचासी अर बचार ईस्बर नगरी राज म लेज्यासी। बिकी मेमा जुग-जुग होती रेह्वै। अंय्यांई होवै!
19
परसकीला, अकविला अर उनेसिफुरूस का कूणबानै मेरा राजी-खुसी का समचार बोलजे।
20
इरास्तुस कुरन्थी म रेहग्यो, अर तरोफेमुसनै, म बिमारी की बजेऊँ मिलेतूस नगरी मई छोड्यायो।
21
स्याळाऊँ पेल्या-पेल्या आबा की पूरी-पूरी कोसिस करजे। इबलुस, पुदेंस, लिनुस, कलौदिआ अर सगळा बिस्वासी भाई तनै राजी-खुसी का समचार बोल्या ह।
22
परबु तेरी आत्मा क सागै रेह्वै। थारै सगळा प परमेसर की दया होती रेह्वै।
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
All chapters:
1
2
3
4
Recommended Reading
Commentary
2 Timothy Commentaries
→
Devotional
2 Timothy Devotional Guide
→
Get This Bible
Shekhawati Study Bible
→