bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Urdu
/
Urdu 2017 BCS
/
1 Peter 5
1 Peter 5
Urdu 2017 BCS
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
1
तुम में जो बुज़ुर्ग हैं, मैं उनकी तरह बुज़ुर्ग और मसीह के दुखों का गवाह और ज़ाहिर होने वाले जलाल में शरीक होकर उनको ये नसीहत करता हूँ |
2
कि ख़ुदा के उस गल्ले की गल्लेबानी करो जो तुम में है; लाचारी से निगहबानी न करो, बल्कि ख़ुदा की मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ ख़ुशी से और नाजायज़ नफ़े' के लिए नहीं बल्कि दिली शौक से |
3
और जो लोग तुम्हारे सुपुर्द हैं उन पर हुकूमत न जताओ, बल्कि गल्ले के लिए नमूना बनो |
4
और जब सरदार गल्लेबान ज़ाहिर होगा, तो तुम को जलाल का ऐसा सहरा मिलेगा जो मुरझाने का नहीं |
5
ऐ जवानो! तुम भी बुज़ुर्गों के ताबे' रहो, बल्कि सब के सब एक दूसरे की ख़िदमत के लिए फ़रोतनी से कमर बस्ता रहो, इसलिए कि “ख़ुदा मगरुरों का मुक़ाबला करता है, मगर फ़रोतनों को तौफ़ीक़ बख्शता है |”
6
पस ख़ुदा के मज़बूत हाथ के नीचे फ़रोतनी से रहो, ताकि वो तुम्हें वक़्त पर सरबलन्द करे |
7
अपनी सारी फ़िक्र उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारी फ़िक्र है |
8
तुम होशियार और बेदार रहो; तुम्हारा मुख़ालिफ़ इब्लीस गरजने वाले शेर-ए-बबर की तरह ढूँढता फिरता है कि किसको फाड़ खाए |
9
तुम ईमान में मज़बूत होकर और ये जानकर उसका मुक़ाबला करो कि तुम्हारे भाई जो दुनिया में हैं ऐसे ही दुःख उठा रहे हैं
10
अब ख़ुदा जो हर तरह के फ़ज़ल का चश्मा है, जिसने तुम को मसीह में अपने अबदी जलाल के लिए बुलाया, तुम्हारे थोड़ी मुद्दत तक दुःख उठाने के बा'द आप ही तुम्हें कामिल और क़ायम और मज़बूत करेगा |
11
हमेशा से हमेशा तक उसी की सल्तनत रहे | आमीन |
12
मैंने सिल्वानुस के ज़रिये, जो मेरी दानिस्त में दियानतदार भाई है, मुख़्तसर तौर पर लिख़ कर तुम्हें नसीहत की और ये गवाही दी कि ख़ुदा का सच्चा फ़ज़ल यही है, इसी पर क़ायम रहो |
13
जो बाबुल में तुम्हारी तरह बरगुज़ीदा है, वो और मेरा मरक़ुस तुम्हें सलाम कहते हैं |
14
मुहब्बत से बोसा ले लेकर आपस में सलाम करो | तुम सबको जो मसीह में हो, इत्मीनान हासिल होता रहे |
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
All chapters:
1
2
3
4
5