bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Urdu
/
Urdu DGV (किताब-ए मुक़द्दस)
/
1 Thessalonians 3
1 Thessalonians 3
Urdu DGV (किताब-ए मुक़द्दस)
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 4 →
1
आख़िरकार हम यह हालत मज़ीद बरदाश्त न कर सके। हमने फ़ैसला किया कि अकेले ही अथेने में रहकर
2
तीमुथियुस को भेज देंगे जो हमारा भाई और मसीह की ख़ुशख़बरी फैलाने में हमारे साथ अल्लाह की ख़िदमत करता है। हमने उसे भेज दिया ताकि वह आपको मज़बूत करे और ईमान में आपकी हौसलाअफ़्ज़ाई करे
3
ताकि कोई इन मुसीबतों से बेचैन न हो जाए। क्योंकि आप ख़ुद जानते हैं कि इनका सामना करना हमारे लिए अल्लाह की मरज़ी है।
4
बल्कि जब हम आपके पास थे तो हमने इसकी पेशगोई की कि हमें मुसीबत बरदाश्त करनी पड़ेगी। और ऐसा ही हुआ जैसा कि आप ख़ूब जानते हैं।
5
यही वजह थी कि मैंने तीमुथियुस को भेज दिया। मैं यह हालात बरदाश्त न कर सका, इसलिए मैंने उसे आपके ईमान को मालूम करने के लिए भेज दिया। ऐसा न हो कि आज़मानेवाले ने आपको यों आज़माइश में डाल दिया हो कि हमारी आप पर मेहनत ज़ाया जाए।
6
लेकिन अब तीमुथियुस लौट आया है, और वह आपके ईमान और मुहब्बत के बारे में अच्छी ख़बर लेकर आया है। उसने हमें बताया कि आप हमें बहुत याद करते हैं और हमसे उतना ही मिलने के आरज़ूमंद हैं जितना कि हम आप से।
7
भाइयो, आप और आपके ईमान के बारे में यह सुनकर हमारी हौसलाअफ़्ज़ाई हुई, हालाँकि हम ख़ुद तरह तरह के दबाव और मुसीबतों में फँसे हुए हैं।
8
अब हमारी जान में जान आ गई है, क्योंकि आप मज़बूती से ख़ुदावंद में क़ायम हैं।
9
हम आपकी वजह से अल्लाह के कितने शुक्रगुज़ार हैं! यह ख़ुशी नाक़ाबिले-बयान है जो हम आपकी वजह से अल्लाह के हुज़ूर महसूस करते हैं।
10
दिन-रात हम बड़ी संजीदगी से दुआ करते रहते हैं कि आपसे दुबारा मिलकर वह कमियाँ पूरी करें जो आपके ईमान में अब तक रह गई हैं।
11
अब हमारा ख़ुदा और बाप ख़ुद और हमारा ख़ुदावंद ईसा रास्ता खोले ताकि हम आप तक पहुँच सकें।
12
ख़ुदावंद करे कि आपकी एक दूसरे और दीगर तमाम लोगों से मुहब्बत इतनी बढ़ जाए कि वह यों दिल से छलक उठे जिस तरह आपके लिए हमारी मुहब्बत भी छलक रही है।
13
क्योंकि इस तरह अल्लाह आपके दिलों को मज़बूत करेगा और आप उस वक़्त हमारे ख़ुदा और बाप के हुज़ूर बेइलज़ाम और मुक़द्दस साबित होंगे जब हमारा ख़ुदावंद ईसा अपने तमाम मुक़द्दसीन के साथ आएगा। आमीन।
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 4 →
All chapters:
1
2
3
4
5