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Exodus 29
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1
तब यहोवा मूसा स कहेस, “अब मइँ तोहका बताउब कि इ देखावइ बरे तोहका का करइ चाही कि हारून अउ ओकर बेटवा पवित्तर याजकन क नाई खास तरह स मोर सेवा करत हीं। एक बे दोखे क बछवा अउ दुइ बे दोख क बच्चा भेड़ा लइ आवा।
2
जेहमाँ खमीर न होइ उ बारीक गोहूँ क आटा ल्या अउ रोटी बनवा। अउर इ तेले से सनी केकन अउ तेले स लगा हुवा छोटा पातर केकन भी बनावा।
3
इ रोटिन्क अउ केकन क एक डलिया मँ धरा अउ फिन इ डलिया क हारून अउ ओकरे बेटवन क द्या। ओनका बैल अउ दुइनउँ भेड़ा भी द्या।
4
“तब हारून अउ ओकर बेटवन क बइठकावाला तम्बू क दुआर क समन्वा लइ आवा। तब ओनका पानी स नहवावा।
5
हारून क खास पोसाक: जैसे कि सफेद चोगा, नीला चोगा जउन कि एपोद क संग पहिरावा जात ह पहिरावा। फिन ओह प निआव क थइला अउ एपोद बाँधा। एपोद क सजा भवा अउ बुना भवा पाटी क संग बाँध दया।
6
सर प साफा बाँधा अउ साफा क चारिहुँ कइँती मुकुट क धइ द्या।
7
अउर जइतून क तेल ल्या अउ हारून क मूँड़ प नाइ के अभिसेक करा। इ बताई कि हारून इ काम बरे चुना ग अहइ।
8
“तब हारून क बेटवा क उ ठउरे प लइ आवा। अउर ओका सफेद बुना भवा लबादा पहिरावा।
9
तब ओनके करिहाउँ क चारिहुँ कइँती कमरबंद बाँधा। ओनका मूँड़े प धरइ क खास टोपी द्या। उ समइ उ पचे याजकन क रूप मँ बहाल होइहीं। उ पचे उ नेम क माफिक याजक होइहीं जउन हमेसा होइहीं। इहइ ढंग अहइ कि जेहसे तू पचे हारून अउ ओकरे बेटवन क याजक बनउब्या।
10
“तब बइठकावाली तम्बू क समन्वा ठउरे प बछवा क लावा। हारून अउ ओकरे बेटवन क चाही कि उ पचे बछवा क मूँड़े प हथवा धरइँ।
11
तब उ बछवा क बइठकावाली तम्बू क दुआरे प यहोवा क समन्वा एका मारि डावा। यहोवा एका लखी।
12
तब बछवा क कछू खून ल्या अउ वेदी ताई जा। आपन अंगुरी स वेदी क सींगे प कछू खून लगावा। बचा भवा सारा खून नीचे वेदी क पेंदी प डावा।
13
तब बछवा क करेजा क चर्बी, दुइनउँ गुर्दे क चर्बी अउ ओकरे चारिहुँ कइँती चर्बी निकार ल्या। इ चर्बी क वेदी प जरावा।
14
तब बछवा क गोस, ओकर खाल अउ ओकर दूसर अंगे क लइके आपन डेरा स बाहेर जा। इ सब चीजन्क डेरा क बाहेर जरावा। इ भेंट अहइ जउन याजकन क पाप दूर करइ बरे चढ़ाई जात ह।
15
“तब हारून अउ ओकरे बेटवन स भेड़ा क मूँड़ प हाथ धरइ क कहा।
16
तब उ भेड़ा क मारि डावा अउ ओकर खून ल्या। खूने क वेदी क चारिहुँ कइँती छिरका।
17
ओकर पाछे भेड़ा क कइउ हींसा मँ काटि डावा। भेड़ा क भितरे क सब अंगे क अउ गोड़ धोवा। इ चीजन्क क दूसर टूका क संग अउ भेड़ा क मूँड़ क संग राखा।
18
तब वेदी प इ सबन्क बारा। इ यहोवा बरे होम बलि अहइ अउर इ यहोवा बरे सोहाइ गंध, एक भेंट अहइ।
19
“हारून अउ ओकरे बेटवन क दूसर भेड़ा प हाथ धरइ क कहा।
20
उ भेड़वा क मारि डावा अउ ओकर खून ल्या। उ खून क हारून अउ ओकरे बेटवन क दाहिन काने क सिरा मँ लगवा। ओनकइ दाहिन हाथे क अगूठा पर भी कछू खून लगावा। अउ कछू खून ओनके दाहिन गोड़वा क बड़का अंगूठा प लगावा। तब वेदी क चारिहुँ कइँती खून बहाइ द्या।
21
तब वेदी प स कछू खून ल्या। इ खून क अभिसेक क तेले मँ मिलइ द्या अउर हारून अउ ओकरे ओढ़ना प, अउर ओकरे पूतन अउ ओनके ओढ़ना प छिरका्या। इ इ बताई कि हारून अउ ओकर पूत मोर सेवा खास तरह स करइ बरे पवित्तर किए गएन ह। अउर इ भी बताई कि ओनकइ वस्त्र खास समइया प बइपरइ जात बरे पवित्तर कीन्ह गवा ह।
22
“तब उ भेड़ा स चर्बी ल्या। (इ उहइ भेड़ा बा जेका हारून क महा याजक बनवइ बरे मँ पवित्तर करइ क समारोह मँ होइ।) पूँछे क चारिहुँ कइँती क चर्बी अउर उ चर्बी क ल्या जउन बदन क भीतरी हींसा क ढाँकत ह। करेजा क ढकइवाली चर्बी क ल्या। दुइनउँ गुर्दे अउ ओह पइ क चर्बी अउर दाहिन जाँघ क ल्या।
23
तब उ रोटी क डलिया ल्या जेहमाँ तू बे खमीरे क बनई रोटी धरे रह्या। इहइ डलिया बा जेका तोहका यहोवा क समन्वा राखइ क अहइ। एक रोटी सादी, एक तेले स बनी केक अउर तेले लगा भवा एक छोटा पातर केक क बाहेर निकारा।।
24
तब एनका हारून अउ ओकरे बेटवन क द्या: फुन ओनसे कहा कि यहोवा क समन्वा एनका उठावइँ। इ यहोवा क खास भेंट होइ।
25
“तब इ चीजन क हारून अउ ओकरे बेटवन स ल्या अउ ओनका वेदी प भेड़ा क साथे धरा। तब हर चीजे क वेदि प जरावा। इ होमबलि बा। इ भेंट यहोवा बरे भेंट अहइ। अउर इ यहोवा बरे सोहाइ क गंध अहइ।
26
“तब भेड़ा स छाती क निकारा। (इहइ भेड़ा अहइ जेका हारून क खास महा याजक बनवइ बरे पवित्तर कर क समारोह मँ बइपरा जाइ।) भेड़ा क छाती क लहराइ क भेंट क रूप मँ यहोवा क समन्वा लहराया। जनावरे क इ हींसा तोहार होइ।
27
तब भेड़ा क छाती अउ जाँघ ल्या जउन हारून क महा याजक बनवइ बरे काम म आइ रहन। इ हींसा पवित्तर बनावा अउ एका हारून अउर ओकरे बेटवन क द्या। इ भेंट क खास हींसा होइ।
28
इस्राएल क मनइयन इ अंगन क हारून अउ ओकरे बेटवन क सदा देइहीं। जब कबहुँ इस्राएल क मनइयन यहोवा बरे भेंट चढ़इहीं तउ इ हींसा हमेसा याजक लोगन क होइहीं। ओन लोगन क मेलबलि जउन कि यहोवा बरे अहइ, मँ स इ हींसा याजक लोगन क होई।
29
“ओन खास वस्त्रन क बचाइके राखा जउन हारून बरे सिया रहेन। इ वस्त्रन ओकरे बेटा, पोता बरे होइहीं। उ पचे उ वस्त्रन क तन पहिरहीं जब याजकन चुना जइहीं।
30
हारून क बेटवा ओकरे पाछे अगवा महा याजक होइ। उ सात दिनाँ ताई उ वस्त्रन क पहिरे रही जबहिं उ बइठकावाली तम्बू क पवित्तर ठउरे मँ सेवा करइ आइ।
31
“उ भेड़ा क गोस पकावा जउन हारून क महा याजक बहाल करइ बरे प्रयोग मँ आवा रहा। उ गोस क पवित्तर ठउरे मँ पकावा।
32
तब हारून अउ ओकर बेटवा बइठकावाली तम्बू क दुआरे प गोस खइहीं। अउर उ पचे डलिया क रोटी भी खइहीं।
33
इ भेंट प्रायस्चितिकरण बरे तब भवा रहा जब उ पचन्क याजकन क रूप मँ सेवा करइ बरे पवित्रीकरण कइ जात रहेन। इ भेंट क ओनहीं क खाइ चाही। कउनो बिदेसी क इ पवित्तर भेट क नाहीं खाइ चाही।
34
अगर उ भेड़ा क गोस या रोटी भियान ताई काफी मात्रा मँ बचि जाइ तउ ओका जरइ देइ चाही। तोहका उ बचि भवा रोटी या गोस नाहीं खाइ चाही काहेकि इ पवित्तर अहइ।
35
“वइसा ही करा जइसा मइँ तोहका हारून अउ ओकरे बेटवन बरे करइ क हुकुम दिहउँ ह। ओनका याजकन बहाल करइ बरे इ त्यौहार सात दिना तलक चली।
36
सात दिनाँ तलक हर रोज एक साँड़ मारा। इ हारून अउ ओकरे बेटवन बरे पाप भेंट होइ। इ बलिदान क प्रयोग वेदी क सुद्ध करइ बरे किहा। अउर वेदी क पवित्तर बनावइ बरे जइतूने क तेल स एकर अभिसेक करा।
37
तू सात दिना तलक वेदी क सुद्ध अउर पवित्तर रख्या। उ समइया वेदी सब ते जिआदा पवित्तर होइ। जउन चीज वेदी क छुइ उ पवित्तर होइ जाइ।
38
“हर रोज वेदी प तोहका एक भेंट चढ़ावइ चाही। तोहका एक-एक बरिस क दुइ भेड़ी क बचवन क भेंट चढ़ावइ चाही।
39
एक भेड़ी क बच्चा भिंसारे अउ दूसर सांझ क चढ़ावा।
40
पहिला भेड़ी क साथ हीन क चउथाई दाखरस क पिअइ क भेंट क संग एपा क दसवाँ हींसा गेँहू क महीन आटा जउन कि हीन क चउथाई तेल स मिला भवा अहइ चढ़ावा। अउर गोधरी क समइ मँ दूसर भेड़ी क बिहान क चढ़ावा क नाईं एकर पिअइ क भेंट क संग चढ़ावा। इ यहोवा बरे एक भेंट एक सुहावना सुगंध अहइ।
42
“तोहका इ चीजन्क यहोवा क भेंटे मँ रोज जरावइ चाही। इ यहोवा क समन्वा, बइठकावाली तम्बू क दुआरे करा। इ हमेसा करतइ रह्या। जब तू भेंट चढ़उब्या तब मइँ यहोवा, हुवाँ तोहसे मिलब अउ तोहसे बात करब।
43
मइँ इस्राएल क मनइयन स उ ठउरे प मिलब। उ ठउर मोर महिमा स पवित्तर बन जाइ।
44
“इ तरह मइँ बइठकावाली तम्बू क पवित्तर बनउव। अउर मइँ वेदी क पवित्तर बनउब। अउर मइँ हारून अउ ओकरे बेटवन क पवित्तर बनउब, जेहसे उ पचे मोर सेवा याजकन क तरह करि सकइँ।
45
मइँ इस्राएल क मनइयन क संग रहब। मइँ ओनकइ परमेस्सर होब।
46
मनइयन इ जनिहीं कि मइँ ओनकइ परमेस्सर यहोवा हउँ। उ पचे जनिहीं कि मइँ उहइ परमेस्सर अहउँ जउन ओनका मिस्र स बाहेर लाएउँ ह तउ कि मइँ ओनके संग रहि सकत हउँ। मइँ ओनकइ परमेस्सर, यहोवा अहउँ।”
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