bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bundeli
/
Bundeli
/
1 Corinthians 3
1 Corinthians 3
Bundeli
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 4 →
1
हे भईया हरौ, मैं तुम से ई परकार से बातें नईं कर सको, जैसे आत्मिक जन से; परन्त जैसे सारीरिक जन से, और उन जैसे जौन मसीह में हल्के बच्चा घांई आंय।
2
मैंने तुम हां दूध पिबाओ, अन्न न खबाओ; कायसे कि तुम ऊहां न खा सकत हते; इते लौ कि अब लौ सोई नईं खा सकत आव।
3
कायसे तुन अब लौ सारीरिक आव, कि जब तुम में जलन और झगड़ा आय, तो का तुम सारीरिक नईंयां? और मान्सन जैसी गैल नईं निंगत?
4
ई लाने कि जब एक कैत आय, कि मैं पौलुस कौ आंव, और दूजो कि मैं अपुल्लोस कौ आंव, तो का तुम मान्स नईंयां?
5
अपुल्लोस का और पौलुस का आंय? बस चाकर, जिनके द्वारा तुम ने बिसवास करो, जैसो हर एक हां पिरभु ने दओ।
6
मैंने लगाओ, अपुल्लोस ने ढारो, अकेले परमेसुर ने बढ़ाओ।
7
ई लाने न तो रोपबेवारो कछु आय, और न ढारबेवारो, परन्त परमेसुर जौन बढ़ाबेवारो आय।
8
लगाबेवारो और ढारबेवारो दोनऊं एक आंय; परन्त हर एक जैसी मैनत कर हैं ऊंसई मजूरी पा हैं।
9
कायसे कि हम परमेसुर के संग्गै काम करबेवारे आंय; तुम परमेसुर की खेती और परमेसुर के बनाए भए आव।
10
परमेसुर की ऊ किरपा से, जौन मो पे भई, मैंने एक साजे कारीगर घांई नीं डाली आय, और दूसरो जनो चुनाई करत आय; परन्त हर एक मान्स हुंसयार रैबै, कि बो ऊ पे कैसी चुनाई करत आय।
11
कायसे ऊ नीं हां छोड़ जौन डली आय, और बो यीशु मसीह आय: कोऊ और नीं नईं डाल सकत।
12
और जदि कोऊ ई नीं पे चाहे कि सोने और चांदी या मांगे पथरा, लकड़ियां या घांस फूस की चुनाई कर है।
13
तो सबरे जन कौ काम उजागर हो जै है, कायसे ऊ दिना पता पड़ है; और बो आगी से उजागर हुईये: और आगी ई सबरे मान्सन कौ काम परख है।
14
जी की चुनाई कौ काम ऊ पै बनो रै है, बो मजूरी पा है।
15
यदि कोऊ कौ काम जल जै है, ऊहां टोटो हुईये; बो तो बच जै है परन्त बरत बरत।
16
का तुम हां जौ पता नईंयां, कि तुम परमेसुर कौ मन्दर आव, और परमेसुर कौ आत्मा तुमाए भीतरै बसत आय।
17
यदि कोऊ परमेसुर के मन्दर हां नास कर है, तो परमेसुर ऊहां नास कर है; कायसे परमेसुर कौ मन्दर पवित्तर आय, और ऊ मन्दर तुम आव।
18
कोऊ अपने आप हां धोखा न देबे: जदि तुम में से कोऊ ई संसार में अपने आप हां ज्ञानी समझे, तो मूरख बने; कि ज्ञानी हो जाबै।
19
कायसे ई संसार कौ ज्ञान परमेसुर के सामूं मूरखपन आय, जैसो लिखो आय; कि बो ज्ञानियन हां उनईं की चतुराई में फंसा देत आय।
20
और फिन पिरभु ज्ञानियन की चिन्ताओं हां जानत आय, कि बे ऊं सई आंय।
21
ई लाने मान्सन पे कोऊ घमण्ड न करे, कायसे सबई कछु तुमाओ आय।
22
का पौलुस, का अपुल्लोस, का कैफा, का संसार, का जीवन, का मरबो, का आज, का आबेवारो कल, सबई कछु तुमाओ आय।
23
और तुम मसीह के आव, और मसीह परमेसुर कौ आय।
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 4 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16