bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bundeli
/
Bundeli
/
Mark 14
Mark 14
Bundeli
← Chapter 13
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 15 →
1
दो दिना बाद फसह और अखमीरी रोटी कौ त्योहार होबे वालो हतो: और बड़े पुजारी और धरम पंडित ई बात की तलाश में हते, कि ऊहां काय न छल से पकड़ के मार डालें।
2
लेकिन कैत हते, कि त्योहार के दिना नईं, कऊं ऐसो न होबै कि लोगन में बलवा मचै।
3
जब यीशु बैतनिय्याह गांव में शिमौन नाओं एक कोढ़ी के घरै भोजन करबे बैठो हतो, तब एक बईयर संगमरमर के बासन में जटामांसी कौ बड़ौ कीमती शुद्ध इतर लेके आई; और बासन टोड़ के इतर ऊके मूंड़ पै उण्डेलो।
4
लेकिन कोऊ कोऊ अपने मन में रिसिया के कहन लगे, ई इतर हां काय सत्यानास करो गओ?
5
कायसे कि जौ इतर तो तीन सौ दीनार से ज्यादा कीमत में बेंच के कंगालन हां बांटो जा सकत हतो, और बे ऊहां खिसयान लगे।
6
यीशु ने कओ; ऊहां छोड़ देओ; ऊहां काय सतात आव? ऊ ने तो मोरे संग्गै भलाई करी आय।
7
कंगाल तुमाए संग्गै हमेसा रहत आंय: और तुम जब चाहो तब उन से भलाई कर सकत आव; पै मैं तुमाए संग्गै हमेसा न रै हों।
8
जो कछु बा कर सकी, सो ऊ ने करो, ऊ ने मोरे गाड़े जाबे की तईयारी में पैलऊं से मोरी देह पै इतर मलो आय।
9
मैं तुम से सच्ची कैत आंव, कि सबरी दुनिया में जां कऊं भले संदेसे कौ परचार करो जै है, उते ऊके ई काम की चरचा भी ऊ की याद में करी जै है।
10
तब यहूदा इसकरियोती जौन बारह चेलन में से एक हतो, बड़े पुजारियन के ऐंगर गओ, कि यीशु हां उनके हाथ पकड़वा देबे।
11
बे जौ सुन के खुस भए, और ऊहां रुपईया दैबो मंजूर करो, और जौ मौका ढूंढ़न लगो कि ऊहां कौनऊं तरीका से पकड़वा देबे।
12
अखमीरी रोटी के त्योहार के पहले दिना, जी में लोग फसह परब की बलि चढ़ात हते, यीशु के चेलन ने ऊसे पूंछो, तें कहां चाहत आय, कि हम जाके तोरे लाने फसह परब कौ भोजन खाबे की तईयारी करें?
13
ऊ ने अपने चेलन में से दो चेलन हां जौ कै के भेजो, कि नगर में जाओ, और एक मान्स पानी कौ मटका उठाएं भए तुमें मिल है, ऊके पछाऊं हो लईयो।
14
और ऊ जौन घर में जाबै, ऊ घर के मालिक से कईयो, गुरू कैत आय, कि मोरो पाहुंनौ कौ घर कौन सौ आय जीमें मैं अपने चेलन के संग्गै फसह खाओं?
15
ऊ तुमें एक सजी सजाई, और तईयार करी भई बड़ी अटारी दिखा दै है, उतै हमाए लाने तईयारी करौ।
16
सो चेला निकल के नगर में आए और जैसो यीशु ने उनसे कओ हतो, वैसई पाओ, और फसह परब कौ भोजन तईयार करो गओ।
17
और जब संजा भई तो यीशु अपने बारह चेलन के संग्गै आओ।
18
और जब बे बैठे भोजन कर रए हते, तो यीशु ने कओ; मैं तुम से सांची कैत आंव, कि तुम में से एक, जौन मोरे संग्गै ब्यारी कर रओ आय, मोहां पकड़वा है।
19
उनके मों पै उदासी छा गई और बे एक एक कर के ऊसे कहन लगे; का ऊ मैं आंव?
20
यीशु ने उन से कओ, ऊ बारह में से एक आय, जौन मोरे संग्गै टाठी में हाथ डालत आय।
21
कायसे मान्स कौ बेटा तो, जैसो ऊके बारे में धरम पोथी में लिखो आय, पकड़वाओ जै है, लेकिन ऊ मान्स पै धिक्कार जीके द्वारा मान्स कौ बेटा पकड़वाओ जात आय! अगर ऊ मान्स कौ जन्म न होतो, तो ऊके लाने भलो होतो।
22
और जब बे खा ही रए हते तो यीशु ने रोटी लई, और आसीष मांग के तोड़ी, और उने दई, और कओ कि लेओ, जा मोरी देह आय।
23
फिन ऊ ने कटोरा जी में दाखन कौ रस हतो लैके धन्यवाद करो, और उने दओ; और उन सब ने ऊ में से पिओ।
24
और ऊ ने चेलन से कओ, जौ प्रतिज्ञा कौ मोरो ऊ खून आय, जौन कैऊ अन के लाने बहाओ जात आय।
25
मैं तुम से सांची कैत आंव, कि दाखन कौ रस ऊ दिना लौ फिर कभऊं न पी हों, जब लौ परमेसुर के राज में नओ न पिओं।
26
फिन यीशु और ऊके चेला भजन गाके बाहर जैतून के पहरवा पै गए।
27
तब यीशु ने उन से कओ; तुम सबरे ठोकर खै हौ, कायसे कि धरम पुस्तक में लिखो आय, कि मैं रखवाले हां मार हों, और गाड़रें इतै उतै बिखर जै हैं।
28
लेकिन मैं अपने जी उठबे के बाद तुमसे पेंला गलील प्रदेश हां जै हों।
29
पतरस ने यीशु से कओ; अगर सब ठोकर खाएं तौ खाएं, पै मैं ठोकर न खै हों।
30
यीशु ने ऊसे कओ, मैं तोसे सांची कैत आंव, कि आजही ऐई रात के मुर्गा के दो बेर बांग दैबे से पेंला, तें तीन बेर मोसे मुकर जै है।
31
पै पतरस ने और जोर दैके कओ, अगर मोहां तोरे संग्गै मरने भी पड़े तौभी तोरो इनकार कभऊं न कर हों: ऐई तरहां और सभई ने भी कओ।
32
फिन बे गतसमने नाओं एक जांगा में आए, और यीशु ने अपने चेलन से कओ, इतै बैठे रओ, जब लौ मैं प्रार्थना करों।
33
और ऊ पतरस और याकूब और यूहन्ना चेलन हां अपने संग्गै लै गओ: और भौत उकतान और घबरान लगो।
34
और उन से कओ; मोरो मन भौत उदास आय, इतै लौ कि मैं मरबे पै आंव: तुम इतै रुको और जागत रऔ।
35
और ऊ तनक अगारूं बढ़ो, और जमीन पै गिर के प्रार्थना करन लगो, कि अगर हो सकै तौ जा बेरा मो पै से टल जाय।
36
और कओ, हे अब्बा, हे पिता, तोसे सब कछु हो सकत आय; ई तकलीफ, दुख हां मोरे ऐंगर से हटा ले: तौभी जैसो में चाहत आंव, वैसो नईं, पै जौन तें चाहत आय ऊंसई होबै।
37
फिन ऊ आओ, और उने सोऊत पाके पतरस से कओ; हे शमौन तें सो रओ आय? का तें तनक देर लौ नईं जग सको?
38
जागत और प्रार्थना करत रऔ कि तुम परीक्षा में न पड़ौ: आत्मा तो तईयार आय, पै सरीर कमजोर आय।
39
और ऊ फिन चलो गओ, और ओई बात कह के फिन प्रार्थना करी।
40
और फिन आके चेलन हां सोऊत पाओ, कायसे कि उनकी आंखें नींद से भरी हतीं; और बे नईं जानत हते कि ऊहां का उत्तर देबें।
41
फिन तीसरी बेर ऊ ने आके उन से कओ; अब सोऊत रऔ और आराम करौ, बस तनक देर रै गई आय; देखो मान्स कौ बेटा पापियन के हाथ पकड़वाओ जात आय।
42
उठौ चलें: तको, मोरो पकड़वाबे वालो ऐंगर आ चुको आय।
43
यीशु जौ कैई रओ हतो, कि यहूदा जौन बारह में से एक हतो, अपने संग्गै बड़े पुजारियन और धरम पंडितन कोद से एक बड़ी भीड़ तलवारें और लाठियां लएं तुरतईं आ पोंची।
44
और यीशु के पकड़वाबे वाले ने उन हां जौ बता दओ हतो, कि जीहां मैं चूमों ओई आय, ऊहां पकड़ के जतन से ले जईयो।
45
और यहूदा आओ, और तुरतईं यीशु के ऐंगर जाके कओ; हे गुरू और ऊहां भौत चूमों।
46
तब उन ने यीशु पै हाथ डाल के ऊहां पकड़ लओ।
47
उन में से जौन चेला ऐंगर ठांड़े हते, एक चेला ने तलवार खेंच के बड़े पुजारी के सेवक पै चलाई, और ऊकौ कान काट डालो।
48
यीशु ने उन से कओ; का तुम डाकू जान के मोरे पकड़बे के लाने तलवारें और लाठियां लेके निकले आव?
49
मैं तो रोज मन्दर में तुमाए संग्गै रैके उपदेस देत हतो, तब तुम ने मोहां न पकड़ो: लेकिन जौ ईसे भओ आय कि पवित्रशास्त्र की बातें पूरी होबें।
50
ईपै सबरे चेला ऊहां छोड़ के भाग गए।
51
और एक जवान अपनी उगरारी देह पै चादर ओढ़ें भओ ऊके पछाऊं हो लओ; और लोगन ने ऊहां पकड़ो।
52
पै ऊ चादर छोड़ के उगरारौ भाग गओ।
53
फिन बे यीशु हां बड़े पुजारी के ऐंगर लै गए; और सबरे बड़े पुजारी और धरम पंडित ऊके इतै जमा हो गए।
54
पतरस दूरई दूर से ऊके पांछू पांछू बड़े पुजारी की बखरी के भीतर लौ गओ, और नौकरन के संग्गै बैठ के आग तापन लगो।
55
बड़ौ पुजारी और सबरी बड़ी सभा यीशु हां मार डालबे के लाने ऊके खिलाफ गवाही की तलास में हते, पै न मिली।
56
कायसे कि कैऊअक ऊके खिलाफ झूठी गवाही दै रए हते, पै उनकी गवाही एक सी न हती।
57
तब कितनन ने उठके यीशु पै जा झूठी गवाही दई।
58
कि हमने ईहां जौ कहत सुनो आय कि मैं ई हाथ के बनाए भए मन्दर हां गिरा दै हों, और तीन दिना में दूसरौ बना हों, जौन हाथ से न बनो हुईये।
59
ईपै भी उनकी गवाही एक सी न निकली।
60
तब बड़े पुजारी ने बीच में ठांड़े होकें यीशु से पूंछो; कि तें कोनऊंउत्तर नईं देत? जे लोग तोरे खिलाफ में का गवाही देत आंय?
61
लेकिन ऊ चुपचाप रओ, और कछु जवाब न दओ: बड़े पुजारी ने ऊसे फिन पूंछो, काय तें ऊ परम धन्य कौ बेटा मसीह आय?
62
यीशु ने कओ, हां मैं आंव: और तुम मान्स के बेटा हां सर्वशक्तिमान परमेसुर के दांएने कोद बैठो, और आकास के बादरन के संग्गै आऊ त तक हौ।
63
तब बड़े पुजारी ने अपने उन्ना फाड़के कओ; अब हमें गवाहों की और का जरूरत आय?
64
तुम ने जा निन्दा सुनी: तुमाई का राय आय? ऊ सबरन ने कओ, ऊ मार डालबे के जोग आय।
65
तब कोऊ तो ऊ पै थूंकन लगे, कोऊ ऊकौ मों ढांकन लगे और ऊहां घूंसे मारन लगे, और ऊसे कहन लगे, कि अगमवानी कर: और नौकरन ने ऊहां लैके थप्पड़ मारे।
66
जब पतरस नेंचें आंगन में हतो, तो बड़े पुजारी की नौकरानियन में से एक उतै आई।
67
और पतरस हां आग तापत देख के ऊहां घूर के तको और कहन लगी, तें भी तो ऊ यीशु जौन नासरत को आय, ऊके संग्गै हतो।
68
ई पै पतरस बदल गओ और कओ कि मैं तो नईं जानत और नईं समझत कि तें का कह रई आय। फिन ऊ बाहर ड्योढ़ी में गओ और मुर्गा ने बांग दई।
69
बा नौकरानी ऊहां तक के उन से जौन ऐंगर ठांढ़े हते, फिन कहन लगी, जौ उन में से एक आय।
70
लेकिन पतरस फिन बदल गओ और तनक देर बाद उन ने जौन ऐंगर ठांड़े हते फिन पतरस से कओ; जरूर तें उन में से एक आय; कायसे तें गलील प्रदेश कौ भी आय।
71
तब पतरस धिक्कार देन लगो और कौल खान लगो, कि मैं ऊ मान्स यीशु हां, जी की तुम चरचा करत आव, नईं जानत।
72
तब तुरतईं दूसरी बेर मुर्गा ने बांग दई: पतरस हां बा बात जौन यीशु ने ऊसे कई हती याद आई, कि मुर्गा के दो बेर बांग देबे के पेंला तें तीन बेर मोरो इनकार कर है: ऊ जा बात हां सोच के रोऊन लगो।
← Chapter 13
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 15 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16