bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bundeli
/
Bundeli
/
Mark 8
Mark 8
Bundeli
← Chapter 7
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 9 →
1
ऊ दिना में जब फिन बड़ी भीड़ इकट्ठी भई, और उनके ऐंगर कछु खाबे हां न हतो, तो ऊ ने अपने चेलन हां ऐंगर बुला के उन से कओ।
2
मोहां ई भीड़ पै तरस आत आय, कायसे जे तीन दिना से बराबर मोरे संग्गै आंय, और उनके ऐंगर कछु भी खाबे हां नईंयां।
3
अगर मैं उने भूखौ घरै पोंचा देंओं, तो गैल में थक के रै जै हैं; कायसे कि इनमें से कोऊ कोऊ दूर से आए हैं।
4
ऊके चेलन ने ऊहां जवाब दओ, कि इते जंगल में इतनी रोटी कोऊ कहां से लियाबै कि जे अफर जाबें।
5
ऊ ने उनसे पूछो; कि तुमाए ऐंगर कितनी रोटी आंय? उन ने कई, सात।
6
तब ऊ ने मान्सन हां जमीन पै बैठबे की आज्ञा दई, और बे सात रोटियां लईं, और धन्यवाद कर के टोड़ीं, और अपने चेलन हां देत गओ कि उनके अगारूं रखें, और उन ने लोगन के आंगू परस दओ।
7
उनके ऐंगर तनक सी हल्की मछरियां भी हतीं; और ऊ ने धन्यवाद कर के उन हां भी लोगन के आंगू रखबे की आज्ञा दई।
8
सो बे खाके अफर गए और बाकी टुकड़न के सात टुकना भर के उठाए।
9
और मान्स चार हजार के आस पास हते; और ऊ ने उने विदा करो।
10
और ऊ तुरतईं अपने चेलन के संग्गै नाव पै चढ़के दलमनूता देश हां चलो गओ।
11
फिन फरीसी निकल के ऊसे बहस करन लगे, और ऊहां जांचबे के लाने ऊसे कौनऊं सरग की निसानी मांगी।
12
ऊ ने अपनी आत्मा में हाय भर के कओ, ई समय के मान्स काय निसानी ढूंड़त आंय? मैं तुम से सांची कैत आंव, कि ई समय के लोगन हां कौनऊं निसानी नईं दई जै है।
13
और ऊ उने छोड़ के फिन नाव पै चढ़ गओ और ऊ पार चलो गओ।
14
और बे रोटी लैबो भूल गए हते, और नाव में उनके ऐंगर एकई रोटी हती।
15
और ऊ ने उने चिताओ, कि तको, फरीसियन के खमीर और हेरोदेस के खमीर से चौकन्ने रओ।
16
बे आपस में विचार करके कहन लगे, कि हमाए ऐंगर तो रोटी नईंयां।
17
ऐसो जान के यीशु ने उन से कओ; तुम काय आपस में जौ विचार कर रए आव कि हमाए ऐंगर रोटी नईंयां? का अब तक नईं जानत और नईं समझत?
18
का तुमाओ मन कर्रो हो गओ आय? का आंखें राखत भए भी नईं तकत, और कान राखत भए भी नईं सुनत? और तुमें याद नईंयां।
19
कि जब मैंने पांच हजार के लाने पांच रोटी टोड़ीं हतीं तो तुमने टुकड़न की कितनी टुकनियां भर के उठाईं? उन ने ऊसे कओ, बारह टुकनियां।
20
और जब चार हजार के लाने सात रोटीं हतीं तो तुमने टुकड़न के कितने टुकना भर के उठाए हते? उन ने ऊसे कओ सात टुकना।
21
ऊ ने उनसे कओ, का तुम अबै तक नईं समझत?
22
और बे बैतसैदा में आए; और लोग एक अंधरा हां ऊके ऐंगर लै आए और ऊसे बिनती करी, कि ऊहां छुए।
23
ऊ ओई अंधरा कौ हाथ पकड़ के ऊहां गांव से बाहर ले गओ, और ऊ की आंखन में थूक के ऊ पै हाथ धरे, और ऊसे पूछो; का तें कछु तकत आय?
24
ऊ ने आंख उठाके कओ; मैं मान्सन हां तकत आंव; कायसे बे मोहां निंगत भए दिखाई देत आंय, जैसे पेड़।
25
तबई ऊ ने दूसरी बेर ऊ की आंखन पै हाथ धरे, और ऊ ने गौर से तको, और ऊ ठीक हो गओ, और सब कछु साफ साफ तकन लगो।
26
और ऊ ने ऊहां जौ कह के घरै पोंचाओ, कि ई गांव के भीतर पांव तक न धरियो।
27
यीशु और ऊके चेला कैसरिया फिलिप्पी के गांवन में चले गए: और गैल में ऊ ने अपने चेलन से पूछो कि लोग मोहां का कैत आंय?
28
उन ने उत्तर दओ, कि यूहन्ना बपतिस्मा दैबेवालो; पै कौऊ कोऊ एलिय्याह; और कोऊ कोऊ अगमवकतन में से एक कैत आंय।
29
ऊ ने उन से पूछो; लेकिन तुम मोहां का कैत आव? पतरस ने ऊहां उत्तर दओ; कि तें मसीह आय।
30
तो ऊ ने उने चिता के कओ, कि मोरे बारे में जा कोऊ से न कईयो।
31
और ऊ उने सिखान लगो, कि मान्स के बेटा हां जरूरी आय, कि बो भौत तकलीफ उठाबै, और पुरानी रीत वाले और बड़े पुजारी और शास्त्री ऊहां तुच्छ जानके मार डालें और ऊ तीन दिना के बाद जी उठे।
32
ऊ ने जा बात उन से खुली खुली कह दई: ई पै पतरस ऊहां अलग लै जाके झिड़कन लगो।
33
लेकिन ऊ ने पलट के, और अपने चेलन कोद तक के पतरस हां झड़प के कओ; कि ऐ शैतान, मोरे सामने से दूर हो; कायसे तें परमेसुर की बातन पै नईं, बल्कि मान्सन की बातन पै मन लगात आय।
34
ऊ ने भीड़ हां अपने चेलन समेंत ऐंगर बुलाके उनसे कओ, जो कोऊ मोरे पछाऊं आबो चाहे, ऊ अपने घमण्ड से इनकार करै और अपनो क्रूस उठा के, मोरे पांछू हो लैबे।
35
कायसे जो कोऊ अपने प्रान बचाओ चाहै ऊ ऊहां खो है, पै जो कोऊ मोरे और भले सन्देसे के लाने अपने प्रान खो है, ऊ ऊहां बचा है।
36
अगर मान्सन पूरी दुनिया हां पाबै और अपने प्रान की हानि उठाबै, तो ऊहां का फायदा हुईये?
37
और मान्स अपने प्रान के बदले का दै है?
38
और जो कोऊ ई व्यभिचारी और पापी जात के बीच मोसे और मोरी बातन से लजा है, मान्स को बेटा भी जब ऊ पवित्र दूतन के संग्गै अपने बाप की महिमा के संग्गै आ है, तो ऊसे भी लजा है।
← Chapter 7
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 9 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16