bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Braj
/
Braj (बृज भासा)
/
1 Corinthians 4
1 Corinthians 4
Braj (बृज भासा)
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 5 →
1
लोग हमें मसीह कौ सेबक और परमेस्वर के वचन के भेदन कौ भन्डारी समझें।
2
फिरऊ भन्डारी में जि बात हौनी चहिऐं कै बू भरोसे योग्य होय।
3
पर मेरी निगाह में जि तौ भौत छोटी बातै कै, तुम या लोगन की कोई और अदालत मोय परखे, पर मैं तौ अपने आपकूं खुद नांय परखत।
4
चौंकि मेरौ मन मोय काऊ बात में दोसी नांय ठहराबै, पर मैं जाते निरदोस नांय ठहरत चौंकि मेरौ परखबे बारौ मेरौ पिरभू है।
5
जामारै समै ते पैहले काऊ बात कौ न्याय मत करौ। पिरभू के आबे कौ इन्तजार करौ बेई अन्धेरे में छिपी भई बातन्ने उजीते में पिरगट करैगौ, और सबके मन की बातन कूं पिरगट करैगौ। तब परमेस्वर की ओर ते सबकी बढ़ाई होगी।
6
हे मेरे भईयाओ, मैंनें तुमारे फायदा के काजै इन बातन कूं अपने और अपुल्लोस की चर्चा कथा कहानी कै आधार पै करी, जामारै तुम हमते जि सीखौ कै, पबित्र सास्त्र में लिखे भये ते आगे नांय जानौ चहिऐं और ना एक के पच्छ में और दूसरे के बिरोध में घमन्ड नांय करनों चहिऐं।
7
कौऐ बू जो तुमकूं दूसरेन ते जादा महत्व देतै? तुमारे जौरे का है, जो तुमें ना दयौ होय? और अगर तुमकूं सब कछू दयौ गयौ है तौ जापै घमन्ड चौं करतौ जैसे कै जि तुमें दयौ ना गयौ होबे?
8
तुमतौ झिक चुकेऔ, और धनी है गयेऔ तुमने हमारे बिना राज करौऐ। पर भलौ तौ जि होतौ कै तुम जब राज करते तब हमऊ तुमारे संग राज कर रये होते।
9
मोय तौ ऐसौ लगतुऐ कै परमेस्वर ने हम भेजे भये चेलान कूं मौत की सजा पाये भये लोगन की तरैह ते सबनते आखरी जगैह में रखौए। चौंकि हम तौ जा जगत में सुरग दूत और लोगन के काजै तमासौ बन गये हैं।
10
लोगन की नजर में हम मसीह काजै मूरख बने, ताकि तुम मसीह में बुद्धिमान बनों। हम कमजोर बने ताकि तुम बलबान बनो। तुमें आदर मिलतै और हमें बेजत्ती।
11
हम जा समै भूंके और पियासेऐं, फटे पुराने कपड़ा पहन रये हैं, मार खाय रये हैं, भटकत फिर रये हैं।
12
हम अपने हातन ते मेहनत करत-करत थक जातै। तौऊ लोग हमारी बेजत्ती कर रयैहै और हम उनकूं आसीरबाद दे रये हैं तौऊ बे हम पै अत्याचार कर रये है और हम सहन करत जाय रयैहै।
13
बे हमारी निन्दा करतै और हम उनते नम्रता ते बिनती करतै। तौऊं लोग अबऊ हमारे संग ऐसौ बौहार करतै जैसे हम संसार के कचरा और समाज के कूड़े करकट हों।
14
मैं इन बातन कूं तुमें सरमिन्दा करबे काजै नांय लिख रयौ, पर अपनों प्यारौ बेटा समझकें चिताय रयौऊं।
15
मसीह में तुमें सिछा दैबे बारे दस हजार है सकतै पर बे सब तुमारे पिता नांय है सकत, चौंकि सबते पैहले सुभ समाचार सुनाबे के द्वारा मैं मसीह ईसू में तुमारौ पिता बनोंऊ।
16
जामारै मेरी तुमते जि बिनतीए कै तुम मेरी तरैह जीबन जीऔ।
17
जामारै मैंनें तिमुथियुस कूं जो पिरभू में मेरौ प्यारौ और भरोसे योग्य बेटा है, तुमारे जौरे भेजौए। और बू तुमें मसीह ईसू में मेरे चाल-चलन के बारे में बताबैगौ जैसे में हरेक जगैह की कलिसिया कूं सिछा देतो।
18
कछू लोग जि समझ के ऐसें फूल गये हैं, जैसे मैं तुमारे जौरे आऊंगोई नांय।
19
अगर पिरभू की इच्छा भयी तौ मैं जल्दी अई तुमारे जौरे जरुर आऊंगौ और फिर उन फूले भयेन की बातन कूं नांय पर उनकी सामर्थ कूं जान लुंगो।
20
चौंकि परमेस्वर कौ राज केवल बातन पै नांय, पर सामर्थ पै टिकौ है।
21
तुम का चांहतौ? का मैं तुमारे जौरे लठिया लैके आऊं या नरमाई और पिरेम की आतमा के संग आऊं?
← Chapter 3
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 5 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16