bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Braj
/
Braj (बृज भासा)
/
1 Corinthians 9
1 Corinthians 9
Braj (बृज भासा)
← Chapter 8
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 10 →
1
का मैं आजाद नांऊ? का मैं मसीह कौ भेजौ भयौ चेला नांऊ? का मैंनें अपने पिरभू ईसू मसीह के दरसन नांय करे? का पिरभू में मैंनें जो काम करे हैं तुम उन कामन के फल नाऔ?
2
चाहे दूसरे लोग मोय मसीह कौ भेजौ भयौ चेला नांय मानें, पर तौऊं मैं तुमारे काजै मसीह कौ भेजौ भयौ चेलाऊं। चौंकि तुम पिरभू में मेरे भेजे भये चेला हैबे की सबूत की मौहरैं।
3
बे लोग जो मोय परखबो चांहते उनते मेरौ जेई केहनोंऐ।
4
का हमें जि अधिकार नांय कै, तुम हमारे खायबे पीबे की जरूरत पूरी करौ?
5
का हमें जि अधिकार नांय कै, हम किसी बिसबासी लड़की ते सादी करके अपने संग रखे। जैसौ कै दूसरे भेजे भये चेला, पिरभू के सगे भईयन और पतरस ने करौए?
6
का मोय और बरनबास कूंईं जि अधिकार नांय कै अपनों जीबन जीबे काजै काम करनों चहिऐं?
7
सेना में ऐसौ को आदमी होगौ, जो बिना खर्चा मिले अपने खर्चा ते सेना में काम करे? और ऐसौ को होगौ, जो अंगूर की बारी लगाबे और वाकौ फल नांय खाबे? ऐसौ को है, जो भेड़न की देखभाल तौ करतै पर वाके दूध कूं नांय पीबत?
8
का मैं जि बात मनुस्य की रीती पै कैह रयौऊं? का व्यबस्थाऊ जि नांय सिखाती?
9
का मूसा की व्यबस्था की किताब में जि नांय लिखीए कै, “खलिहान में काम करबे बारे बैल के मौंह पै मुछीका नांय बांधनों चंहिएं।” का परमेस्वर बैलन केई बारे में बता रयौ है?
10
नांय, जि बात जरूर हमारे काजेई लिखीए, चौंकि जि सहीए कै खेत जोतबे बारौ काऊ आसा तैई खेत कूं जोततऊए और लामनी करबे बारौ फसल में ते भुस और नाज मिलबे की आसा करतै।
11
हमनें तुमारे बीच में आतमिक बीज बोए है। तौ का तुमारी रोज मर्रा की चीजन में ते भागीदारी लेबौ कोई बड़ी बात है?
12
अगर दूसरे लोगन कूं तुमते आर्थिक सहायता लैवे कौ अधिकार है, तौ का हमें बिनते जादा अधिकार नांय? पर फिरऊ हमनें बा अधिकार कौ उपयोग नांय करौ। पर हम तौ चांहै कै मसीह के काजै दुख उठायकें मसीह के सुभ समाचार के काम में कोई रुकाबट न होय।
13
का तुमें पतौ नांय कै, जो लोग बड़े पिराथना घर में काम करतै, बे बड़े पिराथना घर में तेई रोटी खातें, और जो बेदी की सेबा करतै, बे बेदी पै चढ़ाई भई चीजन के हिस्सेदार होतै?
14
जाई तरैह ते पिरभू की जि आग्या है कै, जो लोग सुभ समाचार पिरचार करतै, बिनकी जीबिका सुनबे बारेन तेई पूरी होनीं चहिऐं।
15
पर मैने इन अधिकारन मेंते कोई अधिकार पिरयोग नांय करौ। मैं जि बात जामारै ना लिख रयौ कै, मेरे काजै ऐसौ करौ जाबै। मैं भलेई मर जाऊं, पर मैं काऊ दूसरेए अपने जा घमन्ड कूं छिनन नांय दुंगो।
16
जब मैं सुभ समाचार पिरचार करतूं, तौ जामें मेरे काजै कौन सी घमन्ड की बात है? चौंकि ऐसौ करबौ तौ मेरे काजै जरूरी है। अगर मैं सुभ समाचार पिरचार नांय करूं तौ मोपै हाय।
17
अगर मैं जि अपनी इच्छा ते जि कम कर रयौऊं, तौ मोय जाकी मजदूरी मिलनी चहिऐं। पर जि काम मैं फर्ज के रूप में करतूं चौंकि परमेस्वर नें जि जिम्मेदारी मोय सौंपी है।
18
तौ फिर मेरौ प्रतिफल का है? जामारै जब मैं मसीह के सुभ समाचार कौ पिरचार करूं तौ मैं बाय सैंत मैंत में करूं। ताकि सुभ समाचार के पिरचार में जो कछू पाबे कौ मेरौ अधिकारै, मैं वाकौ पूरौ उपयोग नांय करत।
19
चौंकि मैं काऊ कौ गुलाम नांऊ। फिरऊ मैं मसीह के काजै तुमारौ सेबक बन गयौऊं कै, मैं जादा ते जादा लोगन कूं मसीह के जौरे लै आंऊ।
20
मैं यहुदिन काजै यहुदी जैसौ बनों कै, यहुदिन कूं मसीह में ले आऊं। जो लोग व्यबस्था के अधीन है, उनके काजै में व्यबस्था के अधीन ना होते भयेऊ, व्यबस्था के अधीन बनों कै, उनकूं मसीह में ले आऊं।
21
जौ गैर यहुदी लोग हते, मैं बिनें मसीह में लाबे काजै यहुदी व्यबस्था के अनुसार नांय चलकै, मैं गैर यहुदियन की तरैह जीऔ। जाकौ मतलब जि नांय कै मैं परमेस्वर की व्यबस्था कूं नांय मान्त, पर मैं तौ मसीह की व्यबस्था के अधीन जीबन जीतूं।
22
मैं भरोसे में कमजोरन काजै कमजोर जैसौ बनों कै, उनकूं मसीह में ला सकूं। मैं सब लोगन काजै बिनकेई जैसौ बन गयौ, जाते मैं काऊ ना काऊ तरैह ते बिनकौ उद्धार करा सकूं
23
जि सब कछू मैं मसीह के सुभ समाचार के काजै करतूं, जाते कै मैं दूसरेन के संग जामें भागीदार बन जाऊं।
24
का तुम जि नांय जानत कै दौड़ में तौ सब दौड़तें, पर इनाम तौ जीतबे बारेईये मिलतुऐ? तुम एसेई दौड़ो कै इनाम पाओ।
25
हर एक पहलबान हर बात में अपने आप पै काबू करतै। बू जि सब नासबान मुकट कूं पायबे काजै करतै। पर हम तौ बा मुकुट काजै करतूं जो मुरझाबत नांय।
26
जामारै मैं तौ बा आदमी की तरैह ते दौड़तूं जाकौ अपनों एक लक्छ होतुऐ। मैं ऐसे मुक्केबाज जैसौऊं जो हबा में मुक्का नांय मारत।
27
पर मैं तौ ऐसे कर्रे अनुसासन में रैहके सरीर कूं कस्ट दैकें बाय अपने बस में करतूं, कऊं ऐसौ ना होबे कै मैं सुभ समाचार पिरचार करबे के बादऊ, खुद बिनके सामने अयोग्य ठहर जाऊं।
← Chapter 8
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 10 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
Recommended Reading
Commentary
1 Corinthians Commentaries
→
Devotional
1 Corinthians Devotional Guide
→
Get This Bible
Braj (बृज भासा) Study Bible
→