bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Braj
/
Braj (बृज भासा)
/
Luke 1
Luke 1
Braj (बृज भासा)
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 2 →
1
जो बात हमारे बीच में भई हैं, बिनकौ इतिहास लिखबे की भौत ते लोगन नें कोसिस करी।
2
जोकि वचन के सेबक हैं, बिन्नें बू बात सुनींऐं और बिनके द्वारा हम तक पौहचीं हैं।
3
हे स्रीमान थियुफिलुस! मोऊए जि अच्छौ लगौ कै, मैं इन सब बातन कूं सुरू ते सावधानी के संग तेरे काजै सही सही जाँचकें क्रमते लिखूं,
4
जाते कै तू इन बातन्नें जान सकै कै, बे सबरी बात सहीऐं और अटल हैं।
5
यहुदियन के राजा हेरोदेस के समै में यहुदी पुरोहित समाज के अबिय्याह के दल में जकरयाह नाम कौ एक यहुदी पुरोहित हतो, वाकी पत्नी हारून के बन्स की हती और वाकौ नाम इलिसिबा हतो, बू दोनों परमेस्वर के सामने धरमी हते और पिरभू की सबरी आग्या मानबे बारे और बिनपै चलबे बारे हते।
7
बिनके कोई औलाद नांय हती। चौंकि इलिसिबा बांझ हती और बे दोनों बूढ़े हते।
8
एक बार जकरयाह अपने दल की पारी पै परमेस्वर के सामने पुरोहित कौ काम कर रयौ हतो,
9
तब पुरोहितन के नियम के अनुसार वाके नाम की परची निकरी कै, बू पिरभू के बड़े पिराथना घर में जायकै धूप जराबै।
10
धूप जराबे के समै सबरे लोगन कौ झुंड बाहर पिराथना कर रयौ हतो।
11
तब जकरयाह कूं धूप जराबे की बेदी के सीदे हात माऊं पिरभू कौ सुरग दूत खड़ौ दिखाई दयौ।
12
जकरयाह बाय देखकें घबरा गयौ और भौत भय भीत है गयौ।
13
पर सुरग दूत नें बाते कही, “हे जकरयाह डरपै मत चौंकि परमेस्वर नें तेरी पिराथना सुन लयी है और तेरी पत्नी इलिसिबा एक बेटा जनैगी तू वाकौ नाम यूहन्ना रखियो।
14
तोय भौत खुसी होबैगी और वाके पैदा हैबे ते लोग खुसी मनाबेगें।
15
बू पिरभू के सामने महान हैबैगौ और वाके काजै अंगूर कौ रस और नसीली चीजन्नें पीवौ मना है और बू अपनी माँ के पेट में तेई पबित्र आतमा ते भरौ होबैगौ।
16
और बू इसरालीयन में ते भौतन कूं बिनके पिरभू परमेस्वर की ओर फेरैगौ,
17
और बू बाई सक्ती और आतमा ते जो एलियाह के जौरें हती, बाई सामर्थ ते पिरभू के आगे-आगे चलैगौ और बू बाप दादान कौ मन अपने बालकन के मांऊ फेरैगौ और परमेस्वर की आग्यान मानबे बारेन कूं बू धरमियन की समझ दैबेगौ और बू पिरभू के काजै भौत ते लोगन कूं तैयार करैगौ।”
18
जकरयाह नें सुरग दूत ते पूछी, “मैं जि कैसै जानूं? चौंकि मैं तौ बूढौ है गयौऊं और मेरी पत्नीऊं बूढी है गई है।”
19
तब सुरग दूत नें बाते कही, “कै मैं जिबरायल हूं, मैं परमेस्वर के सामने वाकी सेबा के काजै खड़ौ रैहतूं और मैं तोते बात कर रयौ हूं, मैं तेरे जौरें सुख कौ समाचार सुनांयबै काजै भेजौ गयौ हूं।
20
देख जा दिना तक जि सबरी बात पूरी न हे जाबैगीं बा दिना तक तू गूंगौ रैहबेगौ और तू बोल नांय सकेगौ चौंकि तैने मेरी बातन पै भरोसौ नांय करौ।”
21
लोग जकरयाह कौ इन्तजार कर रये हते और जब जकरयाह बाहर आयौ तब लोगन कूं अचम्भौ भयौ चौंकि बू बोल नांय सकौ, बू गूंगौ है गयौ और बू केवल इसारे करतो हतो, तब बे सब जान गये कै बड़े पिराथना घर में इतनी देर चौं भईए जरुर जानें कोई दरसन देखौए।
23
जब वाके सेबा के दिन पूरे है गये तब बू अपने घर कूं चलौ गयौ।
24
कछू दिनां बाद वाकी पत्नी इलिसिबा पेट ते भई और बू पाँच महीना तक अपने आप कूं दुबकाबत रही।
25
और बू ऐसे कैहती, “कै लोगन में मेरौ अपमान दूर करबे काजै इन दिनान में पिरभू नें मेरे ऊपर किरपा करके मेरे काजै ऐसौ करौ है।”
26
इलिसिबा कूं छटमों महीना लगौ तब परमेस्वर की ओर ते जिबरायल नाम कौ सुरग दूत गलील के नासरत सहर में,
27
एक क्वारी के जौरें भेजौ गयौ, जाकी सगाई दाऊद के घराने में ते यूसुफ नाम के एक आदमी के संग भई। बा क्वारी को नाम मरियम हतो।
28
सुरग दूत नें वाके जौरें भीतर आयकें कही, “तोकूं नमस्कार, तोपै परमेस्वर की किरपा भईए और पिरभू तेरे संग है।”
29
जि वचन सुनकें मरियम घबरा गई और सोचबे लगी कै, “जा नमस्कार कौ का मतलब है?”
30
तब सुरग दूत नें बाते कही, “हे मरियम डरपै मत, चौंकि तोपै परमेस्वर की किरपा भईए,
31
और सुन तू पेट ते होबैगी और एक बेटा जनेंगी तू वाकौ नाम ईसू रखियो।
32
बू महान होबैगौ और परम पिरधान कौ बेटा कहौ जावेगौ, पिरभू परमेस्वर बाय वाके पुरखा दाऊद की राजगद्दी दैवेगौ।
33
और बू याकूब के वंसजन पै हमेसा राज करैगौ और वाकौ राज कबऊ खतम नांय हैबैगौ।”
34
मरियम नें सुरग दूत ते कही, “कै जि कैसै है सकैं? मैं तौ अबई क्वारी हूं।”
35
तब सुरग दूत नें बाते कही, “कै तोपै पबित्र आतमा आबैगौ और परम पिरधान की सामर्थ की छाया तोपै परैगी जामारै बू पबित्र पैदा हैबैगौ और बू परमेस्वर को बेटा कहौ जाबैगौ।
36
और सुन तेरे खानदान की इलिसिबा बुढापे में बेटा जनैगी जाय सब लोग बांझ कैहतें अब वाकौ छटौ महीना चल रयौ है।
37
परमेस्वर के काजै कछू अनहोनौ नांय, जाय बू नांय कर सकै।”
38
मरियम नें बाते कही कै, “देख मैं पिरभू की दासी हूं। और तेरे वचन के अनुसारई मेरे संग हैबैगौ, जाके बाद बू सुरग दूत मांते चलौ गयौ।”
39
कछू दिनान के बाद मरियम तैयार हैके जल्दी ते यहुदिया के पहाड़ी इलाके के एक नगर में गई।
40
बानें जकरयाह के घर में जायकै इलिसिबा कूं नमस्कार करौ।
41
जैसेई इलिसिबा नें मरियम कौ नमस्कार सुनों तबई वाके पेट में बालक कूंदबे लगौ। और इलिसिबा पबित्र आतमा ते भर गई।
42
और बानें ऊंची अबाज ते कही, तू सबरी औरतन में धन्य है और तेरे पेट कौ बालकऊ धन्य है।
43
जि किरपा मोपै कांते भईए, कै मेरे पिरभू की मा मेरे जौरें आईए।
44
जबई मैंनें तेरौ नमस्कार सुनों तबई मेरे पेट कौ बालक कूंदबे लगौ।
45
तू धन्य है कै तैने पिरभू की बातन पै भरोसौ करौ है जो बातें पिरभू नें कहीएं बे सबरी पूरी होबैगी।
46
तबई मरियम नें कही, “मेरौ पिरान पिरभू की बड़ाई करतै
47
मेरी आतमा उद्धारकरता परमेस्वर की खुसी ते भर गई हती।
48
मैं जो वाकी दासी हूं बानें मोपै दया दिखाईए, जाके मारे लोग मोय जुग-जुग तक धन्य कहिंगे,
49
और वाकौ नाम पबित्र है, चौंकि बा सक्तीमान नें मेरे काजै बड़े-बड़े काम करे हैं।
50
और जो वाकौ भय मानतै उनपै वाकी दया पीढ़ी ते पीढ़ी तक बनी रैहतै,
51
बानें अपनी सामर्थ ते जो अपने आप कूं बड़ौ समझत काए बिनकूं बिखेर दयौ है।
52
बानें राजा महाराजन कूं राजगद्दी ते नीचे गिराय दयौ है और दीन कमजोर लोगन कूं बानें ऊँचौ कर दयौए,
53
सब जरूरत मन्दन की जरूरत अच्छी चीजन ते पूरी कर दई है और धनबानन के हात बानें खाली कर दये हैं।
54
परमेस्वर नें बू बात याद रखीं जो बानें हमारे पुरखा अब्राहम और वाकी पीढ़ी ते कही हतीं कै, ‘मैं अब्राहम और वाकी पीढ़ी पै सदा दया करुंगो।’ जामारै बानें अपने दास इसरायल कूं सम्हारोए।”
56
मरियम लगभग तीन महीना तक इलिसिबा के संग रही और वाके बाद बू अपने घर बापिस लौट गई।
57
तब इलिसिबा के बालक पैदा हैबे कौ समै भयौ और वाके एक बेटा पैदा भयौ,
58
वाके पड़ौसी और खानदान के सबरे लोगन नें जब जि सुनी कै पिरभू नें बापै दया करी है तौ बे सब वाके संग बड़े खुस भये।
59
जब आठमें दिना खतना करबे बारे बा बालक कौ खतना करबे काजै आये और वाकौ नाम वाके बाप के नाम पै जकरयाह रखबे लगे,
60
पर वाकी माँ बोल उठी कै जाकौ नाम जकरयाह नांय रखौ जाबैगौ, जाकौ नाम तौ यूहन्ना रखौ जाबैगौ।
61
तब लोगन नें बाते कही, “तेरे खानदान में जि नाम तौ काऊ कौ नांय।”
62
फिर बे वाके बाप ते इसारे में पूछबे लगे कै, “तू जा बालक कौ नाम का रखबौ चाहतै?”
63
तब बानें लिखबे बारी पट्टी मंगाई और वाकौ नाम बानें यूहन्ना लिख दयौ तब सबन्नें अचम्भौ करौ।
64
और तबई जकरयाह की जीब की गाँठ खुल गई और बू बोलबे लग गयौ। और परमेस्वर की बड़ाई करबे लगौ।
65
जा बात ते मांके अड़ौस परौस के सब रैहबे बारेन पै भय छा गयौ और इन सब बातन की चर्चा सबरे यहुदिया के देस के पहाड़ी इलाके में फैल गई,
66
और सब सुनिबे बारे अपने मन में जि कैहबे लगे कै, “जि बालक कैसौ है?” पिरभू वाके संग है।
67
यूहन्ना कौ बाप जकरयाह पबित्र आतमा ते भर गयौ और परमेस्वर की ओर ते कैहबे लगौ।
68
“इसरायल के पिरभू परमेस्वर की महिमा होबै चौंकि बानें अपने लोगन पै दया करी है और बिनैं छुड़ायौ है।
69
और बानें अपने दास दाऊद के घराने में हमारे काजै एक सामर्थी उद्धारकरता भेजौ है,
70
जैसौ कै बानें परमेस्वर की ओर ते बातें बताबे बारे पबित्र लोगन के द्वारा पैहले समैं तेई कही हतीं।
71
कै बू आबैगौ और तुमें तुमारे बैरियन ते और तुमते नफरत करबे बारेन के हातन ते छुड़ाबैगौ।
72
बानें अपनी पबित्र बाचाए याद रखी, और हमारे पुरखन पै दया दिखायी
73
कै जो सपथ बानें हमारे पिता अब्राहम ते खाई हती।
74
कै बू हमें हमारे बैरीयन के हातन ते छुड़ाबैगौ, और हम बिना डर के पिरभू की सेबा करते रैहबें,
75
हम पूरी जिन्दगी वाके सामने पबित्रता और धारमिकता ते जि सकै।
76
हे मेरे बेटा, तू परम पिरधान परमेस्वर की ओर ते बातें बताबे बारो कहौ जाबैगौ तू पिरभू के काजै लोगन के मन कूं तैयार करैगौ और वाके आगे-आगे चले करैगौ।
77
और परमेस्वर के पबित्र लोगन कूं बिनके पापन की मांफी के काजै उद्धार कौ ग्यान दैवेगौ।
78
और हमारे परमेस्वर की बड़ी किरपा ते हम पै उद्धारकरता ऊपर सुरग ते उगते भये सूरज की तरैह ते चमकैगौ।
79
और जि उजीतौ अंधेरे और मौत की छाया में बैठबे बारेन के ऊपर चमकैगौ और बू हमारे पामंन कूं सान्ती के रस्ता पै चलाबैगौ।”
80
और बू बालक बड़तौ और आतमा में बलबन्त होत गयौ और इसरायल के लोगन के सामने पिरकट हैबे ते पैहले बू बेहड़ में रहौ।
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 2 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24