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Revelation 14
Revelation 14
Garhwali GBM (Garhwali)
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1
अर मिन देखि कि यीशु जु कि मेम्ना च यरूशलेम नगर का सिय्योन ढौंडा मा खड़ु होयुं च। अर वेका दगड़ा मा एक लाख चवालीस हजार लोग खड़ा होयां छिन, जौं का माथा पर यीशु अर वेका पिता को नौ लिख्यूं च।
2
अर फिर मिन स्वर्ग बटि एक आवाज सुणी। अर ईं आवाज मा भौत जादा पाणि को छमछयाट अर बादळों को गगड़ट छौ अर मिन कुछ इन आवाज सुणी ज्वा कि इन छै, जन कि बीणा बजौण वळा अपणी-अपणी बीणा बजौणा हो।
3
अर वु राजगद्दी का समणि, अर चार ज्यून्द पराणों अर अध्यक्षों का समणि एक नयू गीत गाणा छा। अर एक लाख चवालीस हजार लोग का अलावा कुई भि वे गीत तैं नि सिखी सकदु, अर यू वु लोग छिन जौं तैं यीशु न अपणु बलिदान देके खरीदयाली।
4
अर यू ऊ लोग छिन जु अणविवाक ही रैनी अर यों न खुद तैं जनानियों का दगड़ा मा अशुद्ध नि कैरी। किलैकि यीशु जु कि मेम्ना च अर जख-जख वु जान्दु यू वेका पिछनै-पिछनै चलदिन, इलै परमेस्वर की सेवा खुणि यों लोगु तैं धरती का सब लोगु मदि सबसे पैलि चुणी के खरीदे गै।
5
अर ऊंन कभि झूठ्ठ नि बोलि अर वु निरदोष छिन।
6
फिर मिन एक और स्वर्गदूत तैं देखि जु की आसमान मा उड़णु छौ, अर वेका पास सदनि तक रौण वळु शुभ समाचार छौ, ताकि धरती पर रौण वळा सब देसों, गोत्रों अर हरेक भाषा अर जाति-जाति का लोग तैं यू शुभ समाचार सुणये जौ।
7
अर वेन ऊँची आवाज मा इन बोलि कि, “परमेस्वर पर अपणी पूरि सरदा रखा अर वेकी बडै कैरा, किलैकि न्याय को बगत ऐ गै, इलै वेकी भक्ति कैरा जैन आसमान, धरती अर समुन्दर बणै, अर पाणि का छोया भि वेन ही बणैनी।”
8
अर पैला स्वर्गदूत का बाद एक-दुसरो स्वर्गदूत उड्द दिखै अर वेन इन बोलि कि, “पतन ह्वे गै, पतन ह्वे गै, बड़ा नगर बेबीलोन को पतन ह्वे गै, सब देसों का लोगु न वींका गळत सम्बन्ध बणौण वळी दारु पीयाली, ताकि सब लोगु तैं वीं की लत लगि जौ, अर वींका दगड़ा मा सरील का गळत सम्बन्ध बणौण का कामों तैं पूरु कैरा।”
9
अर येका बाद एक और स्वर्गदूत उड्द दिखै जु कि तिसरु छौ, अर वेन ऊँची आवाज मा इन बोलि कि, “अगर कुई दैंत अर वेकी मूरत की पूजा करदु अर अपणा माथा पर या हाथ पर वेकी मोर लगौन्दु,
10
त परमेस्वर का परकोप वे पर आलु। अर उ इन्द्रया लोगु तैं अपणा पवित्र स्वर्गदूतों अर मेम्ना की नजर का समणि ही आग अर गंधक की पीड़ा मा डालि द्यालु, जु ऊं खुणि परमेस्वर का गुस्से की दारु च ज्वा की ऊं पर अखणै जालि।
11
अर ऊंका तड़पये जाण को धुंवा हमेसा-हमेसा तक उठणु रालु। अर जु लोग वे दैंत या वेकी मूरत की पूजा करदिन अर वेका नौ की छाप तैं स्वीकार करदिन ऊंतैं दिन-रात चैन नि मिललु।”
12
अर जु लोग यीशु पर बिस्वास रखदिन अर परमेस्वर की आज्ञा को पालन करदिन, इन्द्रया बगत मा परमेस्वर का ऊं पवित्र लोगु तैं सबर रखण की जरुरत च।
13
फिर मिन स्वर्ग बटि एक आवाज सुणी कि, “हे यूहन्ना ईं बात तैं लिख ले, ‘धन्य छिन ऊ लोग जु अब प्रभु पर बिस्वास रखी के मुरदिन।’” अर पवित्र आत्मा भि इन बोन्नु च कि, “हाँ धन्य छिन वु लोग, जौन धरती पर दुख-तकलीफ तैं सै अर भलै का काम करिनी, इलै अब ऊंतैं स्वर्ग मा इनाम दिये जालु।”
14
अर फिर मिन एक सफेद बादळ देखि, जै पर मनखि का पुत्र का जन कुई बैठयूं च, अर वेका मुण्ड़ मा सोनो को मुकुट छौ अर वेका हाथ मा पैनु दथड़ु छौ।
15
तब स्वर्ग का मन्दिर बटि एक स्वर्गदूत निकळि, अर वेन ऊँची आवाज मा वेकू बोलि जु बादळ मा बैठयूं छौ, “अपणु दथड़ु उठौ अर लवै कैर, किलैकि लवै को बगत ऐ गै अर धरती की फसल पक्की गै।”
16
अर तब जु बादळ मा बैठयूं छौ, वेन अपणु दथड़ु धरती पर चलै अर धरती की फसल कटै गै।
17
तब स्वर्ग का मन्दिर बटि एक और स्वर्गदूत निकळि, अर वेका पास भि एक पैनु दथड़ु छौ।
18
फिर एक और स्वर्गदूत वेदी बटि निकळि, जैका पास वेदी का समणि धुप जलौण को अधिकार छौ। अर जैका हाथ मा पैनु दथड़ु छौ, येन वेकू ऊँची आवाज मा बोलि, “अपणा पैना दथुड़ा तैं चलै के धरती पर अंगूर की बेल बटि अंगूरों का गुच्छों तैं काटी के इकट्ठा कैरा, किलैकि अंगूर पक्की गैनी।”
19
तब वे स्वर्गदूत न धरती पर अपणु दथड़ु चलै, अर धरती का अंगूर की बेल पर बटि अंगूरों का गुच्छों तैं काटी के रसकुण्ड मा ढोळि दिनी, जैको मतलब इन च कि परमेस्वर को परकोप।
20
तब नगर का भैर अंगूरों का गुच्छों तैं रसकुण्ड मा निचौणे गै। अरे सुणा, वे रसकुण्ड बटि इथगा ल्वे निकळि कि यू घोड़ो की लगाम तक ऐ गै। अर करीब तीन सौ किलोमीटर लम्बी गाड बोगि।
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