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Revelation 2
Garhwali GBM (Garhwali)
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1
तब यीशु न मिकू बोलि कि, “इफिसुस नगर मा रौण वळा बिस्वासी समुदाय का दूत खुणि इन लिख कि: “यीशु जैका दैंणा हाथ मा सात गैंणा छिन, अर जु सोने की सात दीपदानों का बीच मा चलदु च उ इन बुल्दु कि:
2
“हे इफिसुस नगर का बिस्वासी लोगु, मि तुमरा काम अर तुमरि कड़ी मेनत का बारा मा जणदु छौं, अर दुख का बगत मा तुमरा सबर रखण की ताकत का बारा मा भि मि जणदु छौं, अर मि इन भि जणदु कि तुम बुरा लोगु तैं बरदास नि कैरी सकदी, जु खुद तैं मेरा खास चेला बतौन्दिन, पर असल मा ऊ छैई नि छिन। अर तुमुन ऊं लोगु की जाँच-पड़ताल कैरी अर ऊंतैं झूठ्ठु पै।
3
अर मि इन भि जणदु छौं, कि तुम सबर रखण जणदा छाँ अर मेरा नौ का खातिर तुमुन दुख-तकलीफ झिलनी, पर तुम नि थक्यां।
4
“मगर फिर भि तुमरा खिलाप मा बुलणु खुणि मि मा इन च कि तुम लोग अब मिसे उन्नि प्यार नि करद्यां जन तुम पैलि करदा छा।
5
अर याद कैरा कि तुम पैलि कथगा प्यार करदा छा मगर अब तुमरो प्यार फिको पोड़ि गै, इलै मन से पस्ताप कैरा अर पैलि जन काम कैरा। अर अगर जु तुम पस्ताप नि करिल्या, त मिन तुमरा पास ऐके तुमरा दीपदान तैं वेकी जगा बटि हटै देण।
6
मगर फिर भि तुम मा एक अच्छी बात या च कि तुम निकुलइयों का दल का कामों से नफरत करद्यां, जौं से मि भि नफरत करदु।
7
“कन्दूड़ खोली के सुणी ल्या अर ईं बात तैं समझा कि पवित्र आत्मा बिस्वासी समुदाय का लोगु खुणि क्या च बोन्नु, जु जीत हासिल करलु, मि वेतैं जीवन देण वळा डाळा को फल खाणु कू द्यूलु, जु कि स्वर्ग मा परमेस्वर का पास च।”
8
अर येका बाद यीशु न मिकू इन बोलि कि, “स्मुरना नगर मा रौण वळा बिस्वासी समुदाय का दूत खुणि इन लिख कि: “यीशु जु कि पैलु अर आखिरी च, जु मोरि गै छौ मगर अब ज्यून्दु च उ इन बुल्दु कि:
9
“मि तुमरा कष्ट अर कंगाली का बारा मा जणदु छौं (पर मेरी नजर मा तुम सेठ छाँ), अर जु लोग खुद तैं यहूदी मणदिन (पर ऊ छैई नि छिन, ऊ त शैतान की पूजा करदिन), ऊ तुमरि बदनामी करदिन यू भि मि जणदु छौं।
10
अर सुणा, जु दुख-तकलीफ तुम पर औणिन ऊं बातों से नि डौऽरा, किलैकि शैतान तुम मा बटि कुछ लोगु तैं जेलखाना मा डलवै द्यालु, ताकि तुम पूरि तरौं से परखै जा। अर दस दिनों तक तुमतै भौत पीड़ा दिये जालि, मगर अपणी आखिरी सांस तक तुम भरोसेमन्द बणयां रयां, अर मि तुमतै जीवन को मुकुट द्यूलु।
11
“कन्दूड़ खोली के सुणी ल्या अर ईं बात तैं समझा कि पवित्र आत्मा बिस्वासी समुदाय का लोगु खुणि क्या च बोन्नु, जु जीत हासिल करलु वेतैं दुसरि मौत को दुख नि झिलण पोड़लु।”
12
अर फिर यीशु न मिकू बोलि कि, “पिरगमुन नगर मा रौण वळा बिस्वासी समुदाय का दूत खुणि इन लिख कि: “यीशु वु च जैका पास पैनी तलवार च ज्वा की दुई तरफा बटि भौत पैनी च उ इन बुल्दु कि:
13
“मि जणदु छौं, कि तुम वे नगर मा रौन्द्यां जख शैतान की राजगद्दी च, मगर फिर भि तुमरो भरोसा मि पर बणयूं रै। अर जब लोगु न मेरा भरोसामन्द गवा अन्तिपास तैं तुमरा नगर मा जान से मर दिनी, तब भि तुमरो बिस्वास मि पर बणयूं रै।
14
“मगर फिर भि तुमरा खिलाप मा बुलणु खुणि मि मा कुछ ही बात छिन कि तुमरा बीच मा कुछ लोग इन्द्रया छिन जु कि बिलाम की शिक्षा तैं मणदिन, हाँ, बिलाम जैन राजा बालक तैं सिखै छौ कि कुछ इन कैर, ज्यां से कि इस्राएली लोग मूरतों का अगनै अरपण मा चड़ईं चीजों तैं खा, अर ऊं खुणि इन जाल बिछौ कि ऊंका नौना सरील का गळत सम्बन्ध तैं ही पूरु करण पर लग्यां रा।
15
ठिक उन्नि तुमरा बीच मा कुछ इन्द्रया लोग छिन, जु कि निकुलइयों दल की गळत शिक्षा का मुताबिक चलदिन।
16
इलै मन से पस्ताप कैरा, अर अगर जु तुम इन नि करिल्या, त मि भौत जल्द तुमरा पास ऐके, अपणा मुख से निकळण वळी तलवार से ऊं लोगु का दगड़ा मा युद्ध करलु।
17
“कन्दूड़ खोली के सुणी ल्या अर ईं बात तैं समझा कि पवित्र आत्मा बिस्वासी समुदाय का लोगु खुणि क्या च बोन्नु, जु जीत हासिल करलु, वेतैं मि वु खाणुक द्यूलु जु कि सदनि को जीवन देन्दु, अर एक सफेद ढुंगो भि द्यूलु जै पर एक नयू नौ लिख्यूं होलु, अर वेका अलावा वे नौ का बारा मा कैतैं भि पता नि होलु।”
18
अर येका बाद यीशु न मिकू इन बोलि कि, “थुआतीरा नगर मा रौण वळा बिस्वासी समुदाय का दूत खुणि इन लिख कि: “यीशु जु कि परमेस्वर को पुत्र च अर जैका आंखा आग की झौऽळ की तरौं छिन अर वेका खुटा पीतळे की तरौं चमकदार छिन उ इन बुल्दु कि:
19
“मि तुमरो प्यार, तुमरा कामों अर तुमरा बिस्वास, अर सेवा करण अर सबर रखण का बारा मा जणदु छौं, अर इन भि जणदु कि तुमुन हाल-फिलाल मा जु काम करिनी, ऊ काम तुमरा पैला का कामों से और भि जादा अच्छा छिन।
20
“मगर फिर भि तुमरा खिलाप मा बुलणु खुणि मि मा इन च कि तुम लोग वीं इजेबेल जनानि तैं अपणा बीच मा रौण देन्द्यां, ज्वा कि खुद तैं परमेस्वर की रैबर्या बतौन्दी, अर मेरा सेवकों तैं भटकौन्दि अर अपणी शिक्षा देके ऊंतैं सरील का गळत सम्बन्ध बणौणु खुणि, अर मूरतों का अगनै अरपण मा चड़ईं चीजों तैं खाणु खुणि उकसौन्दी च।
21
मिन वींतैं मन से पस्ताप करण को मौका दिनी, मगर वा अपणा बुरै का कामों तैं छोड़ि के पस्ताप करणु खुणि तयार नि च।
22
देख, मि वींतैं इन बिमार करण वळु छौं कि वा खटुला पर ही पोड़ि राली, अर जु वींका दगड़ा मा सरील का गळत सम्बन्ध बणौन्दिन, अगर ऊ वींका जन कामों तैं करण छोड़ि के पस्ताप नि करला, त मिन ऊंतैं बड़ी तकलीफ देण।
23
मि वींका बच्चों तैं महामारी भेजि के मरलु, ज्यां से कि बिस्वासी समुदाय का सब लोग जाणि जाला कि मि उई छौं जु कि मनखियों का मन अर दिल की बातों तैं जणदु च, अर मि हरेक तैं वेका कामों का हिसाब से द्यूलु।
24
“मगर तुम लोगु मा बटि कुछ लोग इन छिन जु कि इजेबेल की शिक्षा का मुताबिक नि चलदिन। अर तुम लोग शैतान की छिपी बातों का बारा मा भि नि जणद्यां। अर मि तुम लोग पर जादा भार नि डललु।
25
बस इथगा ही बोन्न चान्दु कि मेरा वापस औण तक जु कुछ तुमरा पास च तुम लोग अपणा-अपणा बिस्वास मा मजबूत बणयां रा।
26
“अर जु जीत हासिल करदु अर आखिरी तक मेरी बातों तैं मणदु मि वेतैं सब राज्यों को अधिकार द्यूलु।
27
अर वु लोखरो जांठु लेके बड़ी सख्तै से सासन करलु, अर जु लोग परमेस्वर का खिलाप मा छिन वु ऊंतैं चूर-चूर कैरी द्यालु जन कि माटा का भाँडो तैं चूर-चूर किये जान्दु।
28
अर सासन करण को यू अधिकार मितैं पिता परमेस्वर न दियूं च, ठिक उन्नि मि ऊं लोगु तैं सासन करण को अधिकार द्यूलु। अर मि वेतैं ध्रुव गैंणो भि द्यूलु।
29
“कन्दूड़ खोली के सुणी ल्या अर ईं बात तैं समझा कि पवित्र आत्मा बिस्वासी समुदाय का लोगु खुणि क्या च बोन्नु।”
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