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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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2 Timothy 1
2 Timothy 1
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
या चिट्ठी मि पौलुस कि तरपां बट्टी च, मि हमारा पिता परमेश्वर की तरपां बट्टी प्रभु यीशु मसीह का प्रेरित हूंणु कु चुणै ग्यूं। कि मि प्रचार कैर साको, की पिता परमेश्वर ल यीशु मसीह पर विश्वास कन पर अनन्त जीवन दींण को वादा कैरी।
2
हे तीमुथियुस, मि त्वे तैं या चिठ्ठी लिखणु छो, अर तु मि कु एक प्रिय नौंना का जन छै, अर मि प्रार्थना करदु, कि पिता परमेश्वर अर हमारा प्रभु यीशु मसीह कि तरपां बट्टी त्वे तैं कृपा दया अर शान्ति मिल्दी रौ।
3
जब भि मि पिता परमेश्वर बट्टी प्रार्थना करदु, मि हमेशा तेरु नौं को जिक्र कन याद रखदु, अर त्वे कु पिता परमेश्वर को धन्यवाद करदु। यु ऊई च जै की सेवा मिल शुद्ध विवेक का दगड़ी कैरी जन मेरा पुरणों ल कैरी।
4
जब हम अलग हवे छा, मि तैं याद च कि तू कथग रौवे छै, मि रात-दिन त्वे बट्टी मिलणै कि लालसा करदु कि त्वे बट्टी मिली के खुश हवे जौं।
5
मि तैं तेरी नन्नी, लोइस को सचो विश्वास याद च, अर तेरी ब्वे, यूनिके मा भि उन विश्वास छो, अर मि तैं यकीन च, कि त्वे मा भि इन ही विश्वास च।
6
इलै ही मि त्वे तैं याद दिलौंणु छौं, कि ऊं वरदानों तैं दुबारा जगौ जु पिता परमेश्वर का द्वारा त्वे तैं तब द्ये गै छो जब मिल तेरु मुंड पर अपड़ा हथ रखि के पिता परमेश्वर बट्टी त्वे कु प्रार्थना कैरी।
7
किलैकि पिता परमेश्वर ल हम तैं डरपोक नि बणै पर पिता परमेश्वर की आत्मा हम तैं सामर्थ बट्टी भरपूर बणै अर दुसरो तैं प्रेम कन मा मदद करदी अर हम तैं धीरज रखण सिखांद।
8
इलै तु हमारा प्रभु की गव्है दींण मा शर्मिन्दा नि हो, अर इलै भि शर्मिंदा नि हो कि मि वेकी सेवा कना का कारण कैद मा छो। बल्कि त्वे तैं वीं सामर्थ को इस्तेमाल कन चयणु च जु पिता परमेश्वर त्वे तैं दींद अर शुभ सन्देश कु मेरा दुखों मा मेरू दगड़ी दे।
9
पिता परमेश्वर ल ही हम तैं बचै के उद्धार प्रदान कैरी, अर हम तैं एक पवित्र जीवन ज्यूंणु कु बुलै, वेल हम तैं इलै नि चुणि किलैकि हम ल अच्छा काम करिनी पर य वेकी दया का अनुसार च, जु शुरुवात बट्टी मसीह यीशु मा हमेशा से हम पर हवे।
10
पर अब हमारो उद्धारकर्ता, यीशु मसीह ए गै, जु हम पर अपड़ी कृपा दिखांद। वेल मौत की सभि शक्ति तैं हरै दींनि, अर हम तैं शुभ सन्देश अर अनन्त जीवन कु एक रस्ता दिखै।
11
इलै, पिता परमेश्वर ल मि तैं शुभ सन्देश को प्रचारक अर एक प्रेरित हूंणु कु ठैरे, अर लुखुं तैं उपदेश दींणु कु चुणयूं च।
12
यु इलै हवे कि मि इख कैद मा दुखों तैं भि उठौंदु, पर शरमान्दु नि छौं, किलैकि मि मसीह तैं जंणदु छो, जै पर मिल विश्वास रखि, अर मि तैं विश्वास च, कि मसीह वे दिन तक जब तक उ वापिस नि आंद जु वेल मि तैं द्ये रक्षा कन मा सामर्थी च।
13
जु सच्ची शिक्षा तिल मि बट्टी सुंणि ऊं तैं मसीह यीशु मा विश्वास अर प्रेम का दगड़ी अपड़ो नमूना बणै के रख।
14
वीं सचै की रखवली कैर जु पवित्र आत्मा की सामर्थ का द्वारा त्वे तैं दिए गै, अर जु हमारा भितर रौंदो भि च।
15
तु जंणदी छै कि एशिया (एशिया) प्रान्त का सब लोग मि तैं छोड़ी के चलि गैनी, जौं मा फूगिलुस अर हिरमुगिनेस छिन।
16
उनेसिफुरुस का कुटुम्ब पर प्रभु दया कैर, किलैकि उ भौत बार मि बट्टी मिलणु कु ऐ, अर कई बार मेरी मदद भि कैरी, अर इख कैद मा मि बट्टी मिलणु कु आंण मा शर्मिंदा नि हवे।
17
पर जब उ रोम शहर मा ऐ, त वेल हर जगह मि तैं ढूंडी कै मि बट्टी मिली।
18
न्याय का दिन प्रभु उनेसिफुरुस तैं अपड़ी महान दया दिखौ अर तुम खुद अच्छा ढंग ल जंणदियां कि वेल इफिसुस शहर मा मेरी कथग मदद कैरी।
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