bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
Galatians 2
Galatians 2
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 3 →
1
चौदह बरस का बाद मि बरनबास दगड़ी फिर से यरूशलेम शहर ग्यूं अर तीतुस तैं भि अफ दगड़ी लीगू।
2
मि उख गौं किलैकि पिता परमेश्वर ल मि तैं जांणु कु बोलि, जब मि उख छों त मि अगुवों बट्टी एक-एक कैरी के मिल अर ऊं तैं वे शुभ सन्देश का बारा मा बतै जु मि अन्यजातियों का बीच मा प्रचार कनु छो। पर एकुंत मा ऊं तैं जु मण्डलि का अगुवा समझै जांदा छा, कखि मेरी यु बगत की या पिछला बगत की मेहनत बेकार नि चलि जौं।
3
तब भि कैल मेरा दगड़िया तीतुस, जु एक यूनानी अन्यजाति कु छो, वेको खतना कभी नि हवे फिर भि पर यरूशलेम शहर की मण्डलि का अगुवों ल वे तैं स्वीकार कैरी। अर ऊंल खतना कनु कु वे पर कुई दबाव नि डाली।
4
तीतुस कु खतना नि हूंण कु यु मामला कुछ झूठा विश्वासी बणयां भयों कु एक मुद्दा बंणि गै, जु हमारी मण्डलि मा छिपी के ऐ गैनी अर वीं आजादी तैं नाश कने की कोशिश कना छा जु हमारा मुक्तिदाता यीशु मा हम तैं मिली, कि उ हम तैं दुबरा से यहूदी व्यवस्था कु गुलाम बणै साका।
5
हम ऊं लुखुं का दगड़ी एक पल कु भि सहमत नि हुयां, कि तुम वे सच्चा शुभ सन्देश पर विश्वास करदी रावा जु हम ल तुम तैं सिखै।
6
यरूशलेम शहर की मण्डलि का ऊं अगुवों ल मेरी शिक्षाओं मा कुछ भि नि जोड़ी। ईं बात बट्टी मि तैं कुई फर्क नि पुड़दो कि उ अगुवा कु छिनी, किलैकि पिता परमेश्वर आदिम की सकल देखि के न्याय नि करद।
7
पर अगुवा समझी गैनी, कि जन पिता परमेश्वर ल मि तैं अधिकार दींनि, कि यहूदी लुखुं कु शुभ सन्देश कु प्रचार कनु कु काम पतरस तैं सौंपी दींनि, उन ही मि तैं अन्यजातियों कु जु खतनारहित छिनी ऊंकु शुभ सन्देश कु प्रचार कन सौंपे गै।
8
किलैकि पिता परमेश्वर ल पतरस तैं यहूदियों का बीच मा एक प्रेरित हूंणो कु चुणि, वेल मि तैं भि अन्यजातियों का बीच मा जु खतनारहित छिनी ऊं तैं प्रेरित हूंणो कु चुणि।
9
जु मनिख मण्डलि का अगुवा का रूप मा जंणै जांदा छा मतलब याकूब, पतरस जै कु कैफा भि बुलै जांद अर यूहन्ना ऊंल दया कु उ वरदान जांणि जु मि तैं मिल्युं च। ऊंल मि तैं अर बरनबास तैं अपड़ो दगड़िया समझी कै हमारी मदद कैरी। उ ईं बात कु राजी हवीनि कि हम अन्यजातियों मा जु खतनारहित छिनी शुभ संदेश सुणौंणु कु जावा अर उ यहूदियों मा।
10
ऊंल हम मा बट्टी भस इथग ही बिनती कैरी, कि यरूशलेम शहर मा गरीब विश्वासियों की मदद कैरा, अर यु वीं च जै तैं कन मा मि भौत खुश छों।
11
पर जब एक दिन कैफा जै कु पतरस बुल्दींनि अन्ताकिया शहर मा ऐ, त मिल वेको विरोध कैरी, किलैकि जु उ कनु छों उ गलत छो।
12
इलै कि उ पैली अन्यजातियों का दगड़ी खांणु खांदु छों; पर जब याकूब का द्वारा भेजि गै कुछ विश्वासी यरूशलेम शहर बट्टी ऐनी, त वेल यहूदी लुखुं का डौर का कारण जु को खतना हुयुं छो ऊं दगड़ी मेल-जोल रखण अर खांणु खांण बंद कैरी दींनि अर किनारा कन लगि गै।
13
अर वे दगड़ी अन्ताकिया शहर का कुछ यहूदी मसीहियों ल भि कपट कैरी, इख तक की बरनबास भि ऊंका बरतौ की नकल कन लगि गै।
14
जब मिल देखि, कि उ वीं सचै को अनुसरण नि कना छा जु शुभ सन्देश सिखांद, त मिल सभियूं का संमणी पतरस जै कु कैफा भि बुलै जांद छों वेको बोलि, “तु एक यहूदी हवे के भि, अन्यजातियों का रीति-रिवाजों को पालन करदु छै अर यहूदियों को रीति-रिवाजों को पालन नि कनु छै, जु तिल इन करयूं च, त फिर तु अन्यजातियों तैं हम यहूदियों का रीति-रिवाजों कु पालन कनु कु दबाव किलै डलणी छै?”
15
हम जु जन्म बट्टी ही यहूदी छा, अर अन्यजाति नि छा जूं तैं यहूदी पापी बुल्दींनि।
16
तब भि हम यहूदी विश्वासी जंणदा छा कि मूसा की व्यवस्था कु पालन कैरी कै कुई भि मनिख पिता परमेश्वर की नजरों मा धर्मी नि ठैरुदो। पर भस यीशु मसीह पर विश्वास कैरी कै धर्मी ठैरद, इलै हम ल अफ भि यीशु मसीह पर विश्वास कैरी, किलैकि मूसा का नियम-कानून का पालन कना से कुई भि मनिख धर्मी नि ठैरद पर यीशु मसीह पर विश्वास कन से धर्मी ठैरद।
17
कुछ यहूदी सुचणा छिनी कि हम ल पाप कैरी, किलैकि हम मूसा की व्यवस्था कु पालन कन का बजाय, धर्मी ठैरे जांण कु मसीह पर भरोसा करदा। त क्य यांकू मतलब यु च कि मसीह ल हम बट्टी पाप किये? न! बिल्कुल न!
18
पर जु मि वीं चीज की तरपां वापिस जांदु छों, ज्यां तैं मिल लमडयले छों, त अपड़ा आप तैं अपराधी ठैरांदु।
19
मि समझदु छों की मूसा की व्यवस्था कु पालन कन मा मि धर्मी घोषित नि हुलु। इलै मि इन मंणदु छों कि मि मूसा की व्यवस्था का बारा मा मोरि ग्यों कि मि पिता परमेश्वर कु मसीह मा ज्यूँदो रौं।
20
मि मसीह का दगड़ी सूली पर चड़ैये ग्यों अर मि नि रौं जु अब भि ज्यूंदों च, बल्कि उ मसीह च जु मि मा ज्यूंणु च। अर जन के मि ज्यूंणु छों अब मि पिता परमेश्वर का नौंना पर विश्वास कैरी कै ज्यूँदो छौं, जु मि बट्टी इथग प्रेम करदो कि वेल मेरा खातिर अपड़ी जान दे दींनि।
21
मि ईं बातों कु इन्कार नि कैरी सकदु कि पिता परमेश्वर ल हमारा प्रति दया का कारण हम तैं बचै। किलैकि जु लोग मूसा की व्यवस्था कु पालन कैरी कै धर्मी बंणि सकदींनि, त मसीह तैं मुरण नि पुड़दो।
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6