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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Galatians 5
Galatians 5
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
मसीह ल हम तैं बचैयले, त अब हम तैं मूसा की व्यवस्था तैं मनणु कु गुलामों की जन जीणै की जरूरत नि च। इलै यां मा ही मजबूत बणयां रावा अर मूसा की व्यवस्था कु पालन कनु कु अपड़ा आप तैं फिर से गुलाम बनण नि द्या।
2
जु मि पौलुस तुम बट्टी बुल्णु छो, वे तैं टक लगै के सूंणा, कि पिता परमेश्वर का संमणी धर्मी बनण कु खतना करिल्या, त मसीह ल जु कैरी, वां बट्टी तुम तैं कुई फैदा नि होलो।
3
मि फिर से तुम तैं चितौंणु छौं कि जु आदिम इन सोच की खतना कन पिता परमेश्वर की नजरों मा ठिक समझे जांद, त वे तैं जु मूसा की व्यवस्था बुल्दी उ सब कुछ कन चयणु च।
4
तुम जु मूसा की व्यवस्था तैं मांणी के धर्मी ठैरण चदयां, तुम अपड़ा आप तैं मसीह बट्टी अलग कना छा। अर वेल अपड़ा आप तैं वीं दया बट्टी अलग कैरेले जै बट्टी पिता परमेश्वर वे तैं बचै सकद।
5
मि इन बोलि सकदु छो, किलैकि हम तैं पवित्र आत्मा का तरपां बट्टी पूरो विश्वास च कि पिता परमेश्वर हम तैं धर्मी का रूप मा स्वीकार करलो किलैकि हम यीशु मसीह पर आस रखदा।
6
जु तुम मसीह यीशु का चेला छा त ईं बात से कुछ फर्क नि पुड़दो कि तुम्हरो खतना हुयुं च या न, पर खास बात य च कि हम मसीह पर विश्वास करदां अर पिता परमेश्वर अर और लुखुं का प्रति प्रेम करदां।
7
तुम मसीह का दगड़ी अपड़ा आपसी सम्बन्ध मा इथग अच्छा ढंग से बढ़णा छा, अब कैल तुम तैं रोकि? कि तुम मसीह का बार मा सच्चा शुभ संदेश पर अब विश्वास नि कना छा।
8
य शिक्षा पिता परमेश्वर की तरपां बट्टी नि आंदी, जैल तुम तैं अपड़ी सन्तान हूंणु कु चुणि।
9
झूठी शिक्षा इन फैलणी च, जन की य कहावत बुल्दी, “जरा सी खमीर सब गुन्द्या आटा तैं खमीर कैरी दींद।”
10
मि प्रभु पर विश्वास करदु कि उ तुम तैं विश्वास कना का कारण झूठी शिक्षाओं बट्टी बचै के रखो; पर जु तुम तैं भरमंदींनि, उ कुई भि किलै नि हो, पिता परमेश्वर का द्वारा दण्ड पालो।
11
हे विश्वासी भयों, मि मसीह कु प्रचार करदु अर यु भि बुल्दो कि खतना कन जरूरी नि च (जन कि मूसा की व्यवस्था माँग करदी) अर यांका ही कारण मि तैं यहूदियों का द्वारा अब तक सतै जांणु च; जु मि सूली पर मसीह की मौत का बार मा प्रचार कना का बजाय यु प्रचार करदु कि लुखुं कु खतना किये जांण जरूरी च, त मि यहूदियों कु अपमान को कारण नि हूंदु।
12
अच्छो हूंदु, कि जु तुम तैं झूठी शिक्षाओं बट्टी भरमांणा छिन उ अपड़ा तैं नपुंसक ही बणै दींद।
13
हे विश्वासी भयों, तुम तैं पिता परमेश्वर का द्वारा आजाद हूंणु कु बुलै गै छो अर इलै अब तुम तैं मूसा की व्यवस्था तैं मनणै की जरूरत नि च; पर यूं तैं अपड़ी पापमय शारीरिक इच्छाओं तैं पूरो कनु कु मौका नि बणा, बल्कि एक-दुसरा बट्टी प्रेम कैरा अर एक-दुसरा की सेवा कैरा।
14
किलैकि सैरी व्यवस्था कु निष्कर्ष ईं एक ही बात मा पूरो हवे जांद, “तु अपड़ा पड़ोसी बट्टी अफ जन प्रेम रख।”
15
पर जु तुम लगातार एक-हैंका बट्टी लड़दी रौंदा अर एक-हैंका तैं परेशान करदां त चौकस रावा, इन कै तुम एक-हैंका तैं नाश कैरी दीला।
16
पर मि तुम बट्टी बुल्णु छों, कि तुम पवित्र आत्मा तैं अपड़ा जीवन मा अगुवे कन द्या। तब तुम अपड़ा पापमय शारीरिक लालसाओं का अनुसार जीवन नि जीला।
17
किलैकि पापमय शारीरिक लालसा पवित्र आत्मा का खिलाफ म च, अर आत्मा देह का विरोध मा लालसा करद, अर यु एक हैंका का खिलाफ छिन; इलै कि जु तुम कन चांणा छा उन ही कैरी साका।
18
अर जु तुम पवित्र आत्मा का अनुसार जीवन ज्यून्दियां त तुम मूसा की व्यवस्था का अधीन नि छा।
19
देह का पाप का काम कुई भि देखि सकद, मतलब व्यभिचार, गंदा काम, लुचपन,
20
मूर्तिपूजा, जादु-टोंणा, अपड़ा दगड़ियों दगड़ी घींण, एक हैंका दगड़ी झगड़ा, जलन, गुस्सा, विरोध, फूट, अधर्म
21
एक-हैंका का प्रति जलन रखदींनि, उ पियक्कड़ (नशा मा) हवे जयदींनि, उ, ऊं दावतों मा जंदींनि जख लोग अपड़ी भूख तैं अपड़ा काबू मा नि रखि सकदींनि, अर उ इन कै दुसरा सभि बुरा काम करदींनि। मि तुम तैं चितांणु छो जु मिल तुम तैं पैली भि चितै छो, कि इन-इन कामों तैं कन वला पिता परमेश्वर का राज्य का वारिस नि होला।
22
उ बरतौ जु पिता परमेश्वर का पवित्र आत्मा का द्वारा पैदा हूंद, उ यूं छिनी, प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, अर दया, भलै, अर दूसरों का प्रति विश्वासयोग्य हूंण,
23
नम्रता अर सयंम च; इन कुई भि व्यवस्था नि च जु यूं बातों का विरोध करदी हो।
24
उ लोग जु उद्धारकर्ता यीशु मसीह पर विश्वास करदींनि, ऊंल अपड़ा जीवन का पापों तैं अर बुरी अभिलाषाओं तैं सूली पर चढ़ै यले।
25
किलैकि पिता परमेश्वर की पवित्र आत्मा ल हम तैं एक नयो जीवन दींनि, इलै हम तैं अपड़ा जीवन तैं पवित्र आत्मा की अगुवे का अनुसार जींण चयणु च।
26
हम तैं बड़ो मोन नि कन चयणु च, अर हम तैं एक-हैंका बट्टी जलन भि नि कन चयणी च।
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