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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Hebrews 10
Hebrews 10
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
मूसा की व्यवस्था की पुरणी रीति भविष्य मा आंण वला चीजों की भस एक तस्वीर छै, न कि ऊं अच्छी चीजों की हकीकत जु मसीह ल हम कु कैरी; पुरणी रीति का अधीन चढै जांणवला बलिदान साल हर साल बार-बार चढै जांदा छा, पर उ, ऊं लुखुं तैं पूरी रीति से शुद्धता प्रदान कना का लैक नि छो, जु परमेश्वर की आराधना कनु कु वेका नजदीक औंदींनि।
2
जु मूसा की व्यवस्था ऊं तैं सिद्ध बणै सकद, त बलिदान चढ़ांण बंद हवे जांदा; आराधना कन वला जु भक्त हकीकत मा अपड़ा पापों बट्टी शुद्ध हवे जांदा अर उ अगनैं बट्टी पाप का भंगार तैं महसूस नि करदा।
3
पर जानवरों कु बलिदान को ल्वे पापों तैं दूर नि कैरी सकद; बल्कि, साल हर साल यु लुखुं तैं ऊंका पापों तैं याद दिलांद जु ऊंल कैरी छा।
4
किलैकि य बात अनोखी च, कि बल्द अर बखरों कु ल्वे पापों तैं दूर कैरो।
5
इलै मसीह दुनिया मा आंण बगत बुल्द, तू बलिदान अर भेंट नि चांदी; उ बलिदान जु जानवरों तैं पूरा ढंग से जलै कै चढै जांद, अर उ बलिदान जु पापों की माफी कु भेंट का रूप मा चढै जांद, उ पिता परमेश्वर त्वे तैं खुश नि करद। पर तिल मि तैं एक मनिख बणै।
7
तब मसीह ल पिता परमेश्वर बट्टी बोलि, “हे पिता परमेश्वर, मि इख छों, कि तेरी इच्छा तैं पूरी कैरो, जन कि मेरा बारा मा परमेश्वर का वचन (चाम्रपत्र) मा लिख्युं च।”
8
मूसा की व्यवस्था सिखांदी, कि बलिदान अर भेंट पाप का कारण ही चढ़ै जांदी; पर मसीह ल यूं बातों कु जिक्र किलै कैरी अर बोलि कि पिता परमेश्वर यूं तैं नि चांद?
9
फिर वेल बोलि, “देख, मि उ ही कनु कु अयुं जु तू चांदी छै।” पिता परमेश्वर बलिदानों की पैली व्यवस्था तैं खत्म कैरी दींद कि उ एक नई व्यवस्था तैं स्थापित कैर साक। अर इलै ही, हम वे बलिदान का द्वारा पवित्र करे ग्यां जु यीशु मसीह ल अपड़ा देह का द्वारा एक बार अर हमेशा कु चढ़ै दींनि।
11
हर एक यहूदी याजक हर-रोज वेदी का संमणी खड़ो हूंद अर लुखुं का पापों तैं दूर कनु कु रीतियों तैं पूरो करदो। उ लगातार एक ही जन बलिदानों तैं चढ़ौणु रौंदो जु कभी भि वे आदिम का पापों तैं दूर नि कैरी सकद, जु वेल कैरी।
12
पर मसीह ल पापों की माफी कु अपड़ा आप तैं हमेशा कु भस एक बलिदान का रूप मा चढ़ै; तब उ पिता परमेश्वर का दैंणा तरपां सिंहासन पर सबसे बड़ी सम्मान की जगह पर हमेशा कु बैठी गै।
13
किलैकि मसीह ल अपड़ा आप तैं भस एक बार बलिदान का रूप मा पिता परमेश्वर तैं दे दींनि अर इलै वेका लुखुं तैं पवित्र किये गै अर उ सच मा हमेशा कु धर्मी बंणि गैनी। अर उ उख अब अपड़ा सभि दुश्मनों तैं पूरा ढंग से अपड़ा अधीन कनु कु पिता परमेश्वर कु इन्तेजार कनु च।
15
अर पवित्र आत्मा भि हम तैं यु ही बतांद कि यु सच च,
16
“प्रभु परमेश्वर ल अपड़ा वीं नई प्रतिज्ञा तैं याद कैरी के जैका बारा मा पैली बोलि छो; कि जु वाचा मि ऊं दिनों का बाद जु वाचा मि ऊं बट्टी बंधलु उ या च कि मि अपड़ी व्यवस्था तैं ऊंका हृदय मा लिखुलु अर मि ऊंका विवेक मा डललु।”
17
फिर प्रभु परमेश्वर बुल्द, “मि ऊंका पापों तैं, अर ऊंका अधर्मों का कामों तैं फिर कभी याद नि करुलु।”
18
अर पिता परमेश्वर हमारा पापों तैं माफ करद, त अब कुई भि दूसरो बलिदान दींणै की जरूरत नि च।
19
इलै, प्रिय विश्वासी भयों, किलैकि यीशु ल अपड़ा ल्वे का द्वारा हम कु अपड़ो जीवन बलिदान कैरेले, हम हिम्मत का दगड़ी स्वर्गीय मन्दिर मा परम पवित्र जगह मा प्रवेश कैरी सकदा।
20
जब मसीह मोरि त वेल हम कु एक नयो रस्ता खोलि कि हम इन ही जीवन जियां जैको कुई अंत नि च; वेल यु रस्ता अपड़ी देह मा बट्टी हवे के खोलि दींनि, येको मतलब यो च कि वेल अपड़ा आप तैं एक बलिदान के रूप मा चढै के हम कु यु सब कैरी।
21
अर किलैकि हमारो एक महान याजक च जु पिता परमेश्वर का स्वर्गीय मन्दिर पर राज्य करद।
22
त आवा हम; मसीह का ल्वे बट्टी छिड़कौ का द्वारा हमारा हृदय का अपराधों तैं दूर कैरा अर अपड़ा देह तैं शुद्ध पांणी बट्टी धवा जैका द्वारा हम तैयार किये जांदा; इलै अब आवा, चला हम सच्चा हृदय अर मजबूत विश्वास का दगड़ी पिता परमेश्वर का नजदीक जां।
23
अर अपड़ी आस का अंगीकार तैं मजबूती ल थामि के रखा; किलैकि पिता परमेश्वर विश्वासयोग्यता ल उ सब कुछ करलो जै तैं कनु कु वादा वेल हम दगड़ी कैरी।
24
आवा हम एक-दुसरा का प्रति प्रेम से रौंणो कु अर अच्छा कामों तैं कनु कु एक-दुसरा तैं प्रोत्साहित करदी रा।
25
आवा हम कुछ लुखुं का जन, पिता परमेश्वर की आराधना कनु कु कठ्ठा हूंण बंद नि कैरा, पर हम तैं एक-दुसरा तैं प्रोत्साहित कन चयणु च, अर चितांण चयणु च, ज्यादातर अब जबकि प्रभु को फिर से वापिस आंणो को दिन नजीक आंणु च।
26
हम तैं यूं कामों तैं कन चयणु च, किलैकि जब हम ल जांणि कि शुभ संदेश की सचै क्य च तब भि जु हम पाप करदी रां, त कुई और बलिदान नि च जु हमारा पापों तैं दूर कैर साको।
27
पर ऊं तैं भस भय का दगड़ी पिता परमेश्वर कु न्याय को अर तेज प्रचण्ड आग की ही उम्मीद कन चयणी च जु ऊं लुखुं कु नाश कैरी द्याली जु पिता परमेश्वर को विरोध करदींनि।
28
जबकि मूसा की व्यवस्था तैं नि मनणु वला द्वी या तीन लुखुं की गव्है पर, बगैर दया का मारि डलै जांद।
29
जु मूसा की व्यवस्था का अनुसार इन सजा छै, त वे आदिम की सजा भौत बड़ी होली जु पिता परमेश्वर का नौंनो कु तिरस्कार करदींनि; वेल पिता परमेश्वर का नौंनो तैं अपड़ा खुट्टों मुड़ी मींडी येले किलैकि वेल वेको सम्मान नि कैरी; वेल मसीह का ल्वे तैं पवित्र नि मांणी अर अशुद्ध ठैरे जैका द्वारा पिता परमेश्वर ल वे तैं पवित्र बनांणु कु नई प्रतिज्ञा शुरू कैरी; वेल पवित्र आत्मा कु अपमान कैरी जैका द्वारा वे पर दया हवे।
30
ऊं तैं बहुत कठोर दण्ड दिये जालो किलैकि यु पिता परमेश्वर च जैल य बात बोलि; “बदला लींण मेरू काम च, मि ही बदला लियुलु।” अर फिर यु कि, “प्रभु अपड़ा लुखुं कु न्याय करलो।”
31
जीवित पिता परमेश्वर का हथों बट्टी दण्ड पांण एक भौत ही भयानक बात च।
32
ऊं पिछला दिनों का बारा मा सोचा जब तुम ल पैली बार मसीह का बारा मा जांणि छो। याद कैरा कि तुम कन विश्वासयोग्य बणयां रयां चाहे तुम तैं यांका खातिर भयंकर कष्ट झिलण भि पोड़ी।
33
कभी-कभी त इन हवे, कि तुम्हरी बेजती हवे, अर अत्याचार सै के तमाशा बंणि, अर कई बार तुम अपड़ी इच्छा ल ऊं लुखुं मा शामिल हवे ग्यां जै की बेजती किये जांद अर जौं दगड़ी बुरो बरतौ हूंद छो।
34
तुम कैदियों का दुःख मा भि दुःखी हुयां, अर अपड़ी संपत्ति भि खुशी से लुटै दींनि; किलैकि तुम जंणदा छा कि तुम मा अब भि उ सब चीज छिनी जैको वादा पिता परमेश्वर ल कैरी छो, जु कि भौत खास च अर जु हमेशा कु बंणि रौंदी।
35
प्रभु पर यु विश्वास तैं नि हरचयां, चाहे कुछ भि हवे जौं; वे बड़ा प्रतिफल तैं याद रखा जु प्रभु तुम तैं दयालो।
36
अभि तुम तैं धीरज का दगड़ी सौण की जरूरत च; तब तुम पिता परमेश्वर की इच्छा तैं पूरी करला अर तुम तैं उ सभि चीज मिललि जैको पिता परमेश्वर ल वादा कैरी।
37
“किलैकि परमेश्वर का वचन मा लिख्युं च; अब भौत ही कम बगत रै गै, जबकि आंणवलो आलो, अर देर नि करलो।
38
अर मेरू धर्मी जन विश्वास ल ज्यूँदो रालो, पर जु ऊंमा बट्टी कुछ मि तैं अस्वीकार कैरी दयाला, त मि हकीकत मा ऊं बट्टी खुश नि रौलु।”
39
पर हम ऊं लुखुं मा नि छा जु पिता परमेश्वर बट्टी पिछनै हटि जंदींनि अर नाश हवे जंदींनि; पर हम ऊं लुखुं मा छा जु विश्वास बणै रखदां अर जौंकी आत्मा बचि जयदींनि।
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