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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Hebrews 12
Hebrews 12
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
हमारा अमणी-संमणी इन कई लोग छिनी जु की जिन्दगी हम तैं बतांद कि विश्वास कु मतलब क्य च; हर एक रुकण वली चीज, अर उलझांण वला पापों तैं दूर कैरी के हम वे बट्टा पर चला जै पर हम तैं जरूरी चलण चयणु च, उख चला।
2
अर विश्वास का बनांण वला पिता परमेश्वर अर सिद्ध कन वला प्रभु यीशु की तरपां दिखदी रा; जैल उ आनन्द जु वेका भविष्य कु रख्युं छो, बेजती की कुछ चिन्ता नि कैरी, अर सूली को दुःख सै; अर उ इलै मोरि कि स्वर्ग मा महिमामय पिता परमेश्वर का दैंणा विराजमान हवे जु।
3
इलै प्रभु यीशु का उदाहरणों पर ध्यान कैरा, कि अधर्मियों (पापियों) ल वे बट्टी कथग नफरत कैरी जु वे तैं सतौंदा छ; इलै तुम भि निराश हवे के साहस नि छोड़ा।
4
तुम ल बुरै की तागत दगड़ी लैड़ि के इन मुठभेड़ नि कैरी, कि तुम्हरी ल्वे बुगण ल मौत हवे हो।
5
अर पिता परमेश्वर तुम तैं बच्चों का रूप मा जु उत्साह उपदेश दींद तुम वे तैं भूली ग्यां; “हे मेरा नौंना, जब पिता परमेश्वर तुम तैं एहसास दिलांद कि तुम ल कुछ गलत कैरी त यु तैं हल्की बात नि समझ” अर जब पिता परमेश्वर त्वे तैं डांटो, त हिम्मत नि छोड़ी।
6
किलैकि प्रभु, जै बट्टी प्रेम करद, वे तैं अपड़ा सन्तान हूंणु कु डंटद भि च;
7
जब हम पिता परमेश्वर का यु दिव्य अनुशासन तैं सहन करदां, त हम तैं याद रखण चयणु च कि पिता परमेश्वर हम तैं अपड़ा सन्तान का रूप मा स्वीकार कनु च; पिता परमेश्वर हम तैं सन्तान मांणी के हम दगड़ी बरतौ करद, सभि बच्चों तैं ऊंका बुबा द्वारा अनुशासित किये जांद।
8
जु वीं डांट जैका भागि सभि हूंदींनि, अर तुम नि हूंयां, त हकीकत मा पिता परमेश्वर की सन्तान नि छा।
9
फिर जबकि हमारा दुनयावी बुबा भि हम तैं डंटद अर हम वेको आदर करदा, फिर हम तैं अपड़ा स्वर्गीय पिता कु कथग सम्मान कन चयणु च अर वेकी बातों तैं सुनण चयणु च अर जब उ हम तैं सुधरलो तब तक हम ज्यून्दा रौला।
10
हमारो दुनयावी बुबा त अच्छो कै जंणद कि कन के थोड़ा दिनों कु ही हम तैं डंटण, पर पिता परमेश्वर हमारी भलै कु ही हम तैं अनुशासित करद, कि हम वे जन पवित्र बंणि जां।
11
अर जै बगत डांट पुड़दी, वे बगत डांट अच्छी नि लगदि, बल्कि वां बट्टी दुख ही हूंद, पर वांका बाद ऊं परीक्षणों बट्टी सिखण वला तैं शान्ति अर धार्मिकता नौं कु प्रतिफल मिल्द।
12
इलै अपड़ा थकयां हथों तैं एक नई पकड़ दयावा अर अपड़ा कमजोर घुंडों तैं मजबूत कैरा।
13
अर इख अर उख दिखणां का बजाय, तुम यीशु का संमणी पौंछण वली सीधी सड़क पर चलदी रावा, कि हमारा बीच मा जु लोग आत्मिक रूप मा कमजोर छिनी, उ भटकी नि जां, पर ऊंको विश्वास मजबूत बंणि जौं।
14
सभियूं बट्टी मेल मिलाप रखा, अर पवित्र हूंणु कु हर ढंग से कोशिश कैरा जैका बगैर कुई भि प्रभु तैं कभी भि नि देख सकलो।
15
अर चौकस रावा, इन नि हो, कि कुई पिता परमेश्वर की दया का बगैर ही रै जौं, इन आदिम जु तुम मा बट्टी भौतों तैं बर्बाद कैरी सकद अर तुम्हरा बीच झगड़ा की जौड़ बंणि सकद, किलैकि उ लुखुं तैं भटकै दयालो अर उ भि बुरा बंणि जाला।
16
इन नि हो, कि कुई आदिम व्यभिचारी, या अब्राहम का नाति, एसाव जन दुष्ट अर अधर्मी नि हो, किलैकि उ पैलो नौंनो छो, अर वे तैं पैलो नौंनो हूंणो कु अधिकार छो; पर वेल वे अधिकार को सम्मान नि कैरी अर इलै वेल अपड़ा छुटा भैय याकूब मा एक बार का खांणु कु अपड़ो जेठो नौंनो हूंण कु सब अधिकारों तैं बेचि दींनि।
17
तुम जंणद त छा, कि बाद मा जब वेल अपड़ो बुबा बट्टी आशीष पांण चै, त वेका बुबा ल वेकु मना कैरी दींनि, अर वेल आँसू बुगै-बुगै के आशीर्वाद कु बोलि पर उ अब वे तैं नि बदली सकदो छो जु वेल पैली कैरी छो।
18
तुम सीनै पोड जन जगह पर नि अयां, जै तैं देखि अर छवे जै सकद; जख आग या काला बादल या तूफान छो, अर लोग इन जगह पर छा जब पिता परमेश्वर ल ऊं तैं अपड़ी दस आज्ञा दींनि।
19
अर तुम तुरै का शोर मा नि अयां, अर बुल्ण वला का इन शब्द का संमणी नि अयां, जैका सुनण वलो ल बिनती कैरी, कि अब हम बट्टी और बात न किये जौं।
20
ऊंल यु बोलि किलैकि उ ईं आज्ञा तैं बर्दाश्त नि कैरी सकिनि कि पिता परमेश्वर ल ऊंकु बोलि, “जु कुई जानवर (गुरो) भि पोड तैं छवालो, त वे पर ढुगलयो किये जालो।”
21
अर उ दर्शन इन खतरनाक छो, इख तक कि मूसा ल भि बोलि, “मि भौत डरदु अर कंपदु छों।”
22
तुम सिय्योन डांडा पर अयां छा, जख स्वर्गीय यरूशलेम शहर च, जु ज्यून्दा परमेश्वर कु शहर च; अर जख लाखों स्वर्गदूत आनन्द-उत्सव मणौंदींनि,
23
तुम पिता परमेश्वर का पैला नौनों की सभा अर मण्डलि मा अयां छा, जु का नौं स्वर्ग मा लिख्यां छिनी; तुम अफी पिता परमेश्वर मा अयां छा, जु सभि चीजों पर न्याय कन वलो च, उ स्वर्ग मा धर्मी लुखुं की आत्मा छिनी जौं तैं अब सिद्ध बणये गै।
24
तुम यीशु मा अयां जु पिता परमेश्वर अर लुखुं तैं जुड़ण वली नई प्रतिज्ञा, अर छिड़कौ का वे ल्वे मा, जु हाबिल का ल्वे जन न्याय कु रूण का बजाय माफी की बात करद।
25
चौकस रावा, अर पिता परमेश्वर की बात सुनण से मना नि कैरा, किलैकि इस्राएल का लोग जब ऊंल मूसा की बात नि मांणी त पिता परमेश्वर ल ऊं तैं ईं बात की सजा दींनि, इलै यु हम कु और भि बुरो होलो जु हम पिता परमेश्वर तैं सुनण से इंकार करदां जु हम तैं स्वर्ग बट्टी चेतावनी दींद।
26
जब पिता परमेश्वर ल सीनै पोड मा बट्टी बोलि छो, त पिता परमेश्वर का शब्दों ल धरती तैं हिलये द्ये छो पर अब वेल यु वादा कैरी, “एक बार फिर मि धरती तैं बल्कि वे दगड़ी आसमान तैं भि हिलये दयुलु।”
27
अर यु वाक्य एक बार फिर ईं बात तैं दिखांद कि पिता परमेश्वर द्वारा बणईं चीज हिलये जाली अर हटै दे जाली; कि जु चीज हिलये नि जाली, उ हमेशा कु बंणि रौ।
28
इलै हम तैं जु राज्य मिली, उन ही हिलै जालो, हम तैं यांको पिता परमेश्वर कु आभारी हूंण चयणु च, जैका द्वारा हम भक्ति, अर डौर मांणी कै पिता परमेश्वर की इन आराधना कैरी साका जै बट्टी उ खुश हवे सकद।
29
किलैकि जन आग नष्ट कैरी दींदी, उन ही हमारो पिता परमेश्वर अपड़ा दुश्मनों तैं नाश कैरी दयालो।
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