bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
Revelation 10
Revelation 10
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 9
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 11 →
1
फिर मिल एक और शक्तिशाली स्वर्गदूत तैं एक बादल बट्टी घिरयूं स्वर्ग बट्टी उतरदी देखि; अर एक मेघधनुष वेका मुंड का चौ तरपां छो, अर वेको मुक सूरज का जन चमकणु छो अर वेका खुटा जगदा खम्बों का जन छा;
2
अर वेको दैंणों खुट्टों समुद्र पर रखे गै, अर वेको बंयो खुट्टों धरती पर रखे गै। वेका हथ मा एक छुटी सी किताब छै जु खुली छै।
3
अर वे स्वर्गदूत ल जोर से पुकारी के अर वेकी आवाज शेर का घुरांण का जन छै। जब उ चिल्लै, त सात तेज आवाजो ल वे तैं जवाब द्ये, जु गिड़गिड़ाहट की आवाज का जन छा।
4
जब सातों घुरांण का शब्द सुणै दींनि त मि लिखणु कु तैयार छो, पर मिल स्वर्ग बट्टी यु शब्द सूंणि, “जु घुरांण ल बोलि वे तैं छिपै के रख, अर नि लिख।”
5
जै स्वर्गदूत तैं मिल देखि, जु समुद्र अर धरती पर खड़ो छो;
6
अर जु हमेशा-हमेशा तक ज्यून्दो रौंदो, जैल आसमान, धरती अर समुद्र अर वेमा रौंण वली सब चीजों तैं बणै, वेका नौं पर सौ खै वेल बोलि के, “अब कै भि बात कु और जादा जग्वाल नि कन पुड़लो। अब उ सभि पूरी हवे जाली।”
7
वे बगत, जब सातवां स्वर्गदूत को शब्द दिनों मा, जब उ तुरै बजांण वलो होलो, त पिता परमेश्वर की व योजना वे शुभ सन्देश प्रचार का अनुसार पूरी हवे जाली जु वेल ऊं परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला लुखुं तैं बतै छै जु वेकी सेवा करदा छा पर दुसरा लुखुं तैं नि बतै।
8
तब मिल फिर से व आवाज सूंणि जैल स्वर्ग बट्टी मि बट्टी बात कैरी छै, वीं आवाज ल मि बट्टी बोलि, “जा, वीं किताब (चाम्रपत्र) तैं ले-ले जु स्वर्गदूत का हथ मा खुली च, जु समुद्र अर धरती पर खड़ो च।”
9
अर मिल स्वर्गदूत मा जै के बोलि, “य छुटी किताब मि तैं दे” अर वेल मि बट्टी बोलि, “ले, ईं तैं खा ले; यांको स्वाद शैत का जन मिठो, पर बाद मा यांको कड़वाहट बट्टी तेरु पुटगो दुखलो। इलै मिल व छुटी किताब ले लींनि जु स्वर्गदूत ल पकड़ी छै अर वीं तैं खै दींनि। अर सच मा यांको स्वाद शैत का जन मिठो छो, पर जब मिल यु तैं घूली दींनि, त मेरू पुटगो दुखण लगि गै।”
10
मि व छुटी किताब वे स्वर्गदूत का हथ बट्टी ले के खै दींनि। व मेरा गिचा मा शैत जन मिठी त लगि, पर जब मिल वे तैं खै दींनि, त मेरू पुटगो कड़ो हवे गै।
11
तब मि बट्टी यु बुलै गै, “अलग-अलग झुंड, जातियों अर देश का लुखुं, अर अलग-अलग भाषाओं तैं बुल्ण वला लुखुं तैं अर राजाओं तैं एक बार फिर से बता, जु पिता परमेश्वर त्वे तैं बतांणु कु बुल्द।”
← Chapter 9
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 11 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22